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दुर्गा कालोनी में शुरू हुई जमीन की पैमाइश, सहमे कालोनीवासी
Updated Sat, 17 Jun 2017 12:49 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे के गोल चक्र निर्माण के बीच में आ रही गांव बढ़मलिक की दुर्गा कालोनी के लोग फिर से सहम गए। शुक्रवार को एचएसआईआईडीसी के अधिकारी और कर्मी यहां मकानों व गलियों की पैमाइश करने पहुंचे थे। पैमाइश करने के लिए पहुंचे अधिकारियों व कर्मियों को देखते ही कालोनीवासी एकत्र हो गए और विरोध जताया। उनकी मांग थी कि प्रशासन उन्हें उजाड़ने से पहले बसाने के लिए पहल करे। कालोनीवासियों को डर सता रहा है कि प्रशासन किसी भी समय उनके मकानों को ध्वस्त करने के लिए अमला लेकर पहुंच सकता है।
निर्माणाधीन केएमपी के गोल चक्र के लिए स्लिप रोड बनाया जाना है। स्लिप रोड के घेरे में दुर्गा कालोनी के करीब 22 मकान आ रहे हैं, जिन्हें हटाया जाना है। वहीं, अधिग्रहण की प्रक्रिया के करीब 10 वर्ष बाद भी दुर्गा कालोनीवासी प्रशासन की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि उन्हें पास ही खाली पड़ी जमीन पर बदले में प्लाट दे दिए जाएं, ताकि वे वहां मकान बना लें और उजड़ने से बच सकें। पिछले दिनों कालोनीवासियों का एक दल डीसी व एसडीएम से मिला था। उन्होंने सीएम के नाम ज्ञापन भेजा था, लेकिन फिलहाल कोई हल नहीं निकला है। शुक्रवार को एचएसआईआईडीसी के मैनेजर जसबीर देशवाल के नेतृत्व में अधिकारी व कर्मचारी दुर्गा कालोनी में मकानों व गलियों की नपाई करने गए थे।
प्रशासन नहीं कर रहा व्यवस्था, मामला कोर्ट में
कॉलोनीवासी राजेश यादव व मास्टर सतबीर सिंह ने बताया कि अधिग्रहण के बाद से वह प्रशासन से उनके लिए किसी अन्य जगह पर मकान बनवाकर देने की मांग करते आ रहे हैं। उन्होंने मुआवजा भी नहीं उठाया है। प्रशासन और सरकार के नुमाइंदे हर बार उन्हें महज आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन मसले का हल नहीं हुआ है। वहीं, प्रशासन द्वारा सुनवाई न किए जाने से पिछले दिनों वह कोर्ट में गए थे, जहां मामला विचाराधीन है।
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कालोनी में रहते हैं ज्यादातर प्रवासी
कालोनी के जो 22 मकान केएमपी के दायरे में आए हैं, उनमें रह रहे ज्यादातर निवासी यूपी व बिहार से आकर लंबे समय से यहां रह रहे हैं। कुछ ने अपनी वर्षों की कमाई से 50 या 100 गज के प्लॉट लेकर आशियाना बनाया था। अब जब भी यहां अधिकारी कोई कार्रवाई करने पहुंचते हैं तो कालोनीवासी सहम जाते हैं। उन्हें डर है कि किसी भी समय प्रशासन का पीला पंजा उनके मकानों पर चल सकता है।
केएमपी के स्लिप रोड का काम शुरू होना है। ऐसे में दुर्गा कालोनी से कई मकानों को हटाया जाना है। इसी को लेकर शुक्रवार को नपाई का काम किया गया है। इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजनी है।
जसबीर देशवाल, मैनेजर, एचएसआईआईडीसी, राई।
दुर्गा कालोनी में शुरू हुई जमीन की पैमाइश, सहमे कालोनीवासी
एचएसआईआईडीसी के कर्मी और अधिकारी पहुंचे पैमाइश करने
केएमपी एक्सप्रेस-वे के गोल चक्र निर्माण के बीच में आ रही कालोनी
22 मकानों की जगह बनाया जाना है स्लिप रोड
कालोनीवासियों ने कहा उजाड़ने से पहले बसाने की पहल करे प्रशासन
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सोनीपत।
कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे के गोल चक्र निर्माण के बीच में आ रही गांव बढ़मलिक की दुर्गा कालोनी के लोग फिर से सहम गए। शुक्रवार को एचएसआईआईडीसी के अधिकारी और कर्मी यहां मकानों व गलियों की पैमाइश करने पहुंचे थे। पैमाइश करने के लिए पहुंचे अधिकारियों व कर्मियों को देखते ही कालोनीवासी एकत्र हो गए और विरोध जताया। उनकी मांग थी कि प्रशासन उन्हें उजाड़ने से पहले बसाने के लिए पहल करे। कालोनीवासियों को डर सता रहा है कि प्रशासन किसी भी समय उनके मकानों को ध्वस्त करने के लिए अमला लेकर पहुंच सकता है।
निर्माणाधीन केएमपी के गोल चक्र के लिए स्लिप रोड बनाया जाना है। स्लिप रोड के घेरे में दुर्गा कालोनी के करीब 22 मकान आ रहे हैं, जिन्हें हटाया जाना है। वहीं, अधिग्रहण की प्रक्रिया के करीब 10 वर्ष बाद भी दुर्गा कालोनीवासी प्रशासन की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि उन्हें पास ही खाली पड़ी जमीन पर बदले में प्लाट दे दिए जाएं, ताकि वे वहां मकान बना लें और उजड़ने से बच सकें। पिछले दिनों कालोनीवासियों का एक दल डीसी व एसडीएम से मिला था। उन्होंने सीएम के नाम ज्ञापन भेजा था, लेकिन फिलहाल कोई हल नहीं निकला है। शुक्रवार को एचएसआईआईडीसी के मैनेजर जसबीर देशवाल के नेतृत्व में अधिकारी व कर्मचारी दुर्गा कालोनी में मकानों व गलियों की नपाई करने गए थे।
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प्रशासन नहीं कर रहा व्यवस्था, मामला कोर्ट में
कॉलोनीवासी राजेश यादव व मास्टर सतबीर सिंह ने बताया कि अधिग्रहण के बाद से वह प्रशासन से उनके लिए किसी अन्य जगह पर मकान बनवाकर देने की मांग करते आ रहे हैं। उन्होंने मुआवजा भी नहीं उठाया है। प्रशासन और सरकार के नुमाइंदे हर बार उन्हें महज आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन मसले का हल नहीं हुआ है। वहीं, प्रशासन द्वारा सुनवाई न किए जाने से पिछले दिनों वह कोर्ट में गए थे, जहां मामला विचाराधीन है।
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कालोनी में रहते हैं ज्यादातर प्रवासी
कालोनी के जो 22 मकान केएमपी के दायरे में आए हैं, उनमें रह रहे ज्यादातर निवासी यूपी व बिहार से आकर लंबे समय से यहां रह रहे हैं। कुछ ने अपनी वर्षों की कमाई से 50 या 100 गज के प्लॉट लेकर आशियाना बनाया था। अब जब भी यहां अधिकारी कोई कार्रवाई करने पहुंचते हैं तो कालोनीवासी सहम जाते हैं। उन्हें डर है कि किसी भी समय प्रशासन का पीला पंजा उनके मकानों पर चल सकता है।
केएमपी के स्लिप रोड का काम शुरू होना है। ऐसे में दुर्गा कालोनी से कई मकानों को हटाया जाना है। इसी को लेकर शुक्रवार को नपाई का काम किया गया है। इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजनी है।
जसबीर देशवाल, मैनेजर, एचएसआईआईडीसी, राई।
दुर्गा कालोनी में शुरू हुई जमीन की पैमाइश, सहमे कालोनीवासी
एचएसआईआईडीसी के कर्मी और अधिकारी पहुंचे पैमाइश करने
केएमपी एक्सप्रेस-वे के गोल चक्र निर्माण के बीच में आ रही कालोनी
22 मकानों की जगह बनाया जाना है स्लिप रोड
कालोनीवासियों ने कहा उजाड़ने से पहले बसाने की पहल करे प्रशासन