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नंदीशाला के संचालकों ने किया पशु लेने से इनकर, ठेकेदार बोला- रद्द करो मेरा ठेका
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अभियान के दौरान बेसहारा पशु को टेंकर में चढ़ाते हुए कर्मी
- फोटो : Sirsa
सिरसा। शहरी क्षेत्र से बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए डीसी ने निरीक्षण के बाद आदेश जारी किए। नगर परिषद ने जोर-शोर से योजना बनाई और टेंडर जारी कर विशेष टीम का भी गठन कर दिया। लेकिन नप की ओर से बेसहारा पशु पकड़ो अभियान अब ठप हो गया है। क्योंकि शहर से पकड़े जाने वाले बेसहारा पशुओं को लेने से नंदीशाला के संचालकों ने स्पष्ट इनकार कर दिया है। नंदीशाला में चारे का संकट है, जिस कारण पशुओं को सुखी तूड़ी खिलाकर काम चलाया जा रहा है। 250 पशु पकड़ने के बाद अभियान आगे नहीं चल पाया, इसलिए नाराज ठेकेदार ने भी ठेका रद्द करने की अधिकारियों से गुजारिश की है।
डीसी अनीश यादव ने करीब तीन महीने पहले शहर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पता चला कि शहर में बेसहारा पशुओं की भरमार है। पूरे शहर में 3 हजार से ज्यादा बेसहारा पशु विचरण कर रहे हैं। ये पशु हादसों का भी कारण साबित हो रहे हैं। ऐसे में डीसी ने नगर परिषद अधिकारियों को योजना बनाकर काम करने के आदेश दिए। नगर परिषद ने योजना तैयार की कि पशु पकड़ो अभियान के लिए अलग से टीम का गठन किया जाए और ये काम ठेके पर दिया जाए। ताकि शहर में नियमित रूप से अभियान चलाया जा सके। लंबी जद्दोजहद के बाद नप ने ठेका भी जारी कर दिया। इसके बाद अभियान शुरू किया और तीन से चार दिन तक अभियान चलाकर करीब 250 पशु पकड़े। लेकिन इसके बाद नंदीशाला के प्रबंधकों ने और पशु लेने से इनकार कर दिया। नंदीशाला संचालकों ने पहले नप अधिकारियों को बहाना लगाया कि वहां निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बाद निर्माण कार्य समाप्त हुआ तो बारिश का बहाना बना दिया और अब नंदीशाला संचालकों का कहना है कि पशुओं के खाने के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में अभियान पर संकट आ गया।
13 लोगों की टीम तैयार की, अभियान नहीं चलने से झेलना पड़ रहा घाटा
पशु पकड़ो अभियान रुक जाने से ठेकेदार का नुकसान हो रहा है। ठेकेदार राजेश कुमार का कहना है कि उसने इस काम के लिए विशेष तौर पर 13 लोगों की टीम तैयार की है। इन कर्मचारियों को 10 से 15 हजार रुपये वेतन देना पड़ रहा है। इतना ही नहीं ट्रैक्टर खर्चा और रहने-खाने का भी खर्चा झेलना पड़ रहा है। लेकिन नप की ओर से पशु पकड़ो अभियान नहीं चलाया जा रहा। ऐसे में परेशान ठेकेदार नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संदीप मलिक और चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर के पास जाकर दुखड़ा सुनाया। ठेकेेदार ने अधिकारियों से कहा कि साहब अभियान नहीं चलाना तो मेरा ठेका ही रद्द कर दो। ताकि घाटा तो ना झेलना पड़े।
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शहर में इन स्थानों बेसहारा पशुओं की भरमार
-आर्य समाज रोड, खैरपुर कॉलोनी।
-ए, बी, सी, डी, ई ब्लॉक, अनाज मंडी।
-एचएसवीपी सेक्टर, बरनाला रोड, हिसार रोड।
-रानियां रोड, बेगू रोड, नटार रोड, गोशाला रोड।
-डबवाली रोड, मिनी बाईपास रोड।
रामनगरिया नंदीशाला में इस समय करीब 650 पशु हैं। यहां फर्श का काम चल रहा है और पानी निकासी का भी। जो पशु इस समय नंदीशाला में है, उनके लिए ही पर्याप्त चारे की व्यवस्था नहीं है। चारा मिलता नहीं है इसलिए पशुओं को तूड़ी खिलाकर काम चलाया जा रहा है। ऐसे में और पशु लिए तो परेशानी बढ़ जाएगी। हमारे पास ज्यादा पशु रखने के लिए जगह भी नहीं है।
-संजय कुमार, प्रबंधक, रामनगरिया नंदीशाला।
केलनियां स्थित नंदीशाला में इस समय करीब 550 पशु हैं। नप की ओर से जो अभियान चलाया गया, उसके तहत हमने करीब 200 पशु लिए हैं। लेकिन और नए पशु लेने से पहले उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था करना भी हमारा फर्ज है। इसलिए हमने प्रशासन को पत्र लिख दिया है।
-पवन कुमार, प्रधान, केलनिया नंदीशाला, सिरसा।
शहर से पशु पकड़ो अभियान के लिए योजना बना रहे हैं। जल्द ही अभियान चलाकर पशुओं को नंदीशाला पहुंचाया जाएगा। इस समस्या का समाधान किया जाएगा।
-संदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, सिरसा।
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डीसी अनीश यादव ने करीब तीन महीने पहले शहर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पता चला कि शहर में बेसहारा पशुओं की भरमार है। पूरे शहर में 3 हजार से ज्यादा बेसहारा पशु विचरण कर रहे हैं। ये पशु हादसों का भी कारण साबित हो रहे हैं। ऐसे में डीसी ने नगर परिषद अधिकारियों को योजना बनाकर काम करने के आदेश दिए। नगर परिषद ने योजना तैयार की कि पशु पकड़ो अभियान के लिए अलग से टीम का गठन किया जाए और ये काम ठेके पर दिया जाए। ताकि शहर में नियमित रूप से अभियान चलाया जा सके। लंबी जद्दोजहद के बाद नप ने ठेका भी जारी कर दिया। इसके बाद अभियान शुरू किया और तीन से चार दिन तक अभियान चलाकर करीब 250 पशु पकड़े। लेकिन इसके बाद नंदीशाला के प्रबंधकों ने और पशु लेने से इनकार कर दिया। नंदीशाला संचालकों ने पहले नप अधिकारियों को बहाना लगाया कि वहां निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बाद निर्माण कार्य समाप्त हुआ तो बारिश का बहाना बना दिया और अब नंदीशाला संचालकों का कहना है कि पशुओं के खाने के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में अभियान पर संकट आ गया।
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13 लोगों की टीम तैयार की, अभियान नहीं चलने से झेलना पड़ रहा घाटा
पशु पकड़ो अभियान रुक जाने से ठेकेदार का नुकसान हो रहा है। ठेकेदार राजेश कुमार का कहना है कि उसने इस काम के लिए विशेष तौर पर 13 लोगों की टीम तैयार की है। इन कर्मचारियों को 10 से 15 हजार रुपये वेतन देना पड़ रहा है। इतना ही नहीं ट्रैक्टर खर्चा और रहने-खाने का भी खर्चा झेलना पड़ रहा है। लेकिन नप की ओर से पशु पकड़ो अभियान नहीं चलाया जा रहा। ऐसे में परेशान ठेकेदार नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संदीप मलिक और चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर के पास जाकर दुखड़ा सुनाया। ठेकेेदार ने अधिकारियों से कहा कि साहब अभियान नहीं चलाना तो मेरा ठेका ही रद्द कर दो। ताकि घाटा तो ना झेलना पड़े।
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शहर में इन स्थानों बेसहारा पशुओं की भरमार
-आर्य समाज रोड, खैरपुर कॉलोनी।
-ए, बी, सी, डी, ई ब्लॉक, अनाज मंडी।
-एचएसवीपी सेक्टर, बरनाला रोड, हिसार रोड।
-रानियां रोड, बेगू रोड, नटार रोड, गोशाला रोड।
-डबवाली रोड, मिनी बाईपास रोड।
रामनगरिया नंदीशाला में इस समय करीब 650 पशु हैं। यहां फर्श का काम चल रहा है और पानी निकासी का भी। जो पशु इस समय नंदीशाला में है, उनके लिए ही पर्याप्त चारे की व्यवस्था नहीं है। चारा मिलता नहीं है इसलिए पशुओं को तूड़ी खिलाकर काम चलाया जा रहा है। ऐसे में और पशु लिए तो परेशानी बढ़ जाएगी। हमारे पास ज्यादा पशु रखने के लिए जगह भी नहीं है।
-संजय कुमार, प्रबंधक, रामनगरिया नंदीशाला।
केलनियां स्थित नंदीशाला में इस समय करीब 550 पशु हैं। नप की ओर से जो अभियान चलाया गया, उसके तहत हमने करीब 200 पशु लिए हैं। लेकिन और नए पशु लेने से पहले उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था करना भी हमारा फर्ज है। इसलिए हमने प्रशासन को पत्र लिख दिया है।
-पवन कुमार, प्रधान, केलनिया नंदीशाला, सिरसा।
शहर से पशु पकड़ो अभियान के लिए योजना बना रहे हैं। जल्द ही अभियान चलाकर पशुओं को नंदीशाला पहुंचाया जाएगा। इस समस्या का समाधान किया जाएगा।
-संदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, सिरसा।