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Sirsa News: रक्षाबंधन पर पत्र लिखकर डाकघर जाकर पोस्ट करेंगे विद्यार्थी
Thu, 17 Aug 2023 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 17 Aug 2023 11:11 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। विद्यार्थियों की लेखनी में सुधार करने व पुराने दौर से जोड़ने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने नई योजना शुरू की है। इसके तहत जिले के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी रक्षाबंधन पर अपने भाई- बहन को पत्र लिखेंगे।
तीसरी से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को यह गतिविधि करवाई जाएगी। अभिभावकों की सलाह से बच्चे तय करेंगे कि किस-किस को पत्र लिखना है। इसके बाद शिक्षकों को पत्रों की संख्या के साथ-साथ जिस को पत्र लिखा जाए उसका नाम रिश्ता और पत्राचार का पता पिन कोड की जानकारी देनी होगी। परिवारिक सदस्यों की सहायता से बच्चा पत्र लिखेगा और आवश्यक बदलाव करेगा। पत्र लेखन का बार-बार अभ्यास बच्चों को करवाया जाएगा। इसके बाद पोस्ट कार्ड खरीदने के लिए विद्यार्थी खुद भी अभिभावकों के साथ स्थानीय पोस्ट ऑफिस जाएंगे। दो दिन के अभ्यास के बाद विद्यार्थियों से फाइनल पत्र लिखवाया जाएगा। इसे वे स्वयं बड़ों को पढ़कर सुनाएंगे। पत्र की फोटो अध्यापक को भेजनी होगी। इस दौरान पत्र को डाकघर अथवा लेटर बॉक्स में डालने का कार्य भी छात्र खुद ही करेंगे।
लेखन कला को सुधारने के लिए योजना की शुरू
इसका उद्देश्य बच्चों के लेखन कला में सुधार करना है। वर्तमान में बच्चों की लिखाई सुंदर नहीं है क्योंकि बच्चों को सुलेख लिखने की आदत नहीं है। उनकी लिखने की कला निखारने के लिए ही यह योजना शुरू की गई है। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को अलग-अलग मंच प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे सीखे सकें और निपुण बन सकें। इस गतिविधि में तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा के बच्चे भाग लेंगे। इन गतिविधियों में बहनें अपने भाइयों के लिए संदेश लिखेंगी।
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ये रहेगा कार्यक्रम
18 अगस्त को शिक्षकों को पत्रों की संख्या के साथ-साथ जिसको पत्र लिखा जाना है उसका नाम, रिश्ता और पत्राचार का पता और पिनकोड की जानकारी देंगे। पत्र में प्राप्तकर्ता के स्थान पर जिसको पत्र लिखा जाना है, उसका नाम लिखना भी जरूरी है। इसी दिन परिवार के सदस्यों की सहायता से बच्चा पत्र लिखेगा और आवश्यक बदलाव करेगा। 19 अगस्त को दो दिन के अभ्यास के बाद बच्चों द्वारा पत्र लिखा जाएगा। इसके बाद डाकघर के माध्यम से पत्र भेजेंगे।
वर्जन
बच्चों की लेखन कला सुधारने व पुराने दौर से जोड़ने के लिए इस कार्यक्रम को शुरू किया गया है, ताकि प्राइमरी कक्षाओं से ही बच्चों की लिखने की कला को सुधारा जा सके और बच्चों में भी साफ-साफ लिखने की रुचि बढ़ सके। - डॉ. कपिल देव, जिला को-ऑडिर्नेटर एफएलएन सिरसा।
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सिरसा। विद्यार्थियों की लेखनी में सुधार करने व पुराने दौर से जोड़ने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने नई योजना शुरू की है। इसके तहत जिले के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी रक्षाबंधन पर अपने भाई- बहन को पत्र लिखेंगे।
तीसरी से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को यह गतिविधि करवाई जाएगी। अभिभावकों की सलाह से बच्चे तय करेंगे कि किस-किस को पत्र लिखना है। इसके बाद शिक्षकों को पत्रों की संख्या के साथ-साथ जिस को पत्र लिखा जाए उसका नाम रिश्ता और पत्राचार का पता पिन कोड की जानकारी देनी होगी। परिवारिक सदस्यों की सहायता से बच्चा पत्र लिखेगा और आवश्यक बदलाव करेगा। पत्र लेखन का बार-बार अभ्यास बच्चों को करवाया जाएगा। इसके बाद पोस्ट कार्ड खरीदने के लिए विद्यार्थी खुद भी अभिभावकों के साथ स्थानीय पोस्ट ऑफिस जाएंगे। दो दिन के अभ्यास के बाद विद्यार्थियों से फाइनल पत्र लिखवाया जाएगा। इसे वे स्वयं बड़ों को पढ़कर सुनाएंगे। पत्र की फोटो अध्यापक को भेजनी होगी। इस दौरान पत्र को डाकघर अथवा लेटर बॉक्स में डालने का कार्य भी छात्र खुद ही करेंगे।
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लेखन कला को सुधारने के लिए योजना की शुरू
इसका उद्देश्य बच्चों के लेखन कला में सुधार करना है। वर्तमान में बच्चों की लिखाई सुंदर नहीं है क्योंकि बच्चों को सुलेख लिखने की आदत नहीं है। उनकी लिखने की कला निखारने के लिए ही यह योजना शुरू की गई है। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को अलग-अलग मंच प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे सीखे सकें और निपुण बन सकें। इस गतिविधि में तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा के बच्चे भाग लेंगे। इन गतिविधियों में बहनें अपने भाइयों के लिए संदेश लिखेंगी।
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ये रहेगा कार्यक्रम
18 अगस्त को शिक्षकों को पत्रों की संख्या के साथ-साथ जिसको पत्र लिखा जाना है उसका नाम, रिश्ता और पत्राचार का पता और पिनकोड की जानकारी देंगे। पत्र में प्राप्तकर्ता के स्थान पर जिसको पत्र लिखा जाना है, उसका नाम लिखना भी जरूरी है। इसी दिन परिवार के सदस्यों की सहायता से बच्चा पत्र लिखेगा और आवश्यक बदलाव करेगा। 19 अगस्त को दो दिन के अभ्यास के बाद बच्चों द्वारा पत्र लिखा जाएगा। इसके बाद डाकघर के माध्यम से पत्र भेजेंगे।
वर्जन
बच्चों की लेखन कला सुधारने व पुराने दौर से जोड़ने के लिए इस कार्यक्रम को शुरू किया गया है, ताकि प्राइमरी कक्षाओं से ही बच्चों की लिखने की कला को सुधारा जा सके और बच्चों में भी साफ-साफ लिखने की रुचि बढ़ सके। - डॉ. कपिल देव, जिला को-ऑडिर्नेटर एफएलएन सिरसा।