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शोधार्थियों का किसी भी विश्वविद्यालय की उन्नति में अहम योगदान : मलिक
Tue, 09 Jan 2024 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 09 Jan 2024 11:35 PM IST
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सिरसा । चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजमेर सिंह मलिक ने डीन रिसर्च के तत्वावधान में विश्वविद्यालय में पीएचडी कर रहे रिसर्च स्कॉलर्स के साथ एक संवाद कार्यक्रम में शिरकत की। इस कार्यक्रम में डीन रिसर्च प्रोफेसर रचना अहलावत ने कुलपति का स्वागत किया और उन्होंने स्कॉलर्स के साथ कुलपति को रूबरू होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि शोधार्थियों का किसी भी विश्वविद्यालय की उन्नति में अहम योगदान रहता है। उन्हें भी विश्वविद्यालय की उन्नति में अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए।
कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने शोधार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन रिसर्च स्कॉलर्स को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्घ है। विश्वविद्यालय में नए भवन का निर्माण आगामी तीन से चार माह में पूरा हो जाएगा । जिससे शोधार्थियों को रिसर्च के लिए जगह की कमी की सामना नहीं करना पड़ेगा।
कुलपति ने कहा कि विवि की लाइब्रेरी में पर्याप्त किताबें उपलब्ध हैं, यदि फिर भी किसी स्कॉलर को कोई पुस्तक चाहिए तो वह अपने डीन रिसर्च के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत करवा सकता है। जिसे उपलब्ध करवाया जाएगा। कुलपति ने अपने अनुभव सांझा करते हुए कहा कि शोधार्थी केवल विश्वविद्यालय तक ही सीमित न रहकर अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों व एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में भी जाए और उनसे अपने विचार सांझा करें। इससे उनके रिसर्च में भी सहायता मिलेगी व विश्वविद्यालय को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने शोधार्थियों को नए विचार सांझा करने के लिए आमंत्रित किए और कहा कि उन विचारों पर मंथन करके जो छात्र हित में बेहतर होगा उसे लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
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अधिष्ठाता प्रोफेसर सुरेश कुमार गहलावत ने कहा कि कुलपति के दिशा-निर्देश में विवि में विद्यार्थियों को अनेक सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा है। सीडीएलयू पहला विश्वविद्यालय है जहां पर 75 के लगभग जेआरएफ विद्यार्थियों को सीधे प्रवेश मिला है।
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कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने शोधार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन रिसर्च स्कॉलर्स को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्घ है। विश्वविद्यालय में नए भवन का निर्माण आगामी तीन से चार माह में पूरा हो जाएगा । जिससे शोधार्थियों को रिसर्च के लिए जगह की कमी की सामना नहीं करना पड़ेगा।
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कुलपति ने कहा कि विवि की लाइब्रेरी में पर्याप्त किताबें उपलब्ध हैं, यदि फिर भी किसी स्कॉलर को कोई पुस्तक चाहिए तो वह अपने डीन रिसर्च के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत करवा सकता है। जिसे उपलब्ध करवाया जाएगा। कुलपति ने अपने अनुभव सांझा करते हुए कहा कि शोधार्थी केवल विश्वविद्यालय तक ही सीमित न रहकर अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों व एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में भी जाए और उनसे अपने विचार सांझा करें। इससे उनके रिसर्च में भी सहायता मिलेगी व विश्वविद्यालय को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने शोधार्थियों को नए विचार सांझा करने के लिए आमंत्रित किए और कहा कि उन विचारों पर मंथन करके जो छात्र हित में बेहतर होगा उसे लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
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अधिष्ठाता प्रोफेसर सुरेश कुमार गहलावत ने कहा कि कुलपति के दिशा-निर्देश में विवि में विद्यार्थियों को अनेक सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा है। सीडीएलयू पहला विश्वविद्यालय है जहां पर 75 के लगभग जेआरएफ विद्यार्थियों को सीधे प्रवेश मिला है।