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माता चांदकौर की अंतिम अरदास रोकने को संगत लामबंद
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Sat, 09 Apr 2016 01:22 AM IST
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नामधारी
- फोटो : Bureau
जिला की नामधारी साध संगत ने शुक्रवार का उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर श्रीजीवननगर में नौ अप्रैल को ठाकुर दलीप सिंह की ओर से माता चांदकौर के अंतिम अरदास कार्यक्रम पर रोक लगाने की अपील की है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे किसी भी कीमत पर ये कार्यक्रम नहीं होने देंगे इसलिए इसको रोकने के लिए प्रशासन व पुलिस से अपील करने आए हैं।
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नामधारी समाज के सैकड़ों लोग शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय में पंहुचे और उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि श्रीजीवननगर में माता चांदकौर के भतीजे ठाकुर दलीप सिंह द्वारा नौ अप्रैल को अंतिम अरदास कार्यक्रम प्रस्तावित है जो कि पूरी तरह अनुचित एवं गैर पारंपरिक है, यदि ऐसा कार्यक्रम वहां होता है तो नामधारी समाज के श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होंगी और इलाके में कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है।
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ज्ञापन मेें कहा गया है कि बीती चार अप्रैल को लुधियाना के भैणी साहब में नामधारी समुदाय की माता एवं सतगुरु जगजीत सिंह की पत्नी चांदकौर की अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी और पांच अप्रैल को ही भैणी साहब में उनका अंतिम संस्कार किया गया। नामधारी समाज ने कहा कि 10 अप्रैल को भैणी साहब में अखंड पाठ का भोग डालकर अंतिम अरदास की जाएगी। ज्ञापन में कहा गया है कि समाचार पत्रों में छपी खबरों के अनुसार माता चंदकौर की हत्या मामले में ठाकुर दलीप सिंह का नाम शक के दायरे में है, इसलिए उनके द्वारा जीवननगर में अंतिम अरदास की कार्यवाई करना पूरी तरह आपत्तिजनक है।
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नामधारी समाज ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर ये कार्यक्रम नहीं होने देंगे व इसको रोकने के लिए प्रशासन व पुलिस से अपील करने आए हैं। उपायुक्त के बाद समाज के लोगों ने एसपी से मुलाकात करके ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर मलकीत सिंह खोसा, पूर्व चेयरमैन हरमीत सिंह, ध्यान सिंह, पूर्ण सिंह करीवाला, गुरचरण सिंह डेरा मस्तानगढ़, ध्यान सिंह भिंडर, कश्मीर सिंह भंगु, सुखचैन सिंह पूर्व सरपंच, देवेंद्र सिंह, गुरचरण सिंह संतनगर, बलदेव सिंह अमृतसर, त्रिलोक सिंह, सुरजीत सिंह, बूटा सिंह, सतनाम सिंह, हरतेज सिंह सहित सैकड़ों की तादाद में नामधारी समुदाय के प्रतिनिधि व श्रद्धालु शामिल थे।