फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   निगम ने दो साल पहले लगाए 200 से ज्यादा प्रगणक, दो महीने काम कराया, अब 12 लाख रुपये दबाए

निगम ने दो साल पहले लगाए 200 से ज्यादा प्रगणक, दो महीने काम कराया, अब 12 लाख रुपये दबाए

Tue, 16 Jan 2018 01:36 AM IST
Updated Tue, 16 Jan 2018 01:36 AM IST
विज्ञापन
निगम ने दो साल पहले लगाए 200 से ज्यादा प्रगणक, दो महीने काम कराया, अब 12 लाख रुपये दबाए
निगम ने दो साल पहले लगाए 200 से ज्यादा प्रगणक, दो महीने काम कराया, अब 12 लाख रुपये दबाए
विज्ञापन

प्रदीप कौशिक
सोनीपत। नगर निगम क्षेत्र का राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर अपडेट करने के लिए दो साल पहले कई विभागों से 200 से ज्यादा कर्मियों को नगर निगम ने प्रगणक लगाया था। उन प्रगणकों ने नगर निगम क्षेत्र के हर मोहल्ले व गांवों में घर-घर जाकर जनसंख्या रजिस्टर को अपडेट किया था। उसके बाद नगर निगम ने अभी तक प्रगणकों को मानदेय नहीं दिया और इनके लगभग 12 लाख रुपये दबाकर बैठ गया। नगर निगम की अनदेखी के कारण प्रगणक अपने रुपये लेने के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) अपडेट करने के लिए फरवरी 2016 में नगर निगम ने 200 से ज्यादा कर्मियों को प्रगणक लगाया था। इसके लिए नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया था। जिन्होंने एनपीआर अपडेट करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों, आशा, आंगनबाड़ी वर्करों, शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देकर प्रगणक नियुक्त किया था। उस नियुक्ति पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया था कि एनपीआर को अपडेट करने पर उनको एक रजिस्टर के 1500 रुपये के हिसाब से मानदेय की दिया जाएगा। उसके बाद सभी कर्मियों ने दो माह तक एनपीआर अपडेट करने के लिए काम किया।
विज्ञापन

प्रगणकों ने घर-घर जाकर किया था सर्वे
एनपीआर अपडेट करने के लिए जिन परिवारों के नाम 2011 के जनसंख्या रजिस्टर में दर्ज नहीं हुए थे, उनके नाम जोड़े गए। इसके साथ सभी परिवारों की नई जानकारी अपडेट की गई थी। इसके लिए सभी प्रगणकों की ओर से हर वार्ड और निगम में शामिल गांवों के सभी घरों में जाकर सर्वे किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

दो बार आयुक्त को दी शिकायत, अभी तक कोई समाधान नहीं
एनपीआर अपडेट करने का मानदेय देने के लिए दो साल में कर्मचारी दो बार नगर निगम आयुक्त को भी शिकायत दे चुके हैं। उसके बावजूद किसी भी वर्कर को 1500 रुपये प्रति रजिस्टर के हिसाब से मानदेय नहीं मिल पाया है और निगम पर प्रगणकों का लगभग 12 लाख रुपये बकाया है। क्योंकि सभी प्रगणकों को चार-चार रजिस्टर पूरे करने के लिए दिए गए थे और इस तरह एक प्रगणक के लगभग 6 हजार रुपये बनते हैं। नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा वर्करों को भुगतना पड़ रहा है और मानदेय लेने के लिए वर्कर निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे है।
वर्जन
एनपीआर अपडेट के लिए बजट सरकार की ओर से जारी किया जाता है। वे इसके लिए जल्द ही लेखा अधिकारी से बात करेंगे। सभी प्रगणकों को मानदेय दिया जाएगा।
-विनोद नेहरा, कार्यकारी अधिकारी नगर निगम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed