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Sirsa News: आठ वर्ष बाद भी 5 लाख के इनामी आदित्य इंसां को क्यों नहीं तलाश पाई पुलिस
Mon, 07 Apr 2025 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 07 Apr 2025 11:43 PM IST
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आदित्य इंसां
सिरसा। हाईप्रोफाइल डेरा प्रकरण मामले में मुख्य आरोपी वांछित आदित्य इंसां की तलाश ठंडे बस्ते में चली गई है। आदित्य को लापता हुए आठ साल से अधिक समय हो चुका हैं, लेकिन सिरसा पुलिस उसका कोई सुराग नहीं लगा पाई। पुलिस ने उसके ऊपर पांच लाख का इनाम घोषित किया हुआ है।
पुलिस आदित्य इंसां को हिंसा का मुख्य आरोपी मानती है। आरोप है कि उसने ही हिंसा की साजिश रची थी। जिसके चलते 25 अगस्त 2017 को सिरसा व पंचकूला में हिंसा हुई। वर्ष 2019 तक तो पुलिस आदित्य के ठिकानों पर लगातार दबिश देती रही और घरवालों से उसके संबंध में पूछताछ भी की। परिजन हर बार यही कहते हैं कि उन्हें नहीं पता आदित्य कहां है। आदित्य के परिजन स्वयं चाहते हैं कि पुलिस जल्द से जल्द उसकी तलाश करे। लेकिन पिछले एक साल से पुलिस ने आदित्य की तलाश में दिलचस्पी लेना छोड़ दिया। ये भी नहीं बताया जाता कि पिछले पांच साल में पुलिस तलाश में कहां-कहां गई। आदित्य के अलावा इस मामले में सात अन्य आरोपी भी वांछित हैं। इनके ऊपर भी एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है।
चार्ज फ्रेम को लेकर बहस में पुलिस की हुई थी फजीहत
डेरा प्रकरण मामले में सिरसा सत्र न्यायालय आरोपियों पर से देशद्रोह की धारा हटा चुका है। सिरसा सत्र न्यायालय ने फरवरी 2020 को आरोपियों के ऊपर से देशद्रोह व धारा 307 हटाते हुए कहा था कि आरोपियों पर पुलिस द्वारा लगाई गई उक्त धाराओं का कोई ठोस आधार नहीं बनता। देशद्रोह की धारा 124-ए के संबंध में न्यायालय ने कहा कि इस संबंध में गृह मंत्रालय से मंजूरी नहीं ली गई थी। धारा 307 के संबंध में न्यायालय का कहना है कि इस मामले के प्रासंगिक तथ्यों के अनुसार भीड़ ने पुलिस कर्मचारियों पर पथराव किया और फायरिंग भी की। जिससे पुलिस कर्मचारियों को चोटें आई, लेकिन फाइल में चिकित्सा अधिकारी की फायर आर्म के संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं है, फाइल में ये भी नहीं लिखा कि जो चोट आई है वो जीवन के लिए खतरनाक है। पूरी फाइल देखकर ऐसा लगता है कि आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर केवल हमला किया। ऐसे में ये मामला धारा 188, 147, 148, 149, 435, 332, 353, 186, 120-बी, 109 आईपीसी के तहत और सभी आरोपियों के खिलाफ 25/54/59 आर्म्स एक्ट का बनता है।
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जबकि हिंसा के बाद सिरसा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 188, 147, 148, 149, 307, 124-ए, 435, 332, 353, 186, 120-बी, 109 आईपीसी और 25/54/59 आर्म्स एक्ट, पुलिस स्टेशन सिटी दर्ज किया गया था। यह केस कीर्ति नगर चौकी प्रभारी एएसआई शैलेंद्र कुमार की शिकायत पर दर्ज हुआ था। संगीन धाराएं हटने के बाद ये मामला सत्र न्यायालय से सीजीएम कोर्ट में भेज दिया गया। अब इस केस की सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।
कोर्ट का फैसला आते ही भड़की थी हिंसा
बता दें कि 25 अगस्त 2017 को साध्वी यौन शोषण मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी कर दिया था। कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद सिरसा व पंचकूला में हिंसा हुई। हिंसा के दौरान सैकड़ों वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। सिरसा में बेगू बिजली घर और वीटा मिल्क प्लांट में पेट्रोल बम फेंककर आग लगा दी गई। इसके बाद पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई।
डीएसपी बोले-मुझे नहीं पता
मुझे क्या पता, आठ साल हो गए इस बात को। मैं डीएसपी हेडक्वार्टर हूं इसका मतलब ये नहीं कि मुझे सारे जिले की जानकारी होती है। इस मामले की मौजूदा स्थिति के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।
आदर्श दीप सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर सिरसा।
लापता आदित्य इंसां के बारे में अभी तक कोई सुराग पुलिस को नहीं मिला है। पुलिस की ओर से तलाश करने की पूरी कोशिश की जा रही है। आरोपी के संबंध में कोई सूचना मिलती है तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी।
संदीप कुमार, सदर थाना प्रभारी सिरसा।
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पुलिस आदित्य इंसां को हिंसा का मुख्य आरोपी मानती है। आरोप है कि उसने ही हिंसा की साजिश रची थी। जिसके चलते 25 अगस्त 2017 को सिरसा व पंचकूला में हिंसा हुई। वर्ष 2019 तक तो पुलिस आदित्य के ठिकानों पर लगातार दबिश देती रही और घरवालों से उसके संबंध में पूछताछ भी की। परिजन हर बार यही कहते हैं कि उन्हें नहीं पता आदित्य कहां है। आदित्य के परिजन स्वयं चाहते हैं कि पुलिस जल्द से जल्द उसकी तलाश करे। लेकिन पिछले एक साल से पुलिस ने आदित्य की तलाश में दिलचस्पी लेना छोड़ दिया। ये भी नहीं बताया जाता कि पिछले पांच साल में पुलिस तलाश में कहां-कहां गई। आदित्य के अलावा इस मामले में सात अन्य आरोपी भी वांछित हैं। इनके ऊपर भी एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है।
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चार्ज फ्रेम को लेकर बहस में पुलिस की हुई थी फजीहत
डेरा प्रकरण मामले में सिरसा सत्र न्यायालय आरोपियों पर से देशद्रोह की धारा हटा चुका है। सिरसा सत्र न्यायालय ने फरवरी 2020 को आरोपियों के ऊपर से देशद्रोह व धारा 307 हटाते हुए कहा था कि आरोपियों पर पुलिस द्वारा लगाई गई उक्त धाराओं का कोई ठोस आधार नहीं बनता। देशद्रोह की धारा 124-ए के संबंध में न्यायालय ने कहा कि इस संबंध में गृह मंत्रालय से मंजूरी नहीं ली गई थी। धारा 307 के संबंध में न्यायालय का कहना है कि इस मामले के प्रासंगिक तथ्यों के अनुसार भीड़ ने पुलिस कर्मचारियों पर पथराव किया और फायरिंग भी की। जिससे पुलिस कर्मचारियों को चोटें आई, लेकिन फाइल में चिकित्सा अधिकारी की फायर आर्म के संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं है, फाइल में ये भी नहीं लिखा कि जो चोट आई है वो जीवन के लिए खतरनाक है। पूरी फाइल देखकर ऐसा लगता है कि आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर केवल हमला किया। ऐसे में ये मामला धारा 188, 147, 148, 149, 435, 332, 353, 186, 120-बी, 109 आईपीसी के तहत और सभी आरोपियों के खिलाफ 25/54/59 आर्म्स एक्ट का बनता है।
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जबकि हिंसा के बाद सिरसा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 188, 147, 148, 149, 307, 124-ए, 435, 332, 353, 186, 120-बी, 109 आईपीसी और 25/54/59 आर्म्स एक्ट, पुलिस स्टेशन सिटी दर्ज किया गया था। यह केस कीर्ति नगर चौकी प्रभारी एएसआई शैलेंद्र कुमार की शिकायत पर दर्ज हुआ था। संगीन धाराएं हटने के बाद ये मामला सत्र न्यायालय से सीजीएम कोर्ट में भेज दिया गया। अब इस केस की सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।
कोर्ट का फैसला आते ही भड़की थी हिंसा
बता दें कि 25 अगस्त 2017 को साध्वी यौन शोषण मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दोषी कर दिया था। कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद सिरसा व पंचकूला में हिंसा हुई। हिंसा के दौरान सैकड़ों वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। सिरसा में बेगू बिजली घर और वीटा मिल्क प्लांट में पेट्रोल बम फेंककर आग लगा दी गई। इसके बाद पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई।
डीएसपी बोले-मुझे नहीं पता
मुझे क्या पता, आठ साल हो गए इस बात को। मैं डीएसपी हेडक्वार्टर हूं इसका मतलब ये नहीं कि मुझे सारे जिले की जानकारी होती है। इस मामले की मौजूदा स्थिति के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।
आदर्श दीप सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर सिरसा।
लापता आदित्य इंसां के बारे में अभी तक कोई सुराग पुलिस को नहीं मिला है। पुलिस की ओर से तलाश करने की पूरी कोशिश की जा रही है। आरोपी के संबंध में कोई सूचना मिलती है तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी।
संदीप कुमार, सदर थाना प्रभारी सिरसा।