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शहीदों की कुर्बानी को नहीं भूला सकता कोई भी देशवासी : प्रतीक्षा गोदारा
Updated Mon, 22 Oct 2018 01:01 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो,
सोनीपत। एसपी प्रतीक्षा गोदारा ने कहा कि शहीदों की कुर्बानी को कोई भी देशवासी भूला नहीं सकता। शहीदों की कुर्बानी के बलबूते ही हमारे देश की सीमाएं सुरक्षित है और हम चैन की नींद लेते हैं। शहीद को धर्म, जाति या क्षेत्र में नहीं बांटा जा सकता है। सभी को अपने अंदर शहीदों के प्रति सम्मान की भावना रखनी चाहिए।
वह रविवार को पुलिस लाइन में आयोजित हुए स्मरणोत्सव दिवस कार्यक्रम के अवसर पर बोल रही थी। कार्यक्रम का आयोजन ड्यूटी के दौरान अपने जीवन का बलिदान करने वाले पुलिस बल के शहीदों की याद में किया जाता है। पुलिस कर्मियों ने शहीदों को सम्मान देने के लिए दो मिनट का मौन भी रखा। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि 21 अक्टूबर, 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग नामक स्थान पर चीन के हमले का मुकाबला करते हुए 10 जवान शहीद हुए जो तृतीय एवं द्वितीय बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के थे। इसके बाद से ही जवानों को शहादत को याद करने के लिए प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मरण दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सेवाकाल के दौरान हरियाणा के 414 जवान शहीद हुए हैं।
एसपी ने कहा कि कर्तव्य की बलिवेदी पर प्राण न्यौछावर करने वाले सभी पुलिस कर्मियों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने का यही प्रयास होगा कि हम भी उनके पदचिन्हों पर चलते हुए देश की रक्षा करें। उन्होंने कहा कि उनका सच्चा मित्र वही जवान है जो अपना कार्य ईमानदारी एवं निष्पक्षता से करता है। ड्यूटी के दौरान पूरी सर्तकता बरतनी चाहिए। इस दौरान शहीदों की पत्नियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान डीएसपी मुख्यालय जितेंद्र कुमार, डीएसपी रविंद्र कुमार, हरिंद्र कुमार, संदीप मलिक मौजूद रहे।
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सोनीपत। एसपी प्रतीक्षा गोदारा ने कहा कि शहीदों की कुर्बानी को कोई भी देशवासी भूला नहीं सकता। शहीदों की कुर्बानी के बलबूते ही हमारे देश की सीमाएं सुरक्षित है और हम चैन की नींद लेते हैं। शहीद को धर्म, जाति या क्षेत्र में नहीं बांटा जा सकता है। सभी को अपने अंदर शहीदों के प्रति सम्मान की भावना रखनी चाहिए।
वह रविवार को पुलिस लाइन में आयोजित हुए स्मरणोत्सव दिवस कार्यक्रम के अवसर पर बोल रही थी। कार्यक्रम का आयोजन ड्यूटी के दौरान अपने जीवन का बलिदान करने वाले पुलिस बल के शहीदों की याद में किया जाता है। पुलिस कर्मियों ने शहीदों को सम्मान देने के लिए दो मिनट का मौन भी रखा। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि 21 अक्टूबर, 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग नामक स्थान पर चीन के हमले का मुकाबला करते हुए 10 जवान शहीद हुए जो तृतीय एवं द्वितीय बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के थे। इसके बाद से ही जवानों को शहादत को याद करने के लिए प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मरण दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सेवाकाल के दौरान हरियाणा के 414 जवान शहीद हुए हैं।
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एसपी ने कहा कि कर्तव्य की बलिवेदी पर प्राण न्यौछावर करने वाले सभी पुलिस कर्मियों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने का यही प्रयास होगा कि हम भी उनके पदचिन्हों पर चलते हुए देश की रक्षा करें। उन्होंने कहा कि उनका सच्चा मित्र वही जवान है जो अपना कार्य ईमानदारी एवं निष्पक्षता से करता है। ड्यूटी के दौरान पूरी सर्तकता बरतनी चाहिए। इस दौरान शहीदों की पत्नियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान डीएसपी मुख्यालय जितेंद्र कुमार, डीएसपी रविंद्र कुमार, हरिंद्र कुमार, संदीप मलिक मौजूद रहे।
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