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Sirsa News: ताक पर नियम...पानी से भरे गड्ढे में कचरा डंप करने में जुटी एजेंसी, अधिकारी बोले- करवाएं जांच
Sat, 02 Sep 2023 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 02 Sep 2023 11:37 PM IST
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गांव नटार में एजेंसी के द्वारा गड्ढे में पानी के अंदर डाला गया कचरा। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। बकरियांवाली में कचरा निस्तारण प्लांट शुरू नहीं होना प्रशासन के साथ साथ आमजन के लिए परेशानी बन गया है। प्रशासनिक अधिकारी प्लांट को शुरू करने की जुगत में प्रदूषण बोर्ड और एनजीटी के नियमों को दरकिनार कर रहे हैं। पूर्व एजेंसी को पांच एकड़ से कचरा उठाने और निस्तारण करने का नोटिस देने के बाद अधिकारी चुप हो गए। परिणाम यह हुआ कि एजेंसी घोर लापरवाही बरती रही है। गांव नटार के पास पानी से भरे गड्ढे में कचरे को डंप किया जा रहा है। हैरानी के बात तो यह है कि अधिकारी भी इससे अनजान है। मामला संज्ञान में लाने के बाद अधिकारियों को कहना है कि वे इसकी जांच करवाएंगे।
शहर में पिछले 13 दिनों को कचरे का उठान ठप पड़ा है। शहर में हजार टन जमा हो गया है। डंपिंग प्वाइंट पर कचरे के 10 फुट से ऊंचे ढेर लग चुके हैं। दूसरी ओर व्यवस्था बनाने को लेकर बकरियांवाली कचरा प्लांट के बाहर ग्रामीणों का धरना जारी है। प्रशासन ने दो दिन पहले ग्रामीणों से बैठक कर दावा किया था कि दो दिन में व्यवस्था को सुचारू कर दिया जाएगा। इसके बाद भी स्थिति जस की तस है। वहीं पुरानी एजेंसी प्लांट से कचरा उठाकर नटार गांव से बमुश्किल एक किलोमीटर दूर पानी से भरे 15 फुट गहरे गड्ढे में डाल रही है। कचरा पिछले कुछ दिनों से डाला जा रहा है। इसके साथ ही खुली जगह पर कई ट्राली कचरा डाला गया है। इसकी बदबू के कारण में लोग परेशान हो रहे हैं।
बॉक्स
यह है नियम
- कोई एजेंसी या प्रशासन खुले में कचरा नहीं डाल सकता है।
- जमीन में कचरे का दबाया नहीं जा सकता है।
- कचरे का सेग्रीगेशन करना अनिवार्य है।
बॉक्स
यह हो सकती है कार्रवाई
- प्रदूषण बोर्ड एजेंसी और नगर परिषद अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर सकते हैं। एजेंसी पर भारी भरकम जुर्माना व ब्लैक लिस्ट तक करने का प्रावधान है। वहीं अधिकारियों के खिलाफ मुख्यालय को बोर्ड के अधिकारी लिख सकते है।
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- नगर परिषद के अधिकारी स्वयं स्वच्छता को बनाए गए नियमों अनुसार एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई कर सकते हैं। क्योंकि जुर्माना लगाने और भुगतान रोकनी की कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है।
बॉक्स
कचरा निस्तारण प्लांट में यह चल रहा है काम
- पुरानी एजेंसी की ओर से कचरा उठाने का काम जारी है।
- पुरानी एजेंसी की मशीन ज्यादा कचरा निस्तारण करने में सक्षम नहीं है।
- नई एजेंसी कचरा निस्तारण प्लांट लगाने को लेकर मशीनरी ले आई है।
- बकरियांवाली के ग्रामीणों का प्लांट के बाहर धरना जारी है।
- शहर से डोर-टू-डोर कचरे का पूर्ण रूप से उठान नहीं हो रहा है।
-- -
कोट्स
खुले में कचरा डालने के संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। यदि ऐसा मामला है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। खुले में कोई कचरा नहीं डाल सकता है। यह नियमानुसार गलत है। - सुनील श्योराण, वैज्ञानिक व एसडीओ प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड
--
कोट्स
मुझे ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है। यदि एजेंसी की ओर से ऐसा किया जा रहा है तो मामले की जांच करवाई जाएगी। वीरेंद्र सिंह , जिला नगर आयुक्त ।
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सिरसा। बकरियांवाली में कचरा निस्तारण प्लांट शुरू नहीं होना प्रशासन के साथ साथ आमजन के लिए परेशानी बन गया है। प्रशासनिक अधिकारी प्लांट को शुरू करने की जुगत में प्रदूषण बोर्ड और एनजीटी के नियमों को दरकिनार कर रहे हैं। पूर्व एजेंसी को पांच एकड़ से कचरा उठाने और निस्तारण करने का नोटिस देने के बाद अधिकारी चुप हो गए। परिणाम यह हुआ कि एजेंसी घोर लापरवाही बरती रही है। गांव नटार के पास पानी से भरे गड्ढे में कचरे को डंप किया जा रहा है। हैरानी के बात तो यह है कि अधिकारी भी इससे अनजान है। मामला संज्ञान में लाने के बाद अधिकारियों को कहना है कि वे इसकी जांच करवाएंगे।
शहर में पिछले 13 दिनों को कचरे का उठान ठप पड़ा है। शहर में हजार टन जमा हो गया है। डंपिंग प्वाइंट पर कचरे के 10 फुट से ऊंचे ढेर लग चुके हैं। दूसरी ओर व्यवस्था बनाने को लेकर बकरियांवाली कचरा प्लांट के बाहर ग्रामीणों का धरना जारी है। प्रशासन ने दो दिन पहले ग्रामीणों से बैठक कर दावा किया था कि दो दिन में व्यवस्था को सुचारू कर दिया जाएगा। इसके बाद भी स्थिति जस की तस है। वहीं पुरानी एजेंसी प्लांट से कचरा उठाकर नटार गांव से बमुश्किल एक किलोमीटर दूर पानी से भरे 15 फुट गहरे गड्ढे में डाल रही है। कचरा पिछले कुछ दिनों से डाला जा रहा है। इसके साथ ही खुली जगह पर कई ट्राली कचरा डाला गया है। इसकी बदबू के कारण में लोग परेशान हो रहे हैं।
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यह है नियम
- कोई एजेंसी या प्रशासन खुले में कचरा नहीं डाल सकता है।
- जमीन में कचरे का दबाया नहीं जा सकता है।
- कचरे का सेग्रीगेशन करना अनिवार्य है।
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यह हो सकती है कार्रवाई
- प्रदूषण बोर्ड एजेंसी और नगर परिषद अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर सकते हैं। एजेंसी पर भारी भरकम जुर्माना व ब्लैक लिस्ट तक करने का प्रावधान है। वहीं अधिकारियों के खिलाफ मुख्यालय को बोर्ड के अधिकारी लिख सकते है।
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- नगर परिषद के अधिकारी स्वयं स्वच्छता को बनाए गए नियमों अनुसार एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई कर सकते हैं। क्योंकि जुर्माना लगाने और भुगतान रोकनी की कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है।
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कचरा निस्तारण प्लांट में यह चल रहा है काम
- पुरानी एजेंसी की ओर से कचरा उठाने का काम जारी है।
- पुरानी एजेंसी की मशीन ज्यादा कचरा निस्तारण करने में सक्षम नहीं है।
- नई एजेंसी कचरा निस्तारण प्लांट लगाने को लेकर मशीनरी ले आई है।
- बकरियांवाली के ग्रामीणों का प्लांट के बाहर धरना जारी है।
- शहर से डोर-टू-डोर कचरे का पूर्ण रूप से उठान नहीं हो रहा है।
कोट्स
खुले में कचरा डालने के संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। यदि ऐसा मामला है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। खुले में कोई कचरा नहीं डाल सकता है। यह नियमानुसार गलत है। - सुनील श्योराण, वैज्ञानिक व एसडीओ प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड
कोट्स
मुझे ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है। यदि एजेंसी की ओर से ऐसा किया जा रहा है तो मामले की जांच करवाई जाएगी। वीरेंद्र सिंह , जिला नगर आयुक्त ।