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बारिश व नदी में आने वाले पानी की लेते रहे अपडेट, आसपास के गांवों को करें अलर्ट : उपायुक्त
Mon, 10 Jul 2023 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 10 Jul 2023 11:12 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सिंचाई, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, शहरी स्थानीय निकाय, जनस्वास्थ्य, विकास एवं पंचायत, स्वास्थ्य एवं बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने लघु सचिवालय के सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक में बाढ़ बचाव की तैयारियों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन योजना के तहत सभी जरूरी उपकरण एवं संसाधन व डाटा अपडेट करके रखें। संबंधित विभाग अपने क्षेत्र में बारिश व पीछे से आने वाले पानी के संबंध में अपडेट लेते रहे। घग्गर नदी के आसपास बाढ़ संभावित गांवों में ग्रामीणों को अलर्ट रहने संबंधी मुनादी करवाई जाए कि ग्रामीण पानी की मात्रा के प्रति सचेत रहें तथा अधिक पानी आने पर नदी के पास जाने से बचें। इन गांवों में धर्मशाला या अन्य कोई सुरक्षित स्थान की पहचान कर ली जाए, ताकि बाढ़ जैसी स्थिति होने पर ग्रामीणों व पशुओं आदि को शिफ्ट करना संभव हो। इन स्थानों पर पीने का पानी, टाॅयलेट तथा साफ-सफाई का प्रबंध कर लिया जाए। इस दौरान डीएमसी डाॅ. किरण सिंह, एसडीएम ऐलनाबाद डाॅ. वेद प्रकाश बैनीवाल, एसडीएम राजेंद्र कुमार, एसडीएम डबवाली अभय सिंह, एसडीएम कालांवाली अजय रावेश मौजूद रहे।
नदियों, नहरों व ड्रेनों के तटबंध मजबूत रखे सिंचाई विभाग
उपायुक्त ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नदियों, नहरों व ड्रेनों के तटबंध मजबूत रखें तथा इनकी गाद आदि की सफाई जैसे कार्य जल्द पूर्ण कर लें। इसके अलावा संभावित प्रभावित क्षेत्रों में पंपों की उपलब्धता रखें। बारिश के समय नदियों व ड्रेनों के तटबंधों की निरंतर निगरानी रखें। पीछे से आने वाले पानी का अपडेट लेते रहें।
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एसडीएम व तहसीलदार संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का करें दौरा
उपायुक्त ने कहा कि जिला के सभी उपमंडलों के एसडीएम संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों व गांवों का दौरा अवश्य करें। गांवों में पटवारी, नंबरदार, सरपंच व ग्राम सचिव आदि को एक्टिव कर दें। जरूरी हो तो गांवों में ठीकरी पहरा लगवा दें। अपने क्षेत्रों में पूरी तरह अलर्ट रहें तथा बाढ़ जैसी स्थिति आने पर सभी संसाधनों के साथ बचाव कार्य अमल में लाएं। गांव में ग्रामीणों आदि से निरंतर संपर्क बनाएं रखें। साथ लगते जिलों की स्थिति पर भी नजर रखें तथा वहां से भी अपडेट लेते रहें।
बाढ़ बचाव संबंधी उपकरण व संसाधन तैयार रखें
उपायुक्त ने कहा कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में हॉट स्पॉट एरिया व गांवों पर कड़ी निगरानी रखें। इसके साथ ही मिट्टी के बोरे, ट्रैक्टर-ट्राॅलियां, मोबाइल पंप, जनरेटर सहित अन्य सामान व संसाधन जैसे नाव, चप्पू, लाइफ जैकेट, शुद्ध हवा के सिलिंडर, मोटर बोट, तीर कुंडे, रस्से आदि की उपलब्धता सुनिश्चित कर लें। जिन गांवों में पानी भरने की संभावना हो, वहां के ग्रामीणों को पहले से ही सूचना दे दी जाए। बिजली विभाग के अधिकारियों से भी तालमेल बनाकर रखें। शहरी स्थानीय निकास व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शहरों में बारिश के पानी की निकासी सुनिश्चित करें। बाढ़ बचाव के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएं। बरसात के मौसम के दौरान स्वास्थ्य विभाग जरूरी जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता व मलेरिया रोकथाम जैसे उपाय सुनिश्चित करे।
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सिरसा। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सिंचाई, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, शहरी स्थानीय निकाय, जनस्वास्थ्य, विकास एवं पंचायत, स्वास्थ्य एवं बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने लघु सचिवालय के सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक में बाढ़ बचाव की तैयारियों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन योजना के तहत सभी जरूरी उपकरण एवं संसाधन व डाटा अपडेट करके रखें। संबंधित विभाग अपने क्षेत्र में बारिश व पीछे से आने वाले पानी के संबंध में अपडेट लेते रहे। घग्गर नदी के आसपास बाढ़ संभावित गांवों में ग्रामीणों को अलर्ट रहने संबंधी मुनादी करवाई जाए कि ग्रामीण पानी की मात्रा के प्रति सचेत रहें तथा अधिक पानी आने पर नदी के पास जाने से बचें। इन गांवों में धर्मशाला या अन्य कोई सुरक्षित स्थान की पहचान कर ली जाए, ताकि बाढ़ जैसी स्थिति होने पर ग्रामीणों व पशुओं आदि को शिफ्ट करना संभव हो। इन स्थानों पर पीने का पानी, टाॅयलेट तथा साफ-सफाई का प्रबंध कर लिया जाए। इस दौरान डीएमसी डाॅ. किरण सिंह, एसडीएम ऐलनाबाद डाॅ. वेद प्रकाश बैनीवाल, एसडीएम राजेंद्र कुमार, एसडीएम डबवाली अभय सिंह, एसडीएम कालांवाली अजय रावेश मौजूद रहे।
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नदियों, नहरों व ड्रेनों के तटबंध मजबूत रखे सिंचाई विभाग
उपायुक्त ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नदियों, नहरों व ड्रेनों के तटबंध मजबूत रखें तथा इनकी गाद आदि की सफाई जैसे कार्य जल्द पूर्ण कर लें। इसके अलावा संभावित प्रभावित क्षेत्रों में पंपों की उपलब्धता रखें। बारिश के समय नदियों व ड्रेनों के तटबंधों की निरंतर निगरानी रखें। पीछे से आने वाले पानी का अपडेट लेते रहें।
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एसडीएम व तहसीलदार संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का करें दौरा
उपायुक्त ने कहा कि जिला के सभी उपमंडलों के एसडीएम संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों व गांवों का दौरा अवश्य करें। गांवों में पटवारी, नंबरदार, सरपंच व ग्राम सचिव आदि को एक्टिव कर दें। जरूरी हो तो गांवों में ठीकरी पहरा लगवा दें। अपने क्षेत्रों में पूरी तरह अलर्ट रहें तथा बाढ़ जैसी स्थिति आने पर सभी संसाधनों के साथ बचाव कार्य अमल में लाएं। गांव में ग्रामीणों आदि से निरंतर संपर्क बनाएं रखें। साथ लगते जिलों की स्थिति पर भी नजर रखें तथा वहां से भी अपडेट लेते रहें।
बाढ़ बचाव संबंधी उपकरण व संसाधन तैयार रखें
उपायुक्त ने कहा कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में हॉट स्पॉट एरिया व गांवों पर कड़ी निगरानी रखें। इसके साथ ही मिट्टी के बोरे, ट्रैक्टर-ट्राॅलियां, मोबाइल पंप, जनरेटर सहित अन्य सामान व संसाधन जैसे नाव, चप्पू, लाइफ जैकेट, शुद्ध हवा के सिलिंडर, मोटर बोट, तीर कुंडे, रस्से आदि की उपलब्धता सुनिश्चित कर लें। जिन गांवों में पानी भरने की संभावना हो, वहां के ग्रामीणों को पहले से ही सूचना दे दी जाए। बिजली विभाग के अधिकारियों से भी तालमेल बनाकर रखें। शहरी स्थानीय निकास व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शहरों में बारिश के पानी की निकासी सुनिश्चित करें। बाढ़ बचाव के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएं। बरसात के मौसम के दौरान स्वास्थ्य विभाग जरूरी जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता व मलेरिया रोकथाम जैसे उपाय सुनिश्चित करे।