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अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा न मिलने पर बिफरे किसान
Updated Sat, 17 Jun 2017 12:55 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गन्नौर (सोनीपत)।
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद बड़ी एचएसआईआईडीसी द्वारा अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा न मिलने से रोषित किसानों ने शुक्रवार को एचएसआईआईडीसी कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ने की कोशिश की। भारी पुलिस बल की तैनाती से किसान गेट पर ताला नहीं लगा पाए। एचएसआईआईडीसी कार्यालय में डीएसपी आर्यन चौधरी, थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी पूनम चंदा ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान ताला जड़ने की जिद पर अड़े रहे। पुलिस ने सख्ती बरत किसानों को वहां से हटा दिया। डीएसपी आर्यन ने किसानों को समझाया कि हाईकोर्ट का आदेश है तो किसानों को पैसा ब्याज सहित मिलेगा। ऐसे में किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके बाद किसान शांत हुए और वापस धरने पर बैठ गए। शुक्रवार देर शाम तक किसान एवं पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद था।
मुआवजा मिलने तक जारी रहेगा धरना
धरने पर बैठे राजलूगढ़ी, लल्हेड़ी कलां, लल्हेड़ी खुर्द, गन्नौर व गढ़ी केसरी के किसानों ने बताया कि वर्ष 2007 में एचएसआईआईडीसी ने उनकी भूमि अधिग्रहण की थी। उस समय किसानों को केवल 30 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया था। किसान पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की शरण में गए थे। इस पर सुनवाई करते हुए उनकी जमीन का मुआवजा बढ़ाकर 60 लाख रुपये कर दिया, लेकिन कई माह बाद भी किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं मिला। किसान विपिन त्यागी, कर्मवीर राठी, राजेंद्र राठी, अरुण त्यागी, मेहर सिंह, राजेंद्र, बलवान, रामधन मलिक, सुरेश मलिक ने कहा कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा, किसानों का धरना जारी रहेगा।
किसानों को जरूर मिलेगी रॉयल्टी
तकनीकी खामियों के कारण किसानों की रॉयल्टी रुकी हुई थी, जो अब आ गई है। कई किसानों के खातों में भेजी भी गई है। किसानों को मुआवजा जरूर मिलेगा। किसानों से अपील है कि वे शांति बनाए रखें।
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- ऋषि चौहान, सहायक प्रबंधक, एचएसआईआईडीसी बड़ी
अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा न मिलने पर बिफरे किसान
एचएसआईआईडीसी बड़ी कार्यालय का ताला बंद करने की कोशिश
मौके पर मौजूद पुलिस बल ने किसानों को ताला लगाने से रोका
तीन घंटो की जद्दोजहद के बाद फिर धरने पर बैठे पांच गांवों के किसान
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गन्नौर (सोनीपत)।
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद बड़ी एचएसआईआईडीसी द्वारा अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा न मिलने से रोषित किसानों ने शुक्रवार को एचएसआईआईडीसी कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ने की कोशिश की। भारी पुलिस बल की तैनाती से किसान गेट पर ताला नहीं लगा पाए। एचएसआईआईडीसी कार्यालय में डीएसपी आर्यन चौधरी, थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी पूनम चंदा ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान ताला जड़ने की जिद पर अड़े रहे। पुलिस ने सख्ती बरत किसानों को वहां से हटा दिया। डीएसपी आर्यन ने किसानों को समझाया कि हाईकोर्ट का आदेश है तो किसानों को पैसा ब्याज सहित मिलेगा। ऐसे में किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके बाद किसान शांत हुए और वापस धरने पर बैठ गए। शुक्रवार देर शाम तक किसान एवं पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद था।
मुआवजा मिलने तक जारी रहेगा धरना
धरने पर बैठे राजलूगढ़ी, लल्हेड़ी कलां, लल्हेड़ी खुर्द, गन्नौर व गढ़ी केसरी के किसानों ने बताया कि वर्ष 2007 में एचएसआईआईडीसी ने उनकी भूमि अधिग्रहण की थी। उस समय किसानों को केवल 30 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया था। किसान पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की शरण में गए थे। इस पर सुनवाई करते हुए उनकी जमीन का मुआवजा बढ़ाकर 60 लाख रुपये कर दिया, लेकिन कई माह बाद भी किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा नहीं मिला। किसान विपिन त्यागी, कर्मवीर राठी, राजेंद्र राठी, अरुण त्यागी, मेहर सिंह, राजेंद्र, बलवान, रामधन मलिक, सुरेश मलिक ने कहा कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा, किसानों का धरना जारी रहेगा।
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किसानों को जरूर मिलेगी रॉयल्टी
तकनीकी खामियों के कारण किसानों की रॉयल्टी रुकी हुई थी, जो अब आ गई है। कई किसानों के खातों में भेजी भी गई है। किसानों को मुआवजा जरूर मिलेगा। किसानों से अपील है कि वे शांति बनाए रखें।
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- ऋषि चौहान, सहायक प्रबंधक, एचएसआईआईडीसी बड़ी
अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा न मिलने पर बिफरे किसान
एचएसआईआईडीसी बड़ी कार्यालय का ताला बंद करने की कोशिश
मौके पर मौजूद पुलिस बल ने किसानों को ताला लगाने से रोका
तीन घंटो की जद्दोजहद के बाद फिर धरने पर बैठे पांच गांवों के किसान