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खेतों में खाद डालने के बहाने श्री जीवन नगर गुरुद्वारे पर कब्जा करने की थी साजिश : बलजीत सिंह
Wed, 14 Aug 2024 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 14 Aug 2024 12:13 AM IST
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गुरुद्वारा श्री जीवन नगर की कमेटी के सदस्य दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए। संवाद।
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गुरुद्वारा श्री जीवन नगर की जमीन पर कब्जे को लेकर हुई हिंसक झड़प के बाद मंगलवार को गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सामने आकर अपना पक्ष रखा। कमेटी के सूबा बलजीत सिंह व अन्य पदाधिकारियों ने जमीन से जुड़े अदालत के दस्तावेज व जमाबंदी आदि प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि खेतों में खाद डालने के बहाने श्री जीवन नगर गुरुद्वारे पर कब्जा करने की साजिश रची गई थी।
सिरसा में निजी होटल में आयोजित पत्रकारवार्ता में उन्होंने दावा किया कि जमीन उनकी है और उस पर भैणी साहिब मस्तानगढ़ की ओर से कब्जा किया जा रहा है। इसको लेकर पूर्व में भी कई बार प्रयास किए गए थे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर मिलीभगत कर जमीन का इंतकाल व जमाबंदी दूसरे पक्ष के नाम करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एसपी विक्रांत भूषण के आश्वासन पर उन्हें विश्वास है। उम्मीद है कि वह इस मामले की निपष्क्ष जांच करवाएंगे।
गुरुद्वारा श्री जीवननगर के सुबा बलजीत सिंह, एडवोकेट नरेंद्र सिंह, मा. सुखदेव सिंह, जसबीर सिंह सेठी, गुरनाम सिंह, जसबीर सिंह, अवतार सिंह, गुरमुख सिंह, पलविंद्र सिंह आदि ने गुरुद्वारे की जमीन का रिकॉर्ड दिखाते हुए कहा कि बलदेव सिंह पुत्र रणजीत सिंह ने 1999 में 88 कनाल, एक मरला जमीन दलीप कौर के नाम रहण को दी थी, जोकि नहरी थी। इसका इंतकाल नंबर 5006 है और यह 2029 तक वैध है। कानूनी तौर पर इस जमीन के रिकॉर्ड के साथ किसी प्रकार से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।
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उन्होंने आरोप लगाते हुए भैणी साहिब मस्तानगढ़ की ओर से बलदेव सिंह की 88 कनाल का तबादला 22 कनाल 16 मरले जमीन में इंतकाल नंबर 4908 करवा लिया। इसके बाद दलीप कौर की तरफ से एसडीएम कोर्ट में अपील की गई। एसडीएम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद दूसरा पक्ष हिसार कमिश्नर के पास चला गया। हिसार कमिश्नर ने रिकॉर्ड देखने के बाद 1.27 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर 4899 इंतकाल को बहाल कर दिया। इसके बाद बीबी दलीप कौर 2007-08 में फाइनेंस कमिश्नर चंडीगढ़ के पास चली गई। फाइनेंस कमिश्नर ने 2019 में 4899 इंतकाल को खारिज कर दिया। फाइनेंस कमिश्नर ने एसडीएम को आदेश दिए कि इस इंतकाल को तुरंत प्रभाव से खारिज कर दुरुस्त किया जाए। इसके बाद भैणी साहिब मस्तानगढ़ की ओर से सिविल कोर्ट में जाकर बलदेव सिंह के वारिसों को पार्टी बनाया गया। इसमें श्री गुरुद्वारा जीवन नगर कमेटी को पार्टी नहीं बनाया, जोकि वसीयत के अनुसार 108/1 जुलाई 2013 के अनुसार पार्टी बनाया जाना चाहिए था। इस मामले में कमेटी कार्रवाई करते हुए मामले में पार्टी बनेगी।
बॉक्स
पुलिस अधिकारियों को सूचित किया तो डायल 112 पर रिपोर्ट करने का कहकर झाड़ा पल्ला
उन्होंने कहा कि 11 अगस्त की सुबह संगत अपने कार्य में लगी हुई थी। खेतों में खाद डालने के लिए करीब 250-300 लोग का पहुंचना ही साजिश का हिस्सा था। इन लोगों ने गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सदस्यों को ललकारते हुए गुरुद्वारे पर कब्जा करने की धमकी दी। पहले की कमेटी सदस्य कुछ समझ पाते उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें कई लोग घायल हो गए। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की ओर से पुलिस अधिकारियों को मामले की गंभीरता से अवगत करवाया गया था, लेकिन उन्होंने डायल 112 पर रिपोर्ट करवाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। आरोप लगाते हुए कहा कि मस्तनागढ़ में कई ग्रुप के लोग थे। जो एक दूसरे पर लगते हैं। इसका खुलासा उनके बनाए हुए वीडियो में ही है। इसमें वह कहते हैं कि पीछे से गोली किसने चलाई है। सुबा बलजीत सिंह व अन्य ने कहा कि उन्हें एसपी सिरसा से उम्मीद है वो हमारे साथ न्याय करेंगे।
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सिरसा। गुरुद्वारा श्री जीवन नगर की जमीन पर कब्जे को लेकर हुई हिंसक झड़प के बाद मंगलवार को गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सामने आकर अपना पक्ष रखा। कमेटी के सूबा बलजीत सिंह व अन्य पदाधिकारियों ने जमीन से जुड़े अदालत के दस्तावेज व जमाबंदी आदि प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि खेतों में खाद डालने के बहाने श्री जीवन नगर गुरुद्वारे पर कब्जा करने की साजिश रची गई थी।
सिरसा में निजी होटल में आयोजित पत्रकारवार्ता में उन्होंने दावा किया कि जमीन उनकी है और उस पर भैणी साहिब मस्तानगढ़ की ओर से कब्जा किया जा रहा है। इसको लेकर पूर्व में भी कई बार प्रयास किए गए थे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर मिलीभगत कर जमीन का इंतकाल व जमाबंदी दूसरे पक्ष के नाम करने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एसपी विक्रांत भूषण के आश्वासन पर उन्हें विश्वास है। उम्मीद है कि वह इस मामले की निपष्क्ष जांच करवाएंगे।
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गुरुद्वारा श्री जीवननगर के सुबा बलजीत सिंह, एडवोकेट नरेंद्र सिंह, मा. सुखदेव सिंह, जसबीर सिंह सेठी, गुरनाम सिंह, जसबीर सिंह, अवतार सिंह, गुरमुख सिंह, पलविंद्र सिंह आदि ने गुरुद्वारे की जमीन का रिकॉर्ड दिखाते हुए कहा कि बलदेव सिंह पुत्र रणजीत सिंह ने 1999 में 88 कनाल, एक मरला जमीन दलीप कौर के नाम रहण को दी थी, जोकि नहरी थी। इसका इंतकाल नंबर 5006 है और यह 2029 तक वैध है। कानूनी तौर पर इस जमीन के रिकॉर्ड के साथ किसी प्रकार से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।
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उन्होंने आरोप लगाते हुए भैणी साहिब मस्तानगढ़ की ओर से बलदेव सिंह की 88 कनाल का तबादला 22 कनाल 16 मरले जमीन में इंतकाल नंबर 4908 करवा लिया। इसके बाद दलीप कौर की तरफ से एसडीएम कोर्ट में अपील की गई। एसडीएम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद दूसरा पक्ष हिसार कमिश्नर के पास चला गया। हिसार कमिश्नर ने रिकॉर्ड देखने के बाद 1.27 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर 4899 इंतकाल को बहाल कर दिया। इसके बाद बीबी दलीप कौर 2007-08 में फाइनेंस कमिश्नर चंडीगढ़ के पास चली गई। फाइनेंस कमिश्नर ने 2019 में 4899 इंतकाल को खारिज कर दिया। फाइनेंस कमिश्नर ने एसडीएम को आदेश दिए कि इस इंतकाल को तुरंत प्रभाव से खारिज कर दुरुस्त किया जाए। इसके बाद भैणी साहिब मस्तानगढ़ की ओर से सिविल कोर्ट में जाकर बलदेव सिंह के वारिसों को पार्टी बनाया गया। इसमें श्री गुरुद्वारा जीवन नगर कमेटी को पार्टी नहीं बनाया, जोकि वसीयत के अनुसार 108/1 जुलाई 2013 के अनुसार पार्टी बनाया जाना चाहिए था। इस मामले में कमेटी कार्रवाई करते हुए मामले में पार्टी बनेगी।
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पुलिस अधिकारियों को सूचित किया तो डायल 112 पर रिपोर्ट करने का कहकर झाड़ा पल्ला
उन्होंने कहा कि 11 अगस्त की सुबह संगत अपने कार्य में लगी हुई थी। खेतों में खाद डालने के लिए करीब 250-300 लोग का पहुंचना ही साजिश का हिस्सा था। इन लोगों ने गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सदस्यों को ललकारते हुए गुरुद्वारे पर कब्जा करने की धमकी दी। पहले की कमेटी सदस्य कुछ समझ पाते उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें कई लोग घायल हो गए। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की ओर से पुलिस अधिकारियों को मामले की गंभीरता से अवगत करवाया गया था, लेकिन उन्होंने डायल 112 पर रिपोर्ट करवाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। आरोप लगाते हुए कहा कि मस्तनागढ़ में कई ग्रुप के लोग थे। जो एक दूसरे पर लगते हैं। इसका खुलासा उनके बनाए हुए वीडियो में ही है। इसमें वह कहते हैं कि पीछे से गोली किसने चलाई है। सुबा बलजीत सिंह व अन्य ने कहा कि उन्हें एसपी सिरसा से उम्मीद है वो हमारे साथ न्याय करेंगे।