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Sonipat News: 18 सफाई कर्मियों को सेवा समाप्ति का नोटिस, विरोध जारी
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फोटो : सोनीपत के खरखौदा नपा कार्यालय में नोटिस दिखाकर विरोध दर्ज कराते सफाई कर्मी। संवाद
खरखौदा। नगर पालिका कार्यालय के गेट पर लंबे समय से धरना दे रहे 18 सफाई कर्मियों को सेवा समाप्ति के नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में कर्मचारियों पर सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने, हड़ताल में शामिल होने, अन्य कर्मचारियों को काम से रोकने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं।
नोटिस में कहा गया है कि कर्मचारियों की अनुपस्थिति से शहर में सफाई कार्य प्रभावित हुआ और बीमारी फैलने की आशंका बढ़ी है। इसमें हाईकोर्ट के 18 अगस्त के आदेश का हवाला देते हुए सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है। अंत में पालिका रोल पर कार्यरत कर्मियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश दिया गया है।
सफाई कर्मियों ने नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर सचिव से मुलाकात की और अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सभी कर्मचारियों को नोटिस नहीं दिए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा। कर्मियों ने कहा कि वे नोटिस जलाकर विरोध जताएंगे।
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पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेश प्रशिक्षण सचिव एवं एडवोकेट विनोद कटारिया ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर सफाई कर्मियों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों की लड़ाई न्याय और उनके भविष्य से जुड़ी है। उन्होंने कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
केवल वाल्मीकि समाज के सफाईकर्मियों को नोटिस देने का आरोप
सफाई कर्मी सीमा ने नोटिस का विरोध करते हुए कहा कि नगर पालिका के 19 कर्मचारियों में से 18 को ही नोटिस दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी कर्मचारी वाल्मीकि समाज से हैं, जबकि 19वें कर्मचारी को गैर-वाल्मीकि होने के कारण नोटिस नहीं दिया गया। उन्होंने प्रशासन से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
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नोटिस में कहा गया है कि कर्मचारियों की अनुपस्थिति से शहर में सफाई कार्य प्रभावित हुआ और बीमारी फैलने की आशंका बढ़ी है। इसमें हाईकोर्ट के 18 अगस्त के आदेश का हवाला देते हुए सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है। अंत में पालिका रोल पर कार्यरत कर्मियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश दिया गया है।
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सफाई कर्मियों ने नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर सचिव से मुलाकात की और अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सभी कर्मचारियों को नोटिस नहीं दिए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा। कर्मियों ने कहा कि वे नोटिस जलाकर विरोध जताएंगे।
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पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेश प्रशिक्षण सचिव एवं एडवोकेट विनोद कटारिया ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर सफाई कर्मियों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों की लड़ाई न्याय और उनके भविष्य से जुड़ी है। उन्होंने कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
केवल वाल्मीकि समाज के सफाईकर्मियों को नोटिस देने का आरोप
सफाई कर्मी सीमा ने नोटिस का विरोध करते हुए कहा कि नगर पालिका के 19 कर्मचारियों में से 18 को ही नोटिस दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी कर्मचारी वाल्मीकि समाज से हैं, जबकि 19वें कर्मचारी को गैर-वाल्मीकि होने के कारण नोटिस नहीं दिया गया। उन्होंने प्रशासन से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।