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Sirsa News: अंतरिक्ष अन्वेषण में एआई व एमएल का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। भारतीय स्पेस अकादमी की ओर से विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए अंतरिक्ष अन्वेषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) पर आधारित विशेष छह दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला अंतरिक्ष विज्ञान में नवीनतम तकनीकों की समझ विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला का आयोजन 23 फरवरी से किया जाएगा, जिसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक प्रतिभागी 10 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं। यह संपूर्ण कार्यशाला ऑनलाइन माध्यम से जूम एप्लीकेशन पर आयोजित होगी, जिससे देशभर के विद्यार्थी और शिक्षक इसमें आसानी से भाग ले सकेंगे। 6 दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में प्रतिदिन 90 मिनट का सत्र रखा गया है। सत्र शाम 5 बजे से 7 बजे तक आयोजित होंगे। कार्यशाला की भाषा अंग्रेजी रहेगी, ताकि तकनीकी विषयों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शब्दावली के साथ बेहतर ढंग से समझाया जा सके।
विद्यार्थी से फैकल्टी मेंबर तक ले सकते हैं भाग
इस विशेष कार्यक्रम में अंडरग्रेजुएट (यूजी), पोस्टग्रेजुएट (पीजी) विद्यार्थी, रिसर्च स्कॉलर और फैकल्टी मेंबर भाग ले सकते हैं। आयोजकों के अनुसार 1200 रुपये शुल्क रखा गया है ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी और शिक्षक इसका लाभ उठा सकें। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को यह बताया जाएगा कि किस प्रकार एआई और एमएल का उपयोग सैटेलाइट डेटा एनालिसिस, स्पेस मिशन प्लानिंग, रिमोट सेंसिंग, स्पेस ऑब्जेक्ट डिटेक्शन और भविष्य की अंतरिक्ष तकनीकों में किया जा रहा है।
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सिरसा। भारतीय स्पेस अकादमी की ओर से विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए अंतरिक्ष अन्वेषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) पर आधारित विशेष छह दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला अंतरिक्ष विज्ञान में नवीनतम तकनीकों की समझ विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला का आयोजन 23 फरवरी से किया जाएगा, जिसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक प्रतिभागी 10 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं। यह संपूर्ण कार्यशाला ऑनलाइन माध्यम से जूम एप्लीकेशन पर आयोजित होगी, जिससे देशभर के विद्यार्थी और शिक्षक इसमें आसानी से भाग ले सकेंगे। 6 दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में प्रतिदिन 90 मिनट का सत्र रखा गया है। सत्र शाम 5 बजे से 7 बजे तक आयोजित होंगे। कार्यशाला की भाषा अंग्रेजी रहेगी, ताकि तकनीकी विषयों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शब्दावली के साथ बेहतर ढंग से समझाया जा सके।
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विद्यार्थी से फैकल्टी मेंबर तक ले सकते हैं भाग
इस विशेष कार्यक्रम में अंडरग्रेजुएट (यूजी), पोस्टग्रेजुएट (पीजी) विद्यार्थी, रिसर्च स्कॉलर और फैकल्टी मेंबर भाग ले सकते हैं। आयोजकों के अनुसार 1200 रुपये शुल्क रखा गया है ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी और शिक्षक इसका लाभ उठा सकें। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को यह बताया जाएगा कि किस प्रकार एआई और एमएल का उपयोग सैटेलाइट डेटा एनालिसिस, स्पेस मिशन प्लानिंग, रिमोट सेंसिंग, स्पेस ऑब्जेक्ट डिटेक्शन और भविष्य की अंतरिक्ष तकनीकों में किया जा रहा है।
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