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Sirsa News: मानसून की पहली बारिश में शहर हुआ जलमग्न
Tue, 21 Jul 2026 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 21 Jul 2026 11:25 PM IST
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सुरतगढि़या बाजार में हुआ पड़ा जलभराव।
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58 एमएम बारिश से सड़कें बनी तालाब, स्कूल वैन समेत सैकड़ों वाहन फंसे
सड़कों पर पैदल चलना भी हुआ मुश्किल, तापमान में आई 4 डिग्री की गिरावट
अगले 24 घंटे में भी बारिश की संभावना
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। काफी दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे शहरवासियों को मंगलवार सुबह हुई मानसून की पहली बारिश से राहत मिली। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और लोगों को गर्मी व उमस से निजात मिल गई।
बारिश से शहर की सड़कों व गलियों में दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया। इससे लोगों को दिनभर परेशानियों का सामना करना पड़ा। मंगलवार सुबह काले बादल छा गए और तेज हवा चलने लगी। इसके बाद करीब पांच बजे बारिश शुरू हुई जो कुछ देर बाद तेज हो गई।
सुबह करीब 10 बजे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। भारी बारिश के कारण शहर के अधिकांश हिस्सों में जलभराव हो गया। राम कॉलोनी में बच्चों को स्कूल लेकर जा रही एक वैन सुबह करीब सात बजे पानी भरे गड्ढे में फंस गई।
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इसके अलावा, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सैकड़ों वाहन जलभराव और गड्ढों के कारण फंस गए। बारिश के कारण पैदल राहगीरों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई कॉलोनियों में घरों के आगे पानी जमा हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को करीब 58 एमएम बारिश दर्ज की गई। विभाग ने अगले 48 घंटों में भी तेज बारिश की संभावना जताई है। बारिश के कारण मंगलवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया जो सोमवार के मुकाबले चार डिग्री कम रहा।
ग्रामीण क्षेत्रों में गिरी बिजली व छत गिरने से मलबे में दबी गाय व बछड़ा
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश के कारण नुकसान हुआ। गांव छतरियां में बिजली गिरने से एक भैंस सुलझ गई। गांव अहमदपुर में छत गिरने से एक बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, शहर की सुखचैन कॉलोनी में पशुओं के बाड़े की छत गिरने से एक गाय और बछड़ा मलबे में दब गए जिन्हें ग्रामीणों ने तुरंत बाहर निकाल लिया।
ज्यादातर अभिभावकों ने बच्चों को नहीं भेजा स्कूल
बारिश के बाद शहर में हुए भारी जलभराव का असर स्कूलों की उपस्थिति पर भी देखने को मिला। सड़कों व गलियों में दो से तीन फीट तक पानी भर जाने के कारण अधिकांश अभिभावकों ने सुरक्षा के मद्देनजर बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम रही। अभिभावकों का कहना था कि जलभराव और खुले गड्ढों के कारण बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें घर पर ही रखना बेहतर समझा गया।
किसानों के चेहरे खिल उठे
शहर के अलावा आसपास के गांवों में भी अच्छी बारिश हुई है। डिंग, रंगड़ी, धिंगतानियां, बाजेकां, वेद वाला, नेजाडेला कलां, फरवाई, खैरेकां व बेगू में भी बारिश हुई है। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे। किसानों का कहना है कि गर्मी से नरमा व धान की फसल पर बुरा प्रभाव पड़ रहा था। ऐसे में बारिश फसलों के लिए संजीवनी से कम नहीं। बारिश का दौर अगले कई दिनों तक जारी रहा तो फसलों को बहुत लाभ होगा।
धान उत्पादकों के लिए राहत
किसान ओम प्रकाश, रोहताश, राजाराम व भूपेंद्र सिंह का कहना है कि धान की फसल लिए भरपूर पानी चाहिए। इसलिए धान उत्पादकों के लिए बारिश राहत लेकर आई है। इसके अलावा, जहां पर जमीन रेतीली है वहां पर बारिश नरमे व कपास के लिए फायदेमंद है।
बाजारों में कम पहुंचे ग्राहक
शहर के बाजारों में ग्रामीण इलाकों से ज्यादा ग्राहक आते हैं। भारी जलभराव के कारण बाजारों में ग्राहक की संख्या कम रही। बाजार में रेहड़ी लगाकर सामान बेचने वालों का काम भी पूरी तरह प्रभावित रहा।
पानी निकासी की समस्या रही
बारिश के बाद शहर में पानी निकासी की समस्या रही। इससे शहर में परशुराम चौक, आंबेडकर चौक सहित कई निचले इलाकों में दिनभर पानी भरा रहा। इससे लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शहरवासियों का कहना है कि स्टॉर्म वाटर फेस-टू परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन जिस तरह फेस-वन का परिणाम सामने आया है उसे देखते हुए नई परियोजना से भी कोई उम्मीद नहीं है।
चेयरमैन ने किया स्थिति का निरीक्षण
बारिश के बाद नगर परिषद चेयरमैन शांति स्वरूप ने नगर परिषद के अधिकारियों के साथ शहर में जलभराव की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को जलभराव की समस्या का जल्द समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल निकासी के लिए नगर परिषद की पूरी टीम जुटी हुई है।
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सड़कों पर पैदल चलना भी हुआ मुश्किल, तापमान में आई 4 डिग्री की गिरावट
अगले 24 घंटे में भी बारिश की संभावना
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। काफी दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे शहरवासियों को मंगलवार सुबह हुई मानसून की पहली बारिश से राहत मिली। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और लोगों को गर्मी व उमस से निजात मिल गई।
बारिश से शहर की सड़कों व गलियों में दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया। इससे लोगों को दिनभर परेशानियों का सामना करना पड़ा। मंगलवार सुबह काले बादल छा गए और तेज हवा चलने लगी। इसके बाद करीब पांच बजे बारिश शुरू हुई जो कुछ देर बाद तेज हो गई।
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सुबह करीब 10 बजे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। भारी बारिश के कारण शहर के अधिकांश हिस्सों में जलभराव हो गया। राम कॉलोनी में बच्चों को स्कूल लेकर जा रही एक वैन सुबह करीब सात बजे पानी भरे गड्ढे में फंस गई।
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इसके अलावा, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सैकड़ों वाहन जलभराव और गड्ढों के कारण फंस गए। बारिश के कारण पैदल राहगीरों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई कॉलोनियों में घरों के आगे पानी जमा हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को करीब 58 एमएम बारिश दर्ज की गई। विभाग ने अगले 48 घंटों में भी तेज बारिश की संभावना जताई है। बारिश के कारण मंगलवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया जो सोमवार के मुकाबले चार डिग्री कम रहा।
ग्रामीण क्षेत्रों में गिरी बिजली व छत गिरने से मलबे में दबी गाय व बछड़ा
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश के कारण नुकसान हुआ। गांव छतरियां में बिजली गिरने से एक भैंस सुलझ गई। गांव अहमदपुर में छत गिरने से एक बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, शहर की सुखचैन कॉलोनी में पशुओं के बाड़े की छत गिरने से एक गाय और बछड़ा मलबे में दब गए जिन्हें ग्रामीणों ने तुरंत बाहर निकाल लिया।
ज्यादातर अभिभावकों ने बच्चों को नहीं भेजा स्कूल
बारिश के बाद शहर में हुए भारी जलभराव का असर स्कूलों की उपस्थिति पर भी देखने को मिला। सड़कों व गलियों में दो से तीन फीट तक पानी भर जाने के कारण अधिकांश अभिभावकों ने सुरक्षा के मद्देनजर बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम रही। अभिभावकों का कहना था कि जलभराव और खुले गड्ढों के कारण बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें घर पर ही रखना बेहतर समझा गया।
किसानों के चेहरे खिल उठे
शहर के अलावा आसपास के गांवों में भी अच्छी बारिश हुई है। डिंग, रंगड़ी, धिंगतानियां, बाजेकां, वेद वाला, नेजाडेला कलां, फरवाई, खैरेकां व बेगू में भी बारिश हुई है। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे। किसानों का कहना है कि गर्मी से नरमा व धान की फसल पर बुरा प्रभाव पड़ रहा था। ऐसे में बारिश फसलों के लिए संजीवनी से कम नहीं। बारिश का दौर अगले कई दिनों तक जारी रहा तो फसलों को बहुत लाभ होगा।
धान उत्पादकों के लिए राहत
किसान ओम प्रकाश, रोहताश, राजाराम व भूपेंद्र सिंह का कहना है कि धान की फसल लिए भरपूर पानी चाहिए। इसलिए धान उत्पादकों के लिए बारिश राहत लेकर आई है। इसके अलावा, जहां पर जमीन रेतीली है वहां पर बारिश नरमे व कपास के लिए फायदेमंद है।
बाजारों में कम पहुंचे ग्राहक
शहर के बाजारों में ग्रामीण इलाकों से ज्यादा ग्राहक आते हैं। भारी जलभराव के कारण बाजारों में ग्राहक की संख्या कम रही। बाजार में रेहड़ी लगाकर सामान बेचने वालों का काम भी पूरी तरह प्रभावित रहा।
पानी निकासी की समस्या रही
बारिश के बाद शहर में पानी निकासी की समस्या रही। इससे शहर में परशुराम चौक, आंबेडकर चौक सहित कई निचले इलाकों में दिनभर पानी भरा रहा। इससे लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शहरवासियों का कहना है कि स्टॉर्म वाटर फेस-टू परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन जिस तरह फेस-वन का परिणाम सामने आया है उसे देखते हुए नई परियोजना से भी कोई उम्मीद नहीं है।
चेयरमैन ने किया स्थिति का निरीक्षण
बारिश के बाद नगर परिषद चेयरमैन शांति स्वरूप ने नगर परिषद के अधिकारियों के साथ शहर में जलभराव की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को जलभराव की समस्या का जल्द समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल निकासी के लिए नगर परिषद की पूरी टीम जुटी हुई है।