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Sirsa News: स्वच्छता सर्वेक्षण में गिर रही रैंकिंग, इस बार भी नहीं सुधरी व्यवस्था
Thu, 19 Sep 2024 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 19 Sep 2024 11:02 PM IST
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डंपिंग प्वाइंट से जेसीबी के सहायता से कचरा उठता कर्मचारी। स्रोत : विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर परिषद ने एक बार फिर तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछले तीन सालों से लगातार स्वच्छता रैंकिंग में आ रही गिरावट को बचाना नगर परिषद के लिए चुनौती बन गया है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इस बार भी ऐसा हो पाना संभव नहीं है।
वर्ष 2023 के सर्वेक्षण के आंकड़े पर गौर करें तो सर्विस लेवल प्रोग्रेस से लेकर सर्टिफिकेशन में 65 प्रतिशत से ज्यादा अंकों की कटौती की गई थी। अभी तक इन दिनों दिशाओं में कोई ठोस कार्य विभाग की ओर से नहीं किया गया है। शहर में सफाई को लेकर भले ही कर्मचारियों की संख्या में इजाफा किया गया है। इसके बावजूद जगह- जगह पर कचरे के ढेर लगे हैं। रेहड़ी व दुकानदारों को अभी भी गीले और सूखे कचरे के डस्टबिन रखने की आदत नहीं पड़ी है। डंपिंग प्वाइंटों पर बेसहारा पशु का जमावड़ा रहता है। बड़े स्तर पर कचरा उत्पादन करने वाले संस्थानों में कचरा निस्तारण नहीं हो रहा है। सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति बेहतर नहीं है। शहर के कई क्षेत्र में शौचालयों में पानी, सीट, दीवारों के खस्ता हालात है।
वहीं, शहर में जागरूकता अभियान और विभिन्न प्रोजेक्टों को गति देने वाला सिटी टीम लीडर ही नगर परिषद के पास नहीं है। एक माह पहले ही शहरी टीम लीडर-सीटीएल का तबादला हो चुका है। ऐसे में दस्तावेजों को पूरा करने से लेकर जागरूकता अभियान चलाने में नगर परिषद अधिकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, स्वच्छता सर्वेक्षण के पैमानों के अनुरूप बिना टीमों के गठन के कार्य कर पाना संभव नहीं है।
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स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर यह करने होते हैं मुख्य कार्य
- स्कूलों, कॉलेज व विश्वविद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाना।
- टीमें बनाकर बाजारों में व्यापारियों को गीले व सूखे कचरे की जानकारी देना।
- लोगों को कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना।
- कचरा निस्तारण प्लांट पर शत प्रतिशत निस्तारण करवाना।
- डंपिंग प्वाइंटों को खत्म करने का कार्य करना।
- पार्कों व ग्रीन बेल्ट आदि को गोद देना।
- घरों से शत प्रतिशत निस्तारण करवाकर कूड़े का उठान करना।
- एसडब्ल्यूएम का डाटा साइट पर अपलोड करवाना।
- ब्लक वेस्ट जनरेटर संस्थाओं की कंपोस्टिंग व्यवस्था बनाना।
- लोगों को होम कंपोस्टिंग के बारे में जागरूक करना।
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क्यों जरूरी होता है सीटीएल
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर सिटी टीम का कार्य बेहद अहम होता है। सीटीएल ही शहर के स्कूल, कॉलेज, मार्केट आदि में जागरूकता अभियान चलाता है। शहर के विभिन्न संस्थाओं में लोगों को कचरा निस्तारण के प्रति जागरूक करना और गंदगी फैलाने वाले दुकानदारों व लोगों के चालान कटवाने का कार्य सीटीएल की अगुवाई में नगर परिषद की विभिन्न टीमें करती है।
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इन कारणों से गिरी थी रैंकिंग
शहर में खुले में कचरा, सफाई का अभाव, सफाई कर्मचारियों की कमी, सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति और आमजन को फीडबैक के लिए जागरूकता कार्यक्रमों के अभाव के कारण रैंकिंग गिरी है। इतना ही नहीं, सड़क पर घूम रहे बेसहारा पशु और डंपिंग स्टेशनों में फैला कचरा भी रैंकिंग गिरने का मुख्य कारण साबित हुए थे। अभी भी इसमें सुधार नहीं हुआ है।
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सिरसा-- - रैंक
वर्ष - 2018 - 291
वर्ष - 2019 - 270
वर्ष - 2020 - 176
वर्ष - 2021 - 238
वर्ष - 2022 - 254
वर्ष - 2023 - 269
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इस प्रकार रही थी अंकों की स्थिति
- कुल अंक 7500
1. एसएलपी (सर्विस लेवल प्रोग्रेस) : कुल 4830 अंक
- सिरसा को मिले - 1593.14
2 . सर्टिफिकेशन : कुल अंक 2500
- सिरसा को मिले-- 525 अंक
3. सिटीजन वायस : कुल अंक 2170
- सिरसा को मिले : 1352.13 अंक
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कोट्स
