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Sirsa News: डेंगू का कहर... बचाव की पुकार, इलाज की दरकार, डबवाली के नागरिक अस्पताल में नहीं मिल रही सुविधाएं
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रोडवेज कार्यशाला में रखे टायरों में लारवा की जांच करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।
डबवाली। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक डबवाली के नागरिक अस्पताल में डेंगू के 20 मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि निजी अस्पतालों से प्राप्त रिपोर्टों में 30 से 40 मरीजों की पुष्टि हुई है। जिलेभर की बात करें तो कुल 270 डेंगू मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें से 235 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। हालांकि डबवाली क्षेत्र में हालात अभी भी सामान्य नहीं हैं।
नागरिक अस्पताल में इलाज के दौरान एक सात वर्षीय बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसे सिरसा रेफर करना पड़ा। अस्पताल में सीमित सुविधाओं के कारण अधिकतर मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन कई बार सीएमओ से लेकर मुख्यालय तक स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए पत्र भेज चुका है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अब तक सामने आए मामलों में करीब 70 प्रतिशत मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। डेंगू का सबसे अधिक असर ग्रामीण और स्लम क्षेत्रों में देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार लोगों को जागरूक करने में जुटी हुई हैं। शहर के रेलवे डिग्गी एरिया, बस स्टैंड, हर्ष नगर, इंदिरा नगर, पब्लिक क्लब एरिया, सुंदर नगर, एकता नगरी, वार्ड नंबर 4, 13 और 14 में बुखार के मरीज लगातार मिल रहे हैं।
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7 वर्षीय डेंगू पीड़ित बच्ची को किया रेफर
डबवाली के पब्लिक क्लब एरिया की सात वर्षीय बच्ची डेंगू से पीड़ित पाई गई। उसकी प्लेटलेट्स संख्या घटकर 13 हजार रह गई, जिसके बाद परिजन उसे सिरसा स्थित डेरा अस्पताल लेकर गए, जहां बच्ची को आईसीयू में भर्ती किया गया। रविवार शाम तक प्लेटलेट्स बढ़कर 24 हजार तक पहुंच गए। धालीवाल नगर का एक अन्य डेंगू मरीज भी डेरा अस्पताल में भर्ती है। नागरिक अस्पताल में बेड तो बढ़ाए गए हैं, लेकिन डेंगू पीड़ितों के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस कारण मरीजों को सिरसा और बठिंडा रेफर किया जा रहा है। लोग मजबूरन निजी अस्पतालों में इलाज करवाने को विवश हैं।
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गांवों में भी तेजी से बढ़ रहे डेंगू के मामले
डबवाली ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों में भी डेंगू की स्थिति गंभीर होती जा रही है। लखुआना, चौटाला, भारूखेड़ा जैसे बड़े गांवों में लगभग हर घर में कोई न कोई व्यक्ति बुखार से पीड़ित है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सही सर्वे किया जाए तो 400 से 500 लोग बुखार की चपेट में पाए जाएंगे। ग्रामीणों के अनुसार, अक्तूबर माह में डबवाली की एक महिला की मौत भी डेंगू संक्रमण के कारण हुई थी। शुरू में रिपोर्ट नेगेटिव आने के बावजूद उसकी तबीयत बिगड़ी और बठिंडा एम्स में इलाज के दौरान चिकित्सकों ने मौत का कारण डेंगू बताया।
91 घरों को डेंगू का लारवा मिलने पर नोटिस
स्वास्थ्य विभाग की टीमें मई माह से प्रतिदिन शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर 200 घरों की जांच कर रही हैं। अब तक 91 घरों में डेंगू लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। जांच में रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड क्षेत्र भी शामिल हैं। नगर परिषद को पहले भी फॉगिंग करवाने के लिए पत्र भेजा गया था, और अब दोबारा पत्र जारी किया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। टीमें रोजाना शहरी और ग्रामीण इलाकों में जांच कर रही हैं। नगर परिषद को फॉगिंग के लिए पत्र जारी किया गया है। लोगों से अपील है कि सावधानी बरतें, ताकि डेंगू से बचाव हो सके। - अमरजीत सिंह, मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर, डबवाली।
