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हरियाणा में एक भी जगह सांस लेने लायक नहीं हवा, सोनीपत व बहादुरगढ़ में सबसे जहरीली
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हरियाणा में एक भी जगह सांस लेने लायक हवा नहीं, सोनीपत-बहादुरगढ़ में हवा सबसे जहरीली
अंकित चौहान
सोनीपत। जिस तरह से सर्दी बढ़ने के साथ ही कोहरा बढ़ रहा है, उसी तरह हरियाणा की हवा जहरीली होती जा रही है। हालात यह है कि हवा में प्रदूषण इस स्तर तक पहुंच गया जो प्रदेश में पराली जलाने के समय भी नहीं होता है। इस समय हरियाणा में एक भी जिला ऐसा नहीं बचा है, जहां की हवा सांस लेने लायक हो। इनमें भी सबसे ज्यादा जहरीली सोनीपत की हवा है तो बहादुरगढ़, गुरुग्राम व रोहतक के हालात भी काफी खराब हैं। प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले महेंद्रगढ़ की हवा फिर भी बेहतर है तो पंचकूला की हवा भी ज्यादा खराब नहीं है।
सर्दी शुरू होने के बाद पिछले दो दिन से कोहरा आया है तो इसमें भी कोहरा रविवार को ज्यादा रहा। जिसका बड़ा असर हवा की गुणवत्ता पर पड़ा है जो अचानक से पूरी तरह खराब हो गई है। जहां तीन दिन पहले तक एक्यूआई सामान्य तौर पर 375 तक चल रहा था, वह अचानक 500 पार कर गया है। यही कारण है कि प्रदेश में रविवार को सबसे ज्यादा प्रदूषण सोनीपत में रहा, जहां का एक्यूआई 502 था। वहीं महेंद्रगढ़ में अन्य जिलों के मुकाबले सबसे कम एक्यूआई 311 रहा। जबकि अन्य अधिकतर जिलों में एक्यूआई 400 के आसपास या उससे ज्यादा रहा। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी कहते हैं कि इस समय प्रदूषण पराली जलाने वाले समय से ज्यादा है, क्योंकि उस समय अधिकतर जिलों में 350-400 तक एक्यूआई था।
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प्रदूषण बढ़ने का यह है कारण
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी संदीप सिंह का कहना है कि इस समय हवा नहीं चल रही है और कोहरा भी काफी आ गया है। जिससे प्रदूषण के कण भारी हो जाते हैं जो ऊपर नहीं जा पाते है। वह कण नीचे होने के कारण प्रदूषण बढ़ गया है, जबकि हवा चलने पर वह उसके साथ ऊपर चले जाते हैं जो प्रदूषण को कम करता है।
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सांस व गले के रोग बढ़ने के साथ हार्टअटैक का खतरा
सिविल अस्पताल के डिप्टी मेडिकल सुपरीटेंडेंट डा. संदीप गहलावत ने बताया कि जिस तरह कोहरा आने से प्रदूषण बढ़ा है, उससे सांस व गले का रोग बढ़ सकता है। वहीं पहले से सांस के रोगियों को हार्टअटैक का खतरा होता है। ऐसे में कोहरा ज्यादा होने पर बाहर निकलने से बचा जाए और किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो मास्क लगाकर या मुंह पर कपड़ा बांधकर बाहर निकला जाए।
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इन पांच जिलों में सबसे ज्यादा प्रदूषण
जिला एक्यूआई
सोनीपत 502
बहादुरगढ़, झज्जर 500
गुरुग्राम 497
रोहतक 462
इन पांच जिलों में कम प्रदूषण
महेंद्रगढ़ 311
पंचकूला 313
सिरसा 334
अंबाला 339
फतेहाबाद 343
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अंकित चौहान
सोनीपत। जिस तरह से सर्दी बढ़ने के साथ ही कोहरा बढ़ रहा है, उसी तरह हरियाणा की हवा जहरीली होती जा रही है। हालात यह है कि हवा में प्रदूषण इस स्तर तक पहुंच गया जो प्रदेश में पराली जलाने के समय भी नहीं होता है। इस समय हरियाणा में एक भी जिला ऐसा नहीं बचा है, जहां की हवा सांस लेने लायक हो। इनमें भी सबसे ज्यादा जहरीली सोनीपत की हवा है तो बहादुरगढ़, गुरुग्राम व रोहतक के हालात भी काफी खराब हैं। प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले महेंद्रगढ़ की हवा फिर भी बेहतर है तो पंचकूला की हवा भी ज्यादा खराब नहीं है।
सर्दी शुरू होने के बाद पिछले दो दिन से कोहरा आया है तो इसमें भी कोहरा रविवार को ज्यादा रहा। जिसका बड़ा असर हवा की गुणवत्ता पर पड़ा है जो अचानक से पूरी तरह खराब हो गई है। जहां तीन दिन पहले तक एक्यूआई सामान्य तौर पर 375 तक चल रहा था, वह अचानक 500 पार कर गया है। यही कारण है कि प्रदेश में रविवार को सबसे ज्यादा प्रदूषण सोनीपत में रहा, जहां का एक्यूआई 502 था। वहीं महेंद्रगढ़ में अन्य जिलों के मुकाबले सबसे कम एक्यूआई 311 रहा। जबकि अन्य अधिकतर जिलों में एक्यूआई 400 के आसपास या उससे ज्यादा रहा। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी कहते हैं कि इस समय प्रदूषण पराली जलाने वाले समय से ज्यादा है, क्योंकि उस समय अधिकतर जिलों में 350-400 तक एक्यूआई था।
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प्रदूषण बढ़ने का यह है कारण
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी संदीप सिंह का कहना है कि इस समय हवा नहीं चल रही है और कोहरा भी काफी आ गया है। जिससे प्रदूषण के कण भारी हो जाते हैं जो ऊपर नहीं जा पाते है। वह कण नीचे होने के कारण प्रदूषण बढ़ गया है, जबकि हवा चलने पर वह उसके साथ ऊपर चले जाते हैं जो प्रदूषण को कम करता है।
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सांस व गले के रोग बढ़ने के साथ हार्टअटैक का खतरा
सिविल अस्पताल के डिप्टी मेडिकल सुपरीटेंडेंट डा. संदीप गहलावत ने बताया कि जिस तरह कोहरा आने से प्रदूषण बढ़ा है, उससे सांस व गले का रोग बढ़ सकता है। वहीं पहले से सांस के रोगियों को हार्टअटैक का खतरा होता है। ऐसे में कोहरा ज्यादा होने पर बाहर निकलने से बचा जाए और किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो मास्क लगाकर या मुंह पर कपड़ा बांधकर बाहर निकला जाए।
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इन पांच जिलों में सबसे ज्यादा प्रदूषण
जिला एक्यूआई
सोनीपत 502
बहादुरगढ़, झज्जर 500
गुरुग्राम 497
रोहतक 462
इन पांच जिलों में कम प्रदूषण
महेंद्रगढ़ 311
पंचकूला 313
सिरसा 334
अंबाला 339
फतेहाबाद 343
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