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Sirsa News: दड़बा कलां में डीएपी के लिए मारामारी, किसानों को नहीं मिल रही पर्याप्त खाद
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चोपटा। खाद मिलने के बाद मोटरसाईकिल पर खाद ले जाते हुए किसान। संवाद
- फोटो : टूंडला एटारोड पर कार को घसीट कर ले गया डंपर संवाद
चोपटा। गांव दड़बा कलां में सरकारी पैक्स में किसानों को पर्याप्त डीएपी खाद नहीं मिल पा रही है। बुधवार को पैक्स में डीएपी आने की सूचना मिली तो अलसुबह से ही किसान लाइनों में लगे हुए नजर आए। आपूर्ति कम होने के कारण कई किसानों को बिना खाद के ही लौटना पड़ा। इससे किसानों में नाराजगी देखने को मिली।
गेहूं की बिजाई का सीजन होने के कारण किसानों को खाद की सबसे ज्यादा जरूरत है। किसान बारिश अच्छी होने के कारण सरसों की बिजाई पर भी फोकस किए हुए हैं। ऐसे में वह अगेती बिजाई गेहूं व सरसों की करना चाहता है। इसके लिए उसे डीएपी की सबसे ज्यादा जरूरत है, बिना डीएपी के बिजाई संभव नहीं है। क्योंकि डीएपी के बिना फसल को शुरुआती ग्रोथ देना संभव नहीं है।
वहीं डीएपी लेने के लिए आए किसान मोहन लाल, बृजलाल, सोमप्रकाश ने बताया कि डीएपी जब भी गांव में पहुंचती है। किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिलती है। खरीफ व रबी दोनों सीजन में यही हाल रहता है। मौजूदा समय में सरसों और गेहूं की बिजाई की सीजन चल रहा है। अब डीएपी नहीं मिलेगी तो बिजाई करने का कोई फायदा नहीं है।
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सिरसा में बांटी एक हजार मीट्रिक टन खाद
आंकड़ों के अनुसार सिरसा के किसानों को कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार बुधवार को एक हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद वितरित की गई है। इसमें 550 किसानों को प्रति किसान आठ बैग डीएपी वितरित की गई है। सिरसा में भी डीएपी खाद के लिए किसान मंडी में पहुंच रहे हैं, जहां किसानों को कृषि विभाग के अधिकारी पहले लाइनों में लगने के बाद टोकन के माध्यम से डीएपी खाद वितरित करते हैं। सिरसा में बुधवार को तीन खाद वितरण केंद्रों पर किसानों को खाद वितरित की गई है।
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मंगलवार को जिले में तीन हजार मीट्रिक टन खाद वितरण के लिए आई थी। बुधवार को सिरसा में एक हजार मीट्रिक टन खाद वितरित की गई है। जिले में किसानों के लिए 45 हजार मीट्रिक टन खाद की डिमांड भेजी गई है। इसमें से अब तक 32 हजार आई है। लगभग सभी किसानों को खाद वितरित कर दी गई है। जो रह चुके हैं उनको भी खाद वितरित की जा रही है। किसानों के लिए खाद की कोई कमी नहीं है, किसान जरूरत के अनुसार खाद लें।-- -- अमित कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग, सिरसा।
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गेहूं की बिजाई का सीजन होने के कारण किसानों को खाद की सबसे ज्यादा जरूरत है। किसान बारिश अच्छी होने के कारण सरसों की बिजाई पर भी फोकस किए हुए हैं। ऐसे में वह अगेती बिजाई गेहूं व सरसों की करना चाहता है। इसके लिए उसे डीएपी की सबसे ज्यादा जरूरत है, बिना डीएपी के बिजाई संभव नहीं है। क्योंकि डीएपी के बिना फसल को शुरुआती ग्रोथ देना संभव नहीं है।
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वहीं डीएपी लेने के लिए आए किसान मोहन लाल, बृजलाल, सोमप्रकाश ने बताया कि डीएपी जब भी गांव में पहुंचती है। किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिलती है। खरीफ व रबी दोनों सीजन में यही हाल रहता है। मौजूदा समय में सरसों और गेहूं की बिजाई की सीजन चल रहा है। अब डीएपी नहीं मिलेगी तो बिजाई करने का कोई फायदा नहीं है।
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सिरसा में बांटी एक हजार मीट्रिक टन खाद
आंकड़ों के अनुसार सिरसा के किसानों को कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार बुधवार को एक हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद वितरित की गई है। इसमें 550 किसानों को प्रति किसान आठ बैग डीएपी वितरित की गई है। सिरसा में भी डीएपी खाद के लिए किसान मंडी में पहुंच रहे हैं, जहां किसानों को कृषि विभाग के अधिकारी पहले लाइनों में लगने के बाद टोकन के माध्यम से डीएपी खाद वितरित करते हैं। सिरसा में बुधवार को तीन खाद वितरण केंद्रों पर किसानों को खाद वितरित की गई है।
मंगलवार को जिले में तीन हजार मीट्रिक टन खाद वितरण के लिए आई थी। बुधवार को सिरसा में एक हजार मीट्रिक टन खाद वितरित की गई है। जिले में किसानों के लिए 45 हजार मीट्रिक टन खाद की डिमांड भेजी गई है। इसमें से अब तक 32 हजार आई है। लगभग सभी किसानों को खाद वितरित कर दी गई है। जो रह चुके हैं उनको भी खाद वितरित की जा रही है। किसानों के लिए खाद की कोई कमी नहीं है, किसान जरूरत के अनुसार खाद लें।