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प्रिंसिपल ने लगाई नाबालिग छात्र के स्कूल प्रवेश पर रोक, डीएसपी को शिकायत देकर लगाए पिटाई के आरोप
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विद्यार्थी की पीठ पर बने निशान।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। जिले के गांव शाहपुरिया स्थित राजकीय विद्यालय के 10वीं कक्षा के एक विद्यार्थी के प्रवेश पर रोक लगाने का मामला सामने आया है। इससे पहले विद्यार्थी की युवकों द्वारा पिटाई किए जाने के भी गंभीर आरोप लगे हैं। छात्र के पिता ने डीएसपी से मिलकर शिकायत सौंपी और पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करवाए जाने की मांग की।
गांव शाहपुरिया निवासी विजय कुमार शुक्रवार को उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। उसने बताया कि वह अनुसूचित जाति से संबंध रखता है और उसका नाबालिग पुत्र स्कूल के ही राजकीय विद्यालय में 10वीं कक्षा का छात्र है। उसकी 31 मार्च से परीक्षा शुरू होनी है लेकिन प्रिंसिपल ने नाम काट दिया और परीक्षा में भी नहीं बैठने दिया जा रहा। पीड़ित छात्र के परिजनों ने स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और स्कूल से छात्र की बोर्ड परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड दिलवाने की मांग की है। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि पीड़ित छात्र को दबंगों से खतरा है इसलिए उसे दसवीं की परीक्षा के दौरान पुलिस सुरक्षा दी जाए।
ये है पूरा मामला
पुलिस अधीक्षक के नाम डीएसपी आर्यन चौधरी को सौंपी शिकायत में विजय निवासी गांव शाहपुरिया ने उसके पुत्र की कक्षा में पढ़ने वाला एक छात्र उसके साथ जातीय भेदभाव रखता है। पिछले दिनों स्कूल में पेपर था। पेपर में उसके पुत्र के अच्छे नंबर आए। एक मार्च 2022 को उक्त छात्र उनके घर आया और बाइक पर उसके पुत्र को बैठाकर ले गया। कुछ देर बाद उक्त छात्र फिर घर आया और कहा कि उसके पिता विक्रम ने आपको बुलाया है। विजय सिंह ने आरोप लगाया कि उक्त छात्र उसे गांव के बाहर खेत में ले गया। यहां उसका पुत्र भी मौजूद था। इसके बाद यहां पहले से मौजूद विक्रम ने अपने साथियों के साथ विजय व उसके नाबालिग पुत्र के साथ मारपीट शुरू कर दी। पिता-पुत्र ने मुश्किल से अपनी जान बचाकर यहां से भागकर जान बचाई। अगले दिन विजय का पुत्र स्कूल गया तो प्रिंसिपल ने उसे आने से रोक दिया। इस कारण वह दो विषयों की प्रैक्टिकल भी नहीं दे पाया।
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शिकायत आने पर काटा है नाम : प्रिंसिपल
स्कूल प्रिंसिपल बलजीत का कहना है कि उक्त छात्र की उनके पास लिखित में शिकायत आई थी। उक्त छात्र ने स्कूल में ही पढ़ने वाली एक छात्रा को पत्र लिखा था। छात्रा के परिजनों ने लिखित में शिकायत दी और इसके बाद उक्त छात्र का नाम स्कूल से काट दिया गया। अगर उक्त छात्र फिर से आवेदन देता है तो विचार करेंगे। छात्र को छात्रा के परिजनों ने स्कूल में आने से रोका होगा, हमने नहीं।
परीक्षा देने के लिए दी जाए सुरक्षा : संजू बाला
उधर दूसरी ओर वाल्मीकि महासभा की राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट संजू बाला ने अनुसूचित जाति आयोग में विद्यालय के प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत भेजी है। राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट संजू बाला का कहना है कि पीड़ित छात्र नाबालिग है। विद्यालय के प्रिंसिपल इस मामले को गलत दिशा में मोड़कर स्वयं को बेकसूर बताना चाहते हैं, लेकिन असल में दबंगों के कहने पर एक अनुसूचित जाति के छात्र को स्कूल में आने से रोका गया है। आयोग से आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की गुहार लगाई गई है। यह एक छात्र के भविष्य का सवाल है। छात्र को पुलिस प्रशासन सुरक्षा दें ताकि वह अपनी 10वीं कक्षा की परीक्षा दे पाए।
शिकायत आई है, चौपटा एसएचओ को भेज दिया है मामला : डीएसपी
अभिभावक शिकायत लेकर आए थे। उन्होंने स्कूल से नाम काटने, पिटाई करने और अन्य गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले को चौपटा एसएचओ के पास भेज दिया है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
-आर्यन चौधरी, डीएसपी, सिरसा।
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गांव शाहपुरिया निवासी विजय कुमार शुक्रवार को उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। उसने बताया कि वह अनुसूचित जाति से संबंध रखता है और उसका नाबालिग पुत्र स्कूल के ही राजकीय विद्यालय में 10वीं कक्षा का छात्र है। उसकी 31 मार्च से परीक्षा शुरू होनी है लेकिन प्रिंसिपल ने नाम काट दिया और परीक्षा में भी नहीं बैठने दिया जा रहा। पीड़ित छात्र के परिजनों ने स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और स्कूल से छात्र की बोर्ड परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड दिलवाने की मांग की है। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि पीड़ित छात्र को दबंगों से खतरा है इसलिए उसे दसवीं की परीक्षा के दौरान पुलिस सुरक्षा दी जाए।
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ये है पूरा मामला
पुलिस अधीक्षक के नाम डीएसपी आर्यन चौधरी को सौंपी शिकायत में विजय निवासी गांव शाहपुरिया ने उसके पुत्र की कक्षा में पढ़ने वाला एक छात्र उसके साथ जातीय भेदभाव रखता है। पिछले दिनों स्कूल में पेपर था। पेपर में उसके पुत्र के अच्छे नंबर आए। एक मार्च 2022 को उक्त छात्र उनके घर आया और बाइक पर उसके पुत्र को बैठाकर ले गया। कुछ देर बाद उक्त छात्र फिर घर आया और कहा कि उसके पिता विक्रम ने आपको बुलाया है। विजय सिंह ने आरोप लगाया कि उक्त छात्र उसे गांव के बाहर खेत में ले गया। यहां उसका पुत्र भी मौजूद था। इसