{"_id":"68d967c32e87b5c75a045613","slug":"1100-women-took-out-kalash-yatra-on-bhagwat-katha-sonipat-news-c-197-1-snp1003-143013-2025-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: भागवत कथा पर 1100 महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: भागवत कथा पर 1100 महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा
Sun, 28 Sep 2025 10:22 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 28 Sep 2025 10:22 PM IST
विज्ञापन
फोटो 10: सोनीपत के खरखौदा शहर में श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर निकाली गई कलश यात्रा में शामिल
खरखौदा। जयनारायण धर्मशाला में रविवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर ठाकुरजी की रसोई संस्था की ओर से निकाली गई कलश यात्रा में 1100 महिलाओं ने भाग लिया। शहरवासियों ने इसमे शामिल होकर इसे सबसे बड़ी कलश यात्रा बना दिया।
यात्रा का शुभारंभ विधायक पवन खरखौदा ने किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा का स्वागत किया। आयोजन में गरीब कल्याण संस्था, शक्ति ठेकेदार, एक लक्ष्य केवल सेवा से धम्मल फौजी सहित कई सामाजिक संगठनों ने सहभागिता की।
कथा व्यास भक्ति प्रसाद विष्णु गोस्वामी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा ऐसी कथा है जो जीवन के उद्देश्य एवं दिशा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है जब इसे हम अपने जीवन और व्यवहार में धारण करें।
विज्ञापन
श्रीमद्भागवत कथा सुनने से जन्म-जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 5 अक्तूबर तक प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक जय नारायण धर्मशाला में किया जाएगा। 5 अक्तूबर को दोपहर 1 बजे भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाएगी। रथयात्रा के बाद भंडारा लगाया जाएगा।
विज्ञापन
यात्रा का शुभारंभ विधायक पवन खरखौदा ने किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा का स्वागत किया। आयोजन में गरीब कल्याण संस्था, शक्ति ठेकेदार, एक लक्ष्य केवल सेवा से धम्मल फौजी सहित कई सामाजिक संगठनों ने सहभागिता की।
विज्ञापन
कथा व्यास भक्ति प्रसाद विष्णु गोस्वामी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा ऐसी कथा है जो जीवन के उद्देश्य एवं दिशा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है जब इसे हम अपने जीवन और व्यवहार में धारण करें।
विज्ञापन
श्रीमद्भागवत कथा सुनने से जन्म-जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 5 अक्तूबर तक प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक जय नारायण धर्मशाला में किया जाएगा। 5 अक्तूबर को दोपहर 1 बजे भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाएगी। रथयात्रा के बाद भंडारा लगाया जाएगा।