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Sirsa News: नारायण खेड़ा में पानी की टंकी पर चढ़े दो किसानों की सेहत बिगड़ी
Thu, 03 Aug 2023 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 03 Aug 2023 11:22 PM IST
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नारायण खेड़ा गांव में बाल्टी से भोजन पानी लेते किसान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा (सिरसा)। सिरसा जिले के गांव नारायण खेड़ा में मांग पूरी नहीं होने पर बुधवार सुबह करीब 5.30 बजे से चार किसान पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं। किसानों ने टंकी के ऊपर ही पूरी रात बिताई। वहीं, वीरवार को दोपहर में दो किसानों की सेहत बिगड़ गई है। किसान नरेंद्रपाल को बुखार व सांस लेने में दिक्कत हो रही है। वहीं, किसान दीवान सहारण के पेट में दर्द की शिकायत है।
बीमा क्लेम व मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। नारायण खेड़ा में पानी की टंकी पर बुधवार की सुबह से चार किसानों ने डेरा डाल रखा है। किसान भरत सिंह ने बताया कि टंकी पर रात के समय काफी तकलीफ झेलनी पड़ी। रात्रि के समय दो किसानों को कुछ देर के लिए नींद आई। इसके बाद रातभर लगभग जागते रहे। वहीं, किसान नरेंद्रपाल सिंह व दीवान सहारण की तबीयत बिगड़ गई है। उन्होंने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक कोई भी कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं।
वहीं, किसानों तक आवश्यक सामान रस्सी के सहारे बाल्टी से ऊपर तक पहुंचाया जा रहा है। किसानों को नीचे उतारने के लिए एसडीएम राजेंद्र सिंह, तहसीलदार व डीएसपी जगत सिंह मौके पर पहुंचे। मगर, किसानों ने मांग पूरी नहीं होने तक टंकी से नीचे नहीं उतरने का फैसला लिया है। किसानों के समर्थन में अब अन्य गांवों के किसान भी आ रहे हैं।
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किसान दे रहे हैं धरना
तहसील कार्यालय नाथूसरी चोपटा में बीमा क्लेम व मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के बैनरतले 90 दिन से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। किसानों की मांग है कि खरीफ 2022 फसल का बीमा क्लेम व मुआवजा जारी किया जाए। सीएससी सेंटर के द्वारा रद्द हुए बीमे को बहाल करें। .हर साल बीमा व मुआवजा देने की निश्चित तिथि तय की जाए।
नेता बोले- किसानों की मांग जायज
पानी की टंकी पर बैठे किसानों के समर्थन में नेताओं ने पहुंचकर समर्थन किया। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता डाॅ. केवी सिंह, गोकुल सेतिया, अमीर चावला, वीरभान मेहता ने पहुंचकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि किसानों की मांग जायज है। सरकार को मांग पूरी करनी चाहिए।
दूसरे गांवों के किसान भी पहुंच रहे हैं धरनास्थल पर
टंकी पर चढ़े किसानों की सूचना दूसरे किसानों को मिली। वाहनों से किसान नारायण खेड़ा गांव में पहुंचने लगे। किसानों ने वीरवार को धरने पर बैठकर नारेबाजी भी की। किसानों ने जलघर के अंदर टेंट भी लगाया हुआ है। वहीं, प्रशासन ने एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड मंगवाई हुई है।
तीन गांव के हैं चार किसान
गांव नारायण खेड़ा में बने जलघर की टंकी पर बुधवार को सुबह करीब साढ़े पांच बजे चार किसान पानी की टंकी पर चढ़ गए। इनमें गांव नारायण खेड़ा निवासी किसान भरत सिंह झाझड़ा, शक्करमंदोरी निवासी दीवान सहारण व नरेंद्र सिंह, गांव नाथूसरी कलां निवासी जयप्रकाश शामिल हैं।
नारायण खेड़ा में टंकी पर चढ़े किसानों को मनाने का प्रयास गया था, लेकिन वह नहीं माने। उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचा दिया गया है, जल्द ही इस समस्या का हल करवा दिया जाएगा।
राजेंद्र सिंह, एसडीएम।
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चोपटा (सिरसा)। सिरसा जिले के गांव नारायण खेड़ा में मांग पूरी नहीं होने पर बुधवार सुबह करीब 5.30 बजे से चार किसान पानी की टंकी पर चढ़े हुए हैं। किसानों ने टंकी के ऊपर ही पूरी रात बिताई। वहीं, वीरवार को दोपहर में दो किसानों की सेहत बिगड़ गई है। किसान नरेंद्रपाल को बुखार व सांस लेने में दिक्कत हो रही है। वहीं, किसान दीवान सहारण के पेट में दर्द की शिकायत है।
बीमा क्लेम व मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। नारायण खेड़ा में पानी की टंकी पर बुधवार की सुबह से चार किसानों ने डेरा डाल रखा है। किसान भरत सिंह ने बताया कि टंकी पर रात के समय काफी तकलीफ झेलनी पड़ी। रात्रि के समय दो किसानों को कुछ देर के लिए नींद आई। इसके बाद रातभर लगभग जागते रहे। वहीं, किसान नरेंद्रपाल सिंह व दीवान सहारण की तबीयत बिगड़ गई है। उन्होंने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक कोई भी कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं।
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वहीं, किसानों तक आवश्यक सामान रस्सी के सहारे बाल्टी से ऊपर तक पहुंचाया जा रहा है। किसानों को नीचे उतारने के लिए एसडीएम राजेंद्र सिंह, तहसीलदार व डीएसपी जगत सिंह मौके पर पहुंचे। मगर, किसानों ने मांग पूरी नहीं होने तक टंकी से नीचे नहीं उतरने का फैसला लिया है। किसानों के समर्थन में अब अन्य गांवों के किसान भी आ रहे हैं।
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किसान दे रहे हैं धरना
तहसील कार्यालय नाथूसरी चोपटा में बीमा क्लेम व मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के बैनरतले 90 दिन से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। किसानों की मांग है कि खरीफ 2022 फसल का बीमा क्लेम व मुआवजा जारी किया जाए। सीएससी सेंटर के द्वारा रद्द हुए बीमे को बहाल करें। .हर साल बीमा व मुआवजा देने की निश्चित तिथि तय की जाए।
नेता बोले- किसानों की मांग जायज
पानी की टंकी पर बैठे किसानों के समर्थन में नेताओं ने पहुंचकर समर्थन किया। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता डाॅ. केवी सिंह, गोकुल सेतिया, अमीर चावला, वीरभान मेहता ने पहुंचकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि किसानों की मांग जायज है। सरकार को मांग पूरी करनी चाहिए।
दूसरे गांवों के किसान भी पहुंच रहे हैं धरनास्थल पर
टंकी पर चढ़े किसानों की सूचना दूसरे किसानों को मिली। वाहनों से किसान नारायण खेड़ा गांव में पहुंचने लगे। किसानों ने वीरवार को धरने पर बैठकर नारेबाजी भी की। किसानों ने जलघर के अंदर टेंट भी लगाया हुआ है। वहीं, प्रशासन ने एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड मंगवाई हुई है।
तीन गांव के हैं चार किसान
गांव नारायण खेड़ा में बने जलघर की टंकी पर बुधवार को सुबह करीब साढ़े पांच बजे चार किसान पानी की टंकी पर चढ़ गए। इनमें गांव नारायण खेड़ा निवासी किसान भरत सिंह झाझड़ा, शक्करमंदोरी निवासी दीवान सहारण व नरेंद्र सिंह, गांव नाथूसरी कलां निवासी जयप्रकाश शामिल हैं।
नारायण खेड़ा में टंकी पर चढ़े किसानों को मनाने का प्रयास गया था, लेकिन वह नहीं माने। उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचा दिया गया है, जल्द ही इस समस्या का हल करवा दिया जाएगा।
राजेंद्र सिंह, एसडीएम।