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सीटीएल का तबादला हो चुका है। इस कारण कुछ परेशानी आ रही है। हमारा प्रयास है कि इस बार रैंकिंग में गिरावट नहीं आने दी जाएगी। - जयवीर सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद।
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सिरसा। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगर परिषद ने एक बार फिर तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछले तीन सालों से लगातार स्वच्छता रैंकिंग में आ रही गिरावट को बचाना नगर परिषद के लिए चुनौती बन गया है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इस बार भी ऐसा हो पाना संभव नहीं है।
वर्ष 2023 के सर्वेक्षण के आंकड़े पर गौर करें तो सर्विस लेवल प्रोग्रेस से लेकर सर्टिफिकेशन में 65 प्रतिशत से ज्यादा अंकों की कटौती की गई थी। अभी तक इन दिनों दिशाओं में कोई ठोस कार्य विभाग की ओर से नहीं किया गया है। शहर में सफाई को लेकर भले ही कर्मचारियों की संख्या में इजाफा किया गया है। इसके बावजूद जगह- जगह पर कचरे के ढेर लगे हैं। रेहड़ी व दुकानदारों को अभी भी गीले और सूखे कचरे के डस्टबिन रखने की आदत नहीं पड़ी है। डंपिंग प्वाइंटों पर बेसहारा पशु का जमावड़ा रहता है। बड़े स्तर पर कचरा उत्पादन करने वाले संस्थानों में कचरा निस्तारण नहीं हो रहा है। सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति बेहतर नहीं है। शहर के कई क्षेत्र में शौचालयों में पानी, सीट, दीवारों के खस्ता हालात है।
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वहीं, शहर में जागरूकता अभियान और विभिन्न प्रोजेक्टों को गति देने वाला सिटी टीम लीडर ही नगर परिषद के पास नहीं है। एक माह पहले ही शहरी टीम लीडर-सीटीएल का तबादला हो चुका है। ऐसे में दस्तावेजों को पूरा करने से लेकर जागरूकता अभियान चलाने में नगर परिषद अधिकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, स्वच्छता सर्वेक्षण के पैमानों के अनुरूप बिना टीमों के गठन के कार्य कर पाना संभव नहीं है।
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स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर यह करने होते हैं मुख्य कार्य
- स्कूलों, कॉलेज व विश्वविद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाना।
- टीमें बनाकर बाजारों में व्यापारियों को गीले व सूखे कचरे की जानकारी देना।
- लोगों को कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना।
- कचरा निस्तारण प्लांट पर शत प्रतिशत निस्तारण करवाना।
- डंपिंग प्वाइंटों को खत्म करने का कार्य करना।
- पार्कों व ग्रीन बेल्ट आदि को गोद देना।
- घरों से शत प्रतिशत निस्तारण करवाकर कूड़े का उठान करना।
- एसडब्ल्यूएम का डाटा साइट पर अपलोड करवाना।
- ब्लक वेस्ट जनरेटर संस्थाओं की कंपोस्टिंग व्यवस्था बनाना।
- लोगों को होम कंपोस्टिंग के बारे में जागरूक करना।
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क्यों जरूरी होता है सीटीएल
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर सिटी टीम का कार्य बेहद अहम होता है। सीटीएल ही शहर के स्कूल, कॉलेज, मार्केट आदि में जागरूकता अभियान चलाता है। शहर के विभिन्न संस्थाओं में लोगों को कचरा निस्तारण के प्रति जागरूक करना और गंदगी फैलाने वाले दुकानदारों व लोगों के चालान कटवाने का कार्य सीटीएल की अगुवाई में नगर परिषद की विभिन्न टीमें करती है।
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इन कारणों से गिरी थी रैंकिंग
शहर में खुले में कचरा, सफाई का अभाव, सफाई कर्मचारियों की कमी, सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति और आमजन को फीडबैक के लिए जागरूकता कार्यक्रमों के अभाव के कारण रैंकिंग गिरी है। इतना ही नहीं, सड़क पर घूम रहे बेसहारा पशु और डंपिंग स्टेशनों में फैला कचरा भी रैंकिंग गिरने का मुख्य कारण साबित हुए थे। अभी भी इसमें सुधार नहीं हुआ है।
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सिरसा
वर्ष - 2018 - 291
वर्ष - 2019 - 270
वर्ष - 2020 - 176
वर्ष - 2021 - 238
वर्ष - 2022 - 254
वर्ष - 2023 - 269
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इस प्रकार रही थी अंकों की स्थिति
- कुल अंक 7500
1. एसएलपी (सर्विस लेवल प्रोग्रेस) : कुल 4830 अंक
- सिरसा को मिले - 1593.14
2 . सर्टिफिकेशन : कुल अंक 2500
- सिरसा को मिले
3. सिटीजन वायस : कुल अंक 2170
- सिरसा को मिले : 1352.13 अंक
कोट्स
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सीटीएल का तबादला हो चुका है। इस कारण कुछ परेशानी आ रही है। हमारा प्रयास है कि इस बार रैंकिंग में गिरावट नहीं आने दी जाएगी। - जयवीर सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद।