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कन्या कॉलेज को सरकार के अधीन करने की मांग, धरने पर महात्मा ज्योतिबा फूले संस्था के सदस्यों का समर्थन
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कन्या कॉलेज को सरकार के अधीन करने की मांग ने पकड़ा जोर
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। शहर के कन्या कॉलेज को सरकार के अधीन करने की मांग को लेकर प्रयास संस्था द्वारा दिया जा रहा धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान महात्मा ज्योतिबा फूले संस्था के सदस्य धरना स्थल पर पहुंचे और मांग का समर्थन किया।
संस्था के सदस्यों ने बताया कि लोगों ने वर्ष 1992 में सिर्फ राजकीय महाविद्यालय बनाने के लिए जमीन का दान दिया था। लेकिन कॉलेज को सरकार के अधीन करने की बजाय निजी संस्था के हाथों में चला गया। उन्होंने बताया कि जमीन दान करने वाले लोगों मे से कोई भी कॉलेज कमेटी का सदस्य नहीं है, इतना ही नहीं जिन्होंने कॉलेज को बनाया था, उनकी सदस्यता को भी खत्म कर दिया गया। अब हालात यह हैं कि जमीन दान करने वालों की लड़कियों को भी पैसे देकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है। ऐसे में लोगों ने यह मांग रखी कि जब तक कॉलेज सरकार अपने अधीन नहीं करती, तब तक समिति ही दानकर्ताओं के हर परिवार से बिना शुल्क के सदस्य बनाए ताकि वह कॉलेज के निर्णयों में अपनी भूमिका अदा कर सके। इस दौरान प्रयास संस्था प्रधान नवीन दहिया, कोच रामफल, मदन सैनी, राकेश सैनी, राजेंद्र दहिया, अनूप दहिया आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। शहर के कन्या कॉलेज को सरकार के अधीन करने की मांग को लेकर प्रयास संस्था द्वारा दिया जा रहा धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान महात्मा ज्योतिबा फूले संस्था के सदस्य धरना स्थल पर पहुंचे और मांग का समर्थन किया।
संस्था के सदस्यों ने बताया कि लोगों ने वर्ष 1992 में सिर्फ राजकीय महाविद्यालय बनाने के लिए जमीन का दान दिया था। लेकिन कॉलेज को सरकार के अधीन करने की बजाय निजी संस्था के हाथों में चला गया। उन्होंने बताया कि जमीन दान करने वाले लोगों मे से कोई भी कॉलेज कमेटी का सदस्य नहीं है, इतना ही नहीं जिन्होंने कॉलेज को बनाया था, उनकी सदस्यता को भी खत्म कर दिया गया। अब हालात यह हैं कि जमीन दान करने वालों की लड़कियों को भी पैसे देकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ रही है। ऐसे में लोगों ने यह मांग रखी कि जब तक कॉलेज सरकार अपने अधीन नहीं करती, तब तक समिति ही दानकर्ताओं के हर परिवार से बिना शुल्क के सदस्य बनाए ताकि वह कॉलेज के निर्णयों में अपनी भूमिका अदा कर सके। इस दौरान प्रयास संस्था प्रधान नवीन दहिया, कोच रामफल, मदन सैनी, राकेश सैनी, राजेंद्र दहिया, अनूप दहिया आदि मौजूद रहे।
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