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डबवाली के सरकारी अस्पताल में सुविधाएं सीमित हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने से बेड कम पड़ जाते हैं। डॉक्टरों और बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि मरीजों को बेहतर सुविधा दी जा सके। - डाॅ. प्रमोद कुमार, सीएमओ, सिरसा।
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नागरिक अस्पताल में इलाज के दौरान एक सात वर्षीय बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसे सिरसा रेफर करना पड़ा। अस्पताल में सीमित सुविधाओं के कारण अधिकतर मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन कई बार सीएमओ से लेकर मुख्यालय तक स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए पत्र भेज चुका है।
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अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अब तक सामने आए मामलों में करीब 70 प्रतिशत मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। डेंगू का सबसे अधिक असर ग्रामीण और स्लम क्षेत्रों में देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार लोगों को जागरूक करने में जुटी हुई हैं। शहर के रेलवे डिग्गी एरिया, बस स्टैंड, हर्ष नगर, इंदिरा नगर, पब्लिक क्लब एरिया, सुंदर नगर, एकता नगरी, वार्ड नंबर 4, 13 और 14 में बुखार के मरीज लगातार मिल रहे हैं।
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7 वर्षीय डेंगू पीड़ित बच्ची को किया रेफर
डबवाली के पब्लिक क्लब एरिया की सात वर्षीय बच्ची डेंगू से पीड़ित पाई गई। उसकी प्लेटलेट्स संख्या घटकर 13 हजार रह गई, जिसके बाद परिजन उसे सिरसा स्थित डेरा अस्पताल लेकर गए, जहां बच्ची को आईसीयू में भर्ती किया गया। रविवार शाम तक प्लेटलेट्स बढ़कर 24 हजार तक पहुंच गए। धालीवाल नगर का एक अन्य डेंगू मरीज भी डेरा अस्पताल में भर्ती है। नागरिक अस्पताल में बेड तो बढ़ाए गए हैं, लेकिन डेंगू पीड़ितों के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस कारण मरीजों को सिरसा और बठिंडा रेफर किया जा रहा है। लोग मजबूरन निजी अस्पतालों में इलाज करवाने को विवश हैं।
गांवों में भी तेजी से बढ़ रहे डेंगू के मामले
डबवाली ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों में भी डेंगू की स्थिति गंभीर होती जा रही है। लखुआना, चौटाला, भारूखेड़ा जैसे बड़े गांवों में लगभग हर घर में कोई न कोई व्यक्ति बुखार से पीड़ित है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सही सर्वे किया जाए तो 400 से 500 लोग बुखार की चपेट में पाए जाएंगे। ग्रामीणों के अनुसार, अक्तूबर माह में डबवाली की एक महिला की मौत भी डेंगू संक्रमण के कारण हुई थी। शुरू में रिपोर्ट नेगेटिव आने के बावजूद उसकी तबीयत बिगड़ी और बठिंडा एम्स में इलाज के दौरान चिकित्सकों ने मौत का कारण डेंगू बताया।
91 घरों को डेंगू का लारवा मिलने पर नोटिस
स्वास्थ्य विभाग की टीमें मई माह से प्रतिदिन शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर 200 घरों की जांच कर रही हैं। अब तक 91 घरों में डेंगू लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। जांच में रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड क्षेत्र भी शामिल हैं। नगर परिषद को पहले भी फॉगिंग करवाने के लिए पत्र भेजा गया था, और अब दोबारा पत्र जारी किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। टीमें रोजाना शहरी और ग्रामीण इलाकों में जांच कर रही हैं। नगर परिषद को फॉगिंग के लिए पत्र जारी किया गया है। लोगों से अपील है कि सावधानी बरतें, ताकि डेंगू से बचाव हो सके। - अमरजीत सिंह, मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर, डबवाली।
डबवाली के सरकारी अस्पताल में सुविधाएं सीमित हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने से बेड कम पड़ जाते हैं। डॉक्टरों और बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि मरीजों को बेहतर सुविधा दी जा सके। - डाॅ. प्रमोद कुमार, सीएमओ, सिरसा।