फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Relief from High Court to professor who accused CDLU VC of sexual harassment

Sirsa News: सीडीएलयू के वीसी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली प्रोफेसर को हाईकोर्ट से राहत

Tue, 13 Aug 2024 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Tue, 13 Aug 2024 01:15 AM IST
विज्ञापन
Relief from High Court to professor who accused CDLU VC of sexual harassment
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा के वाइस चांसलर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली सीनियर एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन हाईकोर्ट के फैसले से पहले कोई फैसला नहीं ले सकेगा। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस विनोद एस भारद्वाज ने विश्वविद्यालय प्रशासन को नोटिस जारी कर इस संबंध में आदेश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई 4 अक्तूबर को होगी।

बता दें कि सीडीएलयू की एक महिला सीनियर एसोसिएट प्रोफेसर ने 7 फरवरी 2024 को सीडीएलयू के वाइस चांसलर प्रो. अजमेर मलिक के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। महिला प्रोफेसर का आरोप था कि जब वह विश्वविद्यालय के एक विभाग की चेयरपर्सन थीं तब वीसी उसे बार-बार अपने कार्यालय में बुलाते और कहते थे कि प्रमोशन के लिए तो लोग क्या कुछ नहीं करते, आप हो कि आते ही नहीं। जांच के बाद पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि महिला प्रोफेसर आरोपी के खिलाफ कोई पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर पाई है। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरटीआई के जरिए पुलिस से जांच रिपोर्ट प्राप्त की। इस रिपोर्ट को कार्यकारी परिषद की बैठक में रखा। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने महिला प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बना लिया।
विज्ञापन





हाईकोर्ट ने सीडीएलयू प्रशासन को जारी किया नोटिस

पुलिस की जांच रिपोर्ट से असंतुष्ट महिला प्रोफेसर ने सिरसा कोर्ट में आरोपी के खिलाफ आपराधिक शिकायत दायर कर दी और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सीडीएलयू प्रशासन के खिलाफ याचिका दायर की। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस विनोद एस भारद्वाज ने सीडीएलयू प्रशासन को आदेश जारी किया है कि जब तक हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई पूरी नहीं कर लेता तब तक विश्वविद्यालय प्रशासन महिला प्रोफेसर के प्रति कोई फैसला नहीं ले सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed