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चुनाव आयोग की भूमिका ठीक नहीं, जाएंगे कोर्ट : अभय चौटाला
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Sat, 30 Apr 2016 12:50 AM IST
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अभय चौटाला
- फोटो : Bureau
इनेलो विधायक एवं नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि इस चुनाव में चुनाव आयुक्त की भूमिका ठीक नहीं रही, सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग हुआ है, इस मुद्दे को लेकर इनेलो अदालत जाएगा क्योंकि इससे निकाय चुनाव निष्पक्ष नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा ने मिलकर चुनाव लड़ा है।
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वे शुक्रवार को चौटाला हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पंचायत समिति और जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव से भाजपा सदैव भागती रही है। भाजपा ने ओछे हथकंडे अपनाए हैं। कहीं पैसों का लालच देकर, कहीं नौकरी का लालच देकर तो कहीं डरा धमका कर सदस्यों को तोड़ा है। इनेलो को बाहर रखने के लिए भाजपा और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा है। कही पर कांग्रेस ने भाजपा की तो, कहीं पर भाजपा ने कांग्रेस की मदद की है।
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उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में यही स्थिति रही, हर स्थान पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। आज जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में सांसद और विधायकों तक को भीतर नहीं जाने दिया गया। इतना ही नहीं उन्हें भी रोका गया। वे किसी भी सूरत में माहौल खराब नहीं करना चाहते थे। वार्ड 22 की सदस्य सुखराज कौर के पति गुरजंट सिंह को एक करोड़ रुपये का लालच दिया गया जब उसने मना किया तो उसे एक करोड़ और एक गाड़ी का लालच दिया गया पर उसने साफ इंकार दिया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के सदस्य चाननमल और प्रदीप कुमार को भी पहले लालच दिया गया और बाद में डराया गया। तीनों को उन्होंने मीडिया के सामने पेश भी किया। उनकी पार्टी के चार से पांच सदस्यों को भाजपा नेताओं ने खरीदने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि सांसद, विधायकों और मीडिया तक को चुनाव से दूर रखा गया, साथ ही उन्हें रोका गया। सरकार ने प्रशासन को नपुंसक बनाकर रख दिया है। इनेलो ने इस चुनाव में कांग्रेस और भाजपा दोनों को करारा जवाब दिया है। सिरसा में यह चुनाव कोर्ट के आदेश पर हुआ है, वर्ना भाजपा नेता जगदीश चोपड़ा इस चुनाव को भी अपने घर पर ही करा लेते। सिरसा में ही सांसद औार विधायकों को मतदान स्थल पर जाने से रोका गया जबकि दूसरे जिलों में ऐसा नहीं था, इसके लिए सरकार के दबाव में चुनाव आयुक्त की ओर से आदेश जारी किए गए थे।
उन्होंने कहा कि देश में पहली बार किसी अवकाश प्राप्त आईएएस को चुनाव आयुक्त बनाया गया। इस चुनाव आयुक्त की देखरेख में पंचायत चुनाव ठीक ढंग से नहीं हुए हैं और इसके रहते नगर परिषद और पालिका के चुनाव भी निष्पक्ष नहीं हो सकते ऐसे में चुनाव आयुक्त को लेकर इनेलो कोर्ट जाएगा।
इस मौके पर इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, रामपाल माजरा, विधायक मक्खन सिंगला, विधायक रामचंद कंबोज, विधायक बलकौर सिंह, दिग्विजय सिह चौटाला, जिला प्रधान पदम जैन, कृष्णा फौगाट, जिला परिषद के नव निर्वाचित अध्यक्ष रेणुबाला बाला, उपाध्यक्ष कर्ण चौटाला आदि मौजूद थे।
...तो अपने चुनाव चिह्न पर निकाय चुनाव लड़ेंगे
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर दूसरे राजनीतिक दल अपने चुनाव चिह्न पर स्थानीय निकाय चुनाव लड़ते हैं तो इनेलो भी अपने चुनाव चिह्न पर उम्मीदवार मैदान में उतारेगा। जिला परिषद सदस्यों और मीडिया कर्मियों के वाहनों को तीन सौ मीटर पहले ही रोकने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में इस प्रकार से काम नहीं चलता। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव को लेकर कोर्ट का आदेश न होता तो सरकार इस चुनाव को छह माह बाद करवाती।
कुलदीप अब हुड्डा को दिखाएंगे बाहर का रास्ता
हजकां के कांग्रेस में विलय के सवाल पर उन्होंने कहा कि कुलदीप बिश्नोई ने कांग्रेस छोड़ी ही कब थी। पहले भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कुलदीप बिश्नोई को कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखाया था, इस बार कुलदीप बिश्नोई हुड्डा को कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखाएगा।