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स्ट्रै कैटल फ्री सिटी : चार माह पहले लगाया टेंडर, सिर्फ दिन चला अभियान
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शहर की गलियों में विचरण लावारिस पशु। संवाद
- फोटो : Sirsa
सिरसा। शहर को स्ट्रे कैटल फ्री करने के लिए नगर परिषद ने चार माह पहले टेंडर लगा अभियान शुरू किया था, लेकिन चार दिन चला। नंदीशालाओं व गोशालाओं ने बेसहारा पशुओं को लेने से इंकार कर दिया। इसके कारण अब शहर में करीब तीन हजार बेसहारा पशु काल बनकर घूम रहे है। शहर की कॉलोनियां, मुख्य चौक चौराहे और नेशनल हाईवे के आसपास बेसहारा पशु घूमते हुए नजर आते हैं। ऐसे में सड़क हादसे भी हो रहे हैं।
जिला प्रशासन की ओर से शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं को नंदीशाला और गोशाला में पहुंचाने के लिए कई योजनाएं बनाई गई थी, लेकिन कोई भी योजना पार नहीं हो पाई। शहर को पशु मुक्त करने के लिए गांव केलनियां और रामनगरिया में बड़ी नंदीशाला बनाई गई। इनमें अब करीब 1200 से 1300 पशुओं को रखा गया है। लेकिन इससे दो गुना अधिक पशु अभी भी शहर की सड़कों पर घूमते हुए नजर आते हैं। नगर परिषद ने करीब चार माह पहले ही शहर में घूम रहे पशुओं को नंदी शाला में पहुंचाने के लिए टेंडर निकाला। टेंडर में पशुओं की संख्या के अनुसार ही ठेकेदार को नगर परिषद की तरफ से राशि अदा की जानी थी। इसके बाद ठेकेदार ने अभियान शुरू कर दिया। करीब तीन से चार दिनों में 150 पशुओं को पकड़कर नंदीशाला में पहुंचा दिया गया। लेकिन पांचवें दिन ही नंदीशाला संचालकों ने पशु लेने से इनकार कर दिया। इसके कारण पशु पकड़ो अभियान को बंद कर दिया गया।
शहर के चौक चौराहों पर रहती है बेसहारा पशुओं की भरमार
बेसहारा पशुओं के लिए प्राप्त प्रबंध न किए जाने के कारण अब शहर के चौक चौराहों, कॉलोनियों और गलियों में बेसहारा पशुओं की भरमार देखने को मिलती है। इसके कारण आम लोगों को भी पशुओं के आपस में लड़ने का खतरा सताता रहता है। कॉलोनियों में स्थित गलियों में सुबह से शाम तक बेसहारा पशु चारे की तलाश में एक जगह से दूसरी जगह भटकते रहते हैं। ऐसे में बेसहारा पशु किसी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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दिनभर डंपिंग प्वाइंटों में मारते हैं मुंह, रात को रोड पर करते है आराम
शहर के मुख्य मार्गों पर नगर परिषद की ओर से कूड़ा उठाने के लिए डंपिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। ऐसे में दिनभर बेसहारा पशु इन डंपिंग प्वाइंटों पर पहुंचने वाले कूड़े में मुंह मारते हैं। रात होते ही पशु रोड पर आराम करते हैं। जिसके कारण वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं। शहर में पहले भी कई स्थानों पर बेसहारा पशुओं के कारण वाहन चालक हादसे का शिकार हो चुके है और उनकी मौत हो चुकी है।
शहर के इन स्थानों पर रहता है पशुओं का जमावड़ा
शहर के ओवरब्रिज के समक्ष स्थित डंपिंग प्वाइंट, बरनाला रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का डंपिंग प्वाइंट, ओवरब्रिज के नीचे स्थित सब्जी मंडी में, हिसार रोड स्थित बाजेकां मोड के साथ, शहर के डाकघर के समक्ष स्थित डंपिंग प्वाइंट, जनता भवन रोड स्थित अनाज मंडी क्षेत्र में, वाल्मीकि चौक क्षेत्र, चंडीगढ़िया मोहल्ला क्षेत्र, रानियां रोड, वाल्मीकि चौक से नागरिक अस्पताल रोड, बेगू रोड, गोशाला मोहल्ला, डबवाली रोड स्थित डंपिंग प्वाइंट व अन्य स्थानों पर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है।
लघु सचिवालय के पार्कों में विचरण करते है बेसहारा पशु
शहर के लघु सचिवालय क्षेत्र में स्थित पार्कों में भी बेसहारा पशु घूमते हुए नजर आते हैं। लेकिन पशुओं को वहां से हटाने के लिए कोई भी कर्मचारी तैनात दिखाई नहीं देता। इसके कारण पार्क में लगे झूले और पौधों को भी नुकसान पहुंचता है। पार्कों की दीवारें तोड़कर पशु पार्क में पहुंचते हैं।
दूध निकाल खुले में छोड़ दी जाते है गाय,
शहर के रानियां रोड स्थित क्षेत्र में काफी संख्या में पशुओं की डायरिया बनी हुई हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में कई लोगों ने गाय का पालन करते हैं। पालक गाय का दूध निकाल उन्हें बाहर खुले में विचरण के लिए छोड़ देते हैं। जबकि शाम के समय फिर से गाय को वापस घर में ले आते हैं।
बेसहारा पशुओं से ये हो चुके हैं हादसे
नोहरिया बाजार में 40 वर्षीय एक व्यक्ति को बेसहारा पशु ने सींग मार दिया था। इसके कारण व्यक्ति की मौत हो गई थी।
करीब एक वर्ष पहले डबवाली के चौटाला रोड पर बेसहारा पशु के कारण हादसा हो गया था। हादसे में पशु व व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी।
शहर के बस स्टैंड के समक्ष बने डंपिंग प्वाइंट पर कुछ समय पहले ही बाइक सवार व्यक्ति रोड पर बैठे पशु से टकरा गया। इसके कारण वह घायल हो गया और बाइक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।
हिसार रोड स्थित बाजेकां मोड़ के पास काफी संख्या में बेसहारा पशु घुमते रहते हैं। करीब तीन माह पहले ही कार की बेसहारा पशु के साथ टक्कर हो गई थी।
शहर के भादरा बाजार में कुछ दिन पहले ही बेसहारा पशु आपस में भीड़ गए। इसके कारण दो मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि इस दौरान किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई।
वर्जन
पशु को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया था। लेकिन नंदीशालाओं में जगह न होने के कारण उन्होंने पशुओं को लेने से इंकार कर दिया। शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं से निजात पाने के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। जिसके चलते जल्द ही पशुओं से निजात मिल सकेंगे। -संदीप मलिक, ईओ, नगर परिषद सिरसा ।
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जिला प्रशासन की ओर से शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं को नंदीशाला और गोशाला में पहुंचाने के लिए कई योजनाएं बनाई गई थी, लेकिन कोई भी योजना पार नहीं हो पाई। शहर को पशु मुक्त करने के लिए गांव केलनियां और रामनगरिया में बड़ी नंदीशाला बनाई गई। इनमें अब करीब 1200 से 1300 पशुओं को रखा गया है। लेकिन इससे दो गुना अधिक पशु अभी भी शहर की सड़कों पर घूमते हुए नजर आते हैं। नगर परिषद ने करीब चार माह पहले ही शहर में घूम रहे पशुओं को नंदी शाला में पहुंचाने के लिए टेंडर निकाला। टेंडर में पशुओं की संख्या के अनुसार ही ठेकेदार को नगर परिषद की तरफ से राशि अदा की जानी थी। इसके बाद ठेकेदार ने अभियान शुरू कर दिया। करीब तीन से चार दिनों में 150 पशुओं को पकड़कर नंदीशाला में पहुंचा दिया गया। लेकिन पांचवें दिन ही नंदीशाला संचालकों ने पशु लेने से इनकार कर दिया। इसके कारण पशु पकड़ो अभियान को बंद कर दिया गया।
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शहर के चौक चौराहों पर रहती है बेसहारा पशुओं की भरमार
बेसहारा पशुओं के लिए प्राप्त प्रबंध न किए जाने के कारण अब शहर के चौक चौराहों, कॉलोनियों और गलियों में बेसहारा पशुओं की भरमार देखने को मिलती है। इसके कारण आम लोगों को भी पशुओं के आपस में लड़ने का खतरा सताता रहता है। कॉलोनियों में स्थित गलियों में सुबह से शाम तक बेसहारा पशु चारे की तलाश में एक जगह से दूसरी जगह भटकते रहते हैं। ऐसे में बेसहारा पशु किसी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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दिनभर डंपिंग प्वाइंटों में मारते हैं मुंह, रात को रोड पर करते है आराम
शहर के मुख्य मार्गों पर नगर परिषद की ओर से कूड़ा उठाने के लिए डंपिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। ऐसे में दिनभर बेसहारा पशु इन डंपिंग प्वाइंटों पर पहुंचने वाले कूड़े में मुंह मारते हैं। रात होते ही पशु रोड पर आराम करते हैं। जिसके कारण वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं। शहर में पहले भी कई स्थानों पर बेसहारा पशुओं के कारण वाहन चालक हादसे का शिकार हो चुके है और उनकी मौत हो चुकी है।
शहर के इन स्थानों पर रहता है पशुओं का जमावड़ा
शहर के ओवरब्रिज के समक्ष स्थित डंपिंग प्वाइंट, बरनाला रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का डंपिंग प्वाइंट, ओवरब्रिज के नीचे स्थित सब्जी मंडी में, हिसार रोड स्थित बाजेकां मोड के साथ, शहर के डाकघर के समक्ष स्थित डंपिंग प्वाइंट, जनता भवन रोड स्थित अनाज मंडी क्षेत्र में, वाल्मीकि चौक क्षेत्र, चंडीगढ़िया मोहल्ला क्षेत्र, रानियां रोड, वाल्मीकि चौक से नागरिक अस्पताल रोड, बेगू रोड, गोशाला मोहल्ला, डबवाली रोड स्थित डंपिंग प्वाइंट व अन्य स्थानों पर बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है।
लघु सचिवालय के पार्कों में विचरण करते है बेसहारा पशु
शहर के लघु सचिवालय क्षेत्र में स्थित पार्कों में भी बेसहारा पशु घूमते हुए नजर आते हैं। लेकिन पशुओं को वहां से हटाने के लिए कोई भी कर्मचारी तैनात दिखाई नहीं देता। इसके कारण पार्क में लगे झूले और पौधों को भी नुकसान पहुंचता है। पार्कों की दीवारें तोड़कर पशु पार्क में पहुंचते हैं।
दूध निकाल खुले में छोड़ दी जाते है गाय,
शहर के रानियां रोड स्थित क्षेत्र में काफी संख्या में पशुओं की डायरिया बनी हुई हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में कई लोगों ने गाय का पालन करते हैं। पालक गाय का दूध निकाल उन्हें बाहर खुले में विचरण के लिए छोड़ देते हैं। जबकि शाम के समय फिर से गाय को वापस घर में ले आते हैं।
बेसहारा पशुओं से ये हो चुके हैं हादसे
नोहरिया बाजार में 40 वर्षीय एक व्यक्ति को बेसहारा पशु ने सींग मार दिया था। इसके कारण व्यक्ति की मौत हो गई थी।
करीब एक वर्ष पहले डबवाली के चौटाला रोड पर बेसहारा पशु के कारण हादसा हो गया था। हादसे में पशु व व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी।
शहर के बस स्टैंड के समक्ष बने डंपिंग प्वाइंट पर कुछ समय पहले ही बाइक सवार व्यक्ति रोड पर बैठे पशु से टकरा गया। इसके कारण वह घायल हो गया और बाइक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।
हिसार रोड स्थित बाजेकां मोड़ के पास काफी संख्या में बेसहारा पशु घुमते रहते हैं। करीब तीन माह पहले ही कार की बेसहारा पशु के साथ टक्कर हो गई थी।
शहर के भादरा बाजार में कुछ दिन पहले ही बेसहारा पशु आपस में भीड़ गए। इसके कारण दो मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि इस दौरान किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई।
वर्जन
पशु को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया था। लेकिन नंदीशालाओं में जगह न होने के कारण उन्होंने पशुओं को लेने से इंकार कर दिया। शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं से निजात पाने के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। जिसके चलते जल्द ही पशुओं से निजात मिल सकेंगे। -संदीप मलिक, ईओ, नगर परिषद सिरसा ।