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कोच व स्टाफ से छीनी मेडिकल सुविधा, नेशनल कैंप में दो लोग बीमार होने पर भटकते रहे, फेडरेशन ने कराया उपचार

Mon, 25 Feb 2019 01:10 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 25 Feb 2019 01:10 AM IST
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कोच व स्टाफ से छीनी मेडिकल सुविधा, नेशनल कैंप में दो लोग बीमार होने पर भटकते रहे, फेडरेशन ने कराया उपचार
कोच और स्टाफ से छीनी मेडिकल सुविधा, नेशनल कैंप में दो लोग बीमार होने पर भटकते रहे, फेडरेशन ने कराया
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अंकित चौहान
सोनीपत। सरकार भले ही खिलाड़ियों के साथ ही कोच की सुविधाएं बढ़ाने की बात करती हो, लेकिन यहां नेशनल कैंप में कोच व अन्य स्टाफ की मेडिकल सुविधा छीन ली गई है। मेडिकल सुविधा छीनते ही नेशनल कैंप में उसका असर नकारात्मक असर दिखने लगा और सोनीपत साई सेंटर में चल रहे कुश्ती के नेशनल कैंप में स्टाफ के दो लोग बीमार होने पर उपचार के लिए भटकते रहे। सोनीपत साई सेंटर का जिस हॉस्पिटल के साथ मेडिकल के लिए करार है, वहां जाने पर दोनों लोगों का उपचार करने से इंकार कर दिया गया। यह मामला रेसलिंग फेडरेशन के पास पहुंचा तो फेडरेशन ने दोनों का अपने खर्च से उपचार कराया।
सोनीपत के साई सेंटर में जिस खेल का नेशनल कैंप लगता है, उस कैंप में शामिल होने वाले खिलाड़ियों के साथ ही कोच व अन्य स्टाफ सदस्यों का मेडिकल का खर्च साई की ओर से उठाया जाता था। अगर कैंप के दौरान कोई खिलाड़ी, कोच व स्टाफ सदस्य बीमार होता था तो उसका उपचार उस अस्पताल में मुफ्त कराया जाता था जिसका साई सेंटर के साथ करार होता था। सोनीपत में एक निजी हॉस्पिटल के साथ भी साई सेंटर का करार है और अभी तक उस हॉस्पिटल में नेशनल कैंप में आने वाले खिलाड़ियों, कोच व अन्य स्टाफ का उपचार होता था। लेकिन अब साई ने कैंप में शामिल कोच व अन्य स्टाफ सदस्यों की मेडिकल सुविधा को छीन लिया है। साई के अधिकारियों ने कोच व अन्य स्टाफ सदस्यों को कहा है कि वह बीमार होते हैं तो वह अपने उस विभाग के सहारे उपचार कराए, जहां नौकरी करते हैं। अगर कोई रेलवे में नौकरी करता है तो उसे रेलवे के अस्पताल से उपचार कराना होगा और सेना में नौकरी है तो वहां उपचार कराना होगा। इस तरह कोच व अन्य स्टाफ सदस्य सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन उनकी ओर से आपत्ति जताई गई है कि कैंप में बीमार होने पर कोई रेलवे या सेना के अस्पताल में उपचार कराने कैसे जा सकता है।
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स्टाफ के दो सदस्य हुए बीमार, उपचार को भटकते रहे
सोनीपत के साई सेंटर में इस समय कुश्ती का नेशनल कैंप चल रहा है। जिसमें 43 पहलवान शामिल हैं तो तीन कोच के अलावा फिजियोथेरेपिस्ट, मसाजर व अन्य स्टाफ सदस्य शामिल हैं। साई का मेडिकल सुविधा नहीं देने का आदेश आने के बाद वहां दो दिन पहले ही स्टाफ के दो सदस्य बीमार हो गए। वह उपचार कराने के लिए सोनीपत के निजी हॉस्पिटल में पहुंचे, जिसके साथ साई का करार है। वहां यह कहते हुए उपचार करने से इंकार कर दिया गया कि साई ने कैंप में शामिल कोच व अन्य स्टाफ का उपचार करार के तहत करने से मना कर दिया है। इस कारण ही वह दोनों सदस्य दो दिन तक परेशान रहे और यह मामला रेसलिंग फेडरेशन तक पहुंचा। रेसलिंग फेडरेशन ने दिल्ली में दोनों का अपने खर्च पर उपचार कराया।
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साई की ओर से पांच दिन पहले ही एक पत्र आया है कि कैंप में शामिल कोच व अन्य स्टाफ को मेडिकल सुविधा साई की ओर से नहीं दी जाएगी। जिसमें कई चीजें साफ नहीं हो रही थीं कि आखिर इसका क्या कारण है और उनका उपचार कैसे होगा? उनको साफ करने के लिए साई मुख्यालय में पत्र लिखा गया है, जिसका जवाब अभी तक नहीं मिला है। वहां से जवाब मिलने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
-डीएस ठाकुर, साई के नेशनल कैंप इंचार्ज
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