{"_id":"5bccd5bebdec22695b779b1f","slug":"161540150718-sonipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बस अड्डे में बसें लावारिस होने से नुकसान का खतरा, 56 बसों को पुलिस लाइन में भेजा, बिजली कर्मी भी हड़ताल पर गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बस अड्डे में बसें लावारिस होने से नुकसान का खतरा, 56 बसों को पुलिस लाइन में भेजा, बिजली कर्मी भी हड़ताल पर गए
Updated Mon, 22 Oct 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। सरकार की ओर से निजी बसों के परमिट जारी करने के विरोध में चल रही रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के कारण सोनीपत बस अड्डा पूरी तरह से खाली हो गया है। क्योंकि बस अड्डे के सभी कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो गए हैं और वहां खड़ी बसें लावारिस हो गई हैं। इसलिए ही अधिकारियों ने बसों को नुकसान पहुंचाए जाने की आशंका जताई है और 56 बसों को सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस लाइन में भेज दिया गया है। बसों को पुलिस कर्मी बस अड्डे से खुद चलाकर पुलिस लाइन में लेकर पहुंचे। रोडवेज में भर्ती के तहत 14 नए ड्राइवरों को ज्वाइन कराया गया है। वहीं रविवार दोपहर रोडवेज कर्मियों ने मांगों को लेकर शहर में जुलूस निकाला। मंत्री कविता जैन व सांसद रमेश कौशिक के आवास पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसके अलावा बिजली कर्मी भी हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे आम लोगों के लिए परेशानी बढ़ती दिख रही है।
रोडवेज बसें छठें दिन भी नहीं चलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले में रविवार को अवकाश होने के कारण 30 स्कूली बसों को चलाया गया, जबकि 31 प्राइवेट बसें चलाई गईं। बसों का पूरी तरह संचालन नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोनीपत बस अड्डे के बाहर रोडवेज कर्मियों का धरना जारी रहा, जिसमें आप पार्टी के नेताओं ने समर्थन दिया। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विमल किशोर ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों व अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए रोडवेज का निजीकरण कर रही है। सरकार की ओर से पूंजीपतियों के हक में आए दिन फैसले कर रही है। भाजपा सरकार से हर वर्ग परेशान है। वहीं गोहाना बस अड्डे पर चल रहे रोडवेज कर्मियों के धरने पर स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया से जुड़े अध्यापकों ने समर्थन दिया। शिक्षकों ने कहा कि अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को नहीं माना तो वह भी आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
मंत्री-सांसद के आवास पर प्रदर्शन, सभी विभागों में हड़ताल की चेतावनी
रोडवेज कर्मचारियों ने मांगों को लेकर शहर में जुलूस निकाला। इसमें विभिन्न यूनियनों के कर्मचारी नेता भी शामिल हुए। यह जुलूस सोनीपत बस अड्डे से शुरू होकर गांधी चौक, सेक्टर-14 मार्केट होते हुए सेक्टर-15 स्थित कैबिनेट मंत्री कविता जैन के आवास पर पहुंचा। जहां कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद सेक्टर-14 स्थित सांसद रमेश कौशिक के आवास पर प्रदर्शन किया। सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव जयभगवान दहिया ने कहा कि छह दिन से रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर हैं। सरकार उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही। अगर सरकार ने जल्द ही रोडवेज कर्मियों की मांगों को नहीं माना तो सभी विभागों के कार्यालयों में भी हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन
हड़ताल के चलते 14 नए ड्राइवरों को ज्वाइन कराया
रोडवेज कर्मियों के हड़ताल पर जाने के बाद एचएसएससी की ओर से ईबीपीजी (आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग) कोटे के तहत ड्राइवरों को रिजल्ट जारी किया गया। इस कोर्ट के लिए नौकरियों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण दे रखा है। इसके बाद रविवार को बस अड्डे पर 14 नए ड्राइवर ज्वाइन करने पहुंचे। रविवार शाम तक परिवहन विभाग की ओर से नए ड्राइवरों को ज्वाइन कराया गया।
294 ने जमा कराए आवेदन
सोनीपत बस अड्डे पर आउटसोर्स चालक व परिचालक के आवेदन फार्म जमा कराने के लिए रविवार को भीड़ लगी रही। तीसरे दिन टिकट काउंटरों पर परिचालक पद के लिए 294 आवेदन जमा हुए। जिसमें से 20 आवेदन ठीक मिले। इस तरह चालक पद के लिए 58 फार्म जमा कराए गए। जिसमें से 15 आवेदन फार्म ठीक मिले।
बिजली कर्मियों ने भी समर्थन में कर दी हड़ताल
हरियाणा कर्मचारी महासंघ संबद्ध बिजली निगम कर्मचारी एसोसिएशन के जिला प्रधान हरपाल सिंह ने बताया कि रोडवेज कर्मचारी नेताओं की रविवार को अधिकारियों संग मीटिंग हुई थी। जिसमें किसी तरह का समाधान नहीं निकल सका है। इस कारण ही हरियाणा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर बिजली कर्मी भी हड़ताल पर जा रहे हैं। कहा कि यह हड़ताल रविवार की रात 10 बजे से शुरू हो गई है। इस कारण हरियाणा कर्मचारी महासंघ से जुड़े बिजली निगम का कोई भी कर्मी काम नहीं करेगा और वह पूरी तरह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।
वर्जन
सुरक्षा की दृष्टि से 56 बसों को बस अड्डे से पुलिस कर्मियों की मदद से पुलिस लाइन में शिफ्ट किया गया है। वहीं 14 नए ड्राइवरों को ज्वाइन किया गया। यात्रियों की सुविधा के लिए 61 बसें चलाई गई। जोगेंद्र सिंह रावल, जीएम रोडवेज
विज्ञापन
सोनीपत। सरकार की ओर से निजी बसों के परमिट जारी करने के विरोध में चल रही रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के कारण सोनीपत बस अड्डा पूरी तरह से खाली हो गया है। क्योंकि बस अड्डे के सभी कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो गए हैं और वहां खड़ी बसें लावारिस हो गई हैं। इसलिए ही अधिकारियों ने बसों को नुकसान पहुंचाए जाने की आशंका जताई है और 56 बसों को सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस लाइन में भेज दिया गया है। बसों को पुलिस कर्मी बस अड्डे से खुद चलाकर पुलिस लाइन में लेकर पहुंचे। रोडवेज में भर्ती के तहत 14 नए ड्राइवरों को ज्वाइन कराया गया है। वहीं रविवार दोपहर रोडवेज कर्मियों ने मांगों को लेकर शहर में जुलूस निकाला। मंत्री कविता जैन व सांसद रमेश कौशिक के आवास पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसके अलावा बिजली कर्मी भी हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे आम लोगों के लिए परेशानी बढ़ती दिख रही है।
रोडवेज बसें छठें दिन भी नहीं चलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले में रविवार को अवकाश होने के कारण 30 स्कूली बसों को चलाया गया, जबकि 31 प्राइवेट बसें चलाई गईं। बसों का पूरी तरह संचालन नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोनीपत बस अड्डे के बाहर रोडवेज कर्मियों का धरना जारी रहा, जिसमें आप पार्टी के नेताओं ने समर्थन दिया। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विमल किशोर ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों व अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए रोडवेज का निजीकरण कर रही है। सरकार की ओर से पूंजीपतियों के हक में आए दिन फैसले कर रही है। भाजपा सरकार से हर वर्ग परेशान है। वहीं गोहाना बस अड्डे पर चल रहे रोडवेज कर्मियों के धरने पर स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया से जुड़े अध्यापकों ने समर्थन दिया। शिक्षकों ने कहा कि अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को नहीं माना तो वह भी आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
विज्ञापन
मंत्री-सांसद के आवास पर प्रदर्शन, सभी विभागों में हड़ताल की चेतावनी
रोडवेज कर्मचारियों ने मांगों को लेकर शहर में जुलूस निकाला। इसमें विभिन्न यूनियनों के कर्मचारी नेता भी शामिल हुए। यह जुलूस सोनीपत बस अड्डे से शुरू होकर गांधी चौक, सेक्टर-14 मार्केट होते हुए सेक्टर-15 स्थित कैबिनेट मंत्री कविता जैन के आवास पर पहुंचा। जहां कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इसके बाद सेक्टर-14 स्थित सांसद रमेश कौशिक के आवास पर प्रदर्शन किया। सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव जयभगवान दहिया ने कहा कि छह दिन से रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर हैं। सरकार उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही। अगर सरकार ने जल्द ही रोडवेज कर्मियों की मांगों को नहीं माना तो सभी विभागों के कार्यालयों में भी हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन
हड़ताल के चलते 14 नए ड्राइवरों को ज्वाइन कराया
रोडवेज कर्मियों के हड़ताल पर जाने के बाद एचएसएससी की ओर से ईबीपीजी (आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग) कोटे के तहत ड्राइवरों को रिजल्ट जारी किया गया। इस कोर्ट के लिए नौकरियों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण दे रखा है। इसके बाद रविवार को बस अड्डे पर 14 नए ड्राइवर ज्वाइन करने पहुंचे। रविवार शाम तक परिवहन विभाग की ओर से नए ड्राइवरों को ज्वाइन कराया गया।
294 ने जमा कराए आवेदन
सोनीपत बस अड्डे पर आउटसोर्स चालक व परिचालक के आवेदन फार्म जमा कराने के लिए रविवार को भीड़ लगी रही। तीसरे दिन टिकट काउंटरों पर परिचालक पद के लिए 294 आवेदन जमा हुए। जिसमें से 20 आवेदन ठीक मिले। इस तरह चालक पद के लिए 58 फार्म जमा कराए गए। जिसमें से 15 आवेदन फार्म ठीक मिले।
बिजली कर्मियों ने भी समर्थन में कर दी हड़ताल
हरियाणा कर्मचारी महासंघ संबद्ध बिजली निगम कर्मचारी एसोसिएशन के जिला प्रधान हरपाल सिंह ने बताया कि रोडवेज कर्मचारी नेताओं की रविवार को अधिकारियों संग मीटिंग हुई थी। जिसमें किसी तरह का समाधान नहीं निकल सका है। इस कारण ही हरियाणा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर बिजली कर्मी भी हड़ताल पर जा रहे हैं। कहा कि यह हड़ताल रविवार की रात 10 बजे से शुरू हो गई है। इस कारण हरियाणा कर्मचारी महासंघ से जुड़े बिजली निगम का कोई भी कर्मी काम नहीं करेगा और वह पूरी तरह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।
वर्जन
सुरक्षा की दृष्टि से 56 बसों को बस अड्डे से पुलिस कर्मियों की मदद से पुलिस लाइन में शिफ्ट किया गया है। वहीं 14 नए ड्राइवरों को ज्वाइन किया गया। यात्रियों की सुविधा के लिए 61 बसें चलाई गई। जोगेंद्र सिंह रावल, जीएम रोडवेज