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Sirsa News: अबूबशहर में गर्भवती महिला की मौत मामले के तीन कर्मचारी मिले दोषी, कार्रवाई के विरोध में उतरे कर्मचारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 May 2023 11:07 PM IST
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Three employees found guilty in the death of a pregnant woman in Abubshahr, the employees protested against the action
सिरसा। डबवाली के अबूबशहर निवासी गर्भवती महिला की मौत मामले में जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय की टीम ने तीन कर्मचारियों को दोषी ठहराया है। जिसके पश्चात उन पर कार्रवाई किए जाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है। ऐसे में एनएचएम के तहत लगे कर्मचारियों ने लघु सचिवालय में पहुंचकर आरोपी ठहराए गए कर्मचारियों का समर्थन किया और कार्रवाई न किए जाने की मांग की ।
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वहीं एनएचएम कर्मचारियों ने ज्ञापन में कहा है कि अबूबशहर निवासी विद्या देवी पत्नी सुनील कुमार की 30 दिसंबर 2022 को जयपुर के अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। प्रदेश मुख्यालय से जांच हेतु 6 जनवरी 2023 को गांव अबूबशहर में आई टीम ने एचडब्ल्यूसी अबूबशहर के सीएचओ डॉ. गौतम, एएनएम सरोज व एसडीएच डबवाली की स्टाफ नर्स रीना को बीपी सही ढंग से चेक न करने का दोषी माना है और तीनों के खिलाफ कार्यवाही का निर्देश दिया है। एनएचएम कर्मचारियों का कहना है कि एएनएम पिछले 17 वर्षों से पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी कर रही है। विद्या देवी के चारों एनएनसी चेकअप एएनएम सरोज द्वारा किए गए और सभी चेकअप में बीपी समेत सभी जरूरी टेस्ट एरिया की आशा वर्कर की उपस्थिति में हुए।
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जिलास्तर पर सिविल सर्जन की ओर गठित की गई कमेटी में उक्त तीनों कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटी में कोई लापरवाही नहीं बरती है। जांच टीम द्वारा किसी भी कर्मचारी को दोषी नहीं माना गया। सिविल सर्जन सिरसा द्वारा मुख्यालय में भेजी अपनी रिपोर्ट में उपरोक्त किसी भी कर्मचारी को दोषी नहीं माना है।
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यह था मामला
बता दें कि अबूबशहर निवासी गर्भवती महिला की डिलीवरी के दौरान वह चौटाला में स्थित स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल हुई। यहां पर उसकी डिलीवरी होने के बाद शिशु को डबवाली और इसके पश्चात सिरसा रेफर किया गया। लेकिन उनकी मौत हो गई। जिसके पश्चात डबवाली के चौटाला गांव में कई दिनों तक आंदोलन भी चला। ऐसे गर्भवती महिला का स्वास्थ्य भी खराब हो गया। जिसे डबवाली से सिरसा और इसके पश्चात अग्रोहा रेफर किया गया। लेकिन डिलीवरी के 47 दिन बाद उसकी मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने आरोपियों पर कार्रवाई किए जाने को लेकर मांग उठाई थी और पैदल रोष मार्च भी निकाला। ऐसे में मुख्यालय की ओर से पांच विशेषज्ञों की नियुक्ति करने की मंजूरी दी थी। जिसमें से तीन विशेषज्ञों की नियुक्ति हो गई।


कर्मचारियों ने उठाई मांग
वहीं एनएचएम के तहत लगे कर्मचारियों ने कहा कि विद्या देवी की मृत्यु के संबंध में उपरोक्त तीनों कर्मचारी किसी भी प्रकार से दोषी नहीं है। इसलिए इन कर्मचारियों को लगाए गए दोष से मुक्त किया जाए। फिर भी अगर किसी प्रकार से इनका दोष प्रतीत होता है तो एनएचएम के अनुबंधित कर्मचारियों पर हरियाणा सिविल सर्विस रूल्स 2016 लागू होते है। इसलिए तीनों कर्मचारियों पर रूल्स 2016 के तहत न्यूनतम दंड अमल में लाया जाए ताकि कर्मचारियों का मनोबल बना रहे और वे पूरी निष्ठा से अपना कार्य करते रहें।

मुख्यालय की ओर से रिपोर्ट आने व दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के संबंधित जानकारी नहीं है।
डॉ. मनीष बांसल, सिविल सर्जन, सिरसा ।
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