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Sirsa News: कंवरपुरा स्कूल में 542 विद्यार्थियों के लिए दो वर्ष से नहीं है शौचालय की सुविधा
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गांव कंवरपुरा का राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शौचालय न होने के कारण खुले में किया गया शौच।
चोपटा। गांव कंवरपुरा का राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल पिछले दो वर्षों से शौचालय की कमी से जूझ रहा है। स्कूल में 542 विद्यार्थियोंं के लिए शौचालय की अस्थायी व्यवस्था है, जिसके सहारे काम चल रहा है। विडंबना तो यह है कि स्कूल में इन विद्यार्थियों में 222 छात्राएं हैं। जिनके लिए स्कूल प्रशासन द्वारा पिछले दो वर्ष से शौचालय की डिमांड भेजी जा रही है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। फिलहाल स्कूल में छात्राओं के लिए एक शौचालय से वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जबकि लड़कों को खुले में शौच जाना पड़ता है।
गौरतलब है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की फटकार के बाद शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में तुरंत कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर स्कूलों से रिपोर्ट मांगी है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारियों ने भी ब्लॉक वाइज अधिकारियों से स्कूलों में शौचालय की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार राजकीय सीनियर सेकेंडरी विद्यालय कंवरपुरा में सभी सुविधाएं होने के बावजूद शौचालय की सुविधा नहीं है। अध्यापकों ने बताया कि पिछले दो वर्ष से स्कूल में शौचालय नहीं है, जिसके चलते छात्र-छात्राओं को दिक्कतें सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि छठी कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक इस स्कूल में 542 विद्यार्थी पढ़ने के लिए आते हैं। जिसमें 222 बेटियां भी शामिल हैं। शौचालय के अभाव में छात्रों को जहां खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। वहीं छात्राओं की इतनी बड़ी संख्या के लिए दो महिला शौचालयों की आवश्यकता है। लेकिन स्कूल में फिलहाल एक ही शौचालय है। जिसके चलते छात्राओं को भी समय की बर्बादी के साथ-साथ अन्य समस्याएं भी उठानी पड़ रही हैं।
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कई बार उठाई मांग, नहीं हुई सुनवाई
समाजसेवी जगतपाल ने बताया कि स्कूल में शौचालय बनवाने के लिए कई बार मांग उठाई जा चुकी है लेकिन विभाग की ओर से कभी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस संबंध में विभाग द्वारा आरटीआई के जवाब में भी गलत जानकारी मुहैया करवा दी जाती है। उन्होंने बताया कि स्कूल स्तर पर कई बार इस संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्र के माध्यम से भी अवगत करवाया गया है, लेकिन दो वर्ष से समस्या जस की तस है।
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स्कूल में शौचालय न होने के चलते बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दो वर्ष से लगातार इस संबंध में विभाग को पत्र भेजकर अवगत करवाया जा रहा है। अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। अभी एक दिन पूर्व विभाग का पत्र आया है, जिसमें शौचालय से संबंध में डिमांड मांगी गई है, जो भेज दी गई है। स्कूल में 542 विद्यार्थी हैं, जिसमें आधी लड़कियां हैं, ऐसे में शौचालय न होना बड़ा दुखदाई है।-- - अरवेल सिंह, प्रिंसिपल राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल कंवरपुरा।
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गौरतलब है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की फटकार के बाद शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में तुरंत कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर स्कूलों से रिपोर्ट मांगी है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारियों ने भी ब्लॉक वाइज अधिकारियों से स्कूलों में शौचालय की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार राजकीय सीनियर सेकेंडरी विद्यालय कंवरपुरा में सभी सुविधाएं होने के बावजूद शौचालय की सुविधा नहीं है। अध्यापकों ने बताया कि पिछले दो वर्ष से स्कूल में शौचालय नहीं है, जिसके चलते छात्र-छात्राओं को दिक्कतें सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि छठी कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक इस स्कूल में 542 विद्यार्थी पढ़ने के लिए आते हैं। जिसमें 222 बेटियां भी शामिल हैं। शौचालय के अभाव में छात्रों को जहां खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। वहीं छात्राओं की इतनी बड़ी संख्या के लिए दो महिला शौचालयों की आवश्यकता है। लेकिन स्कूल में फिलहाल एक ही शौचालय है। जिसके चलते छात्राओं को भी समय की बर्बादी के साथ-साथ अन्य समस्याएं भी उठानी पड़ रही हैं।
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कई बार उठाई मांग, नहीं हुई सुनवाई
समाजसेवी जगतपाल ने बताया कि स्कूल में शौचालय बनवाने के लिए कई बार मांग उठाई जा चुकी है लेकिन विभाग की ओर से कभी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस संबंध में विभाग द्वारा आरटीआई के जवाब में भी गलत जानकारी मुहैया करवा दी जाती है। उन्होंने बताया कि स्कूल स्तर पर कई बार इस संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्र के माध्यम से भी अवगत करवाया गया है, लेकिन दो वर्ष से समस्या जस की तस है।
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स्कूल में शौचालय न होने के चलते बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दो वर्ष से लगातार इस संबंध में विभाग को पत्र भेजकर अवगत करवाया जा रहा है। अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। अभी एक दिन पूर्व विभाग का पत्र आया है, जिसमें शौचालय से संबंध में डिमांड मांगी गई है, जो भेज दी गई है। स्कूल में 542 विद्यार्थी हैं, जिसमें आधी लड़कियां हैं, ऐसे में शौचालय न होना बड़ा दुखदाई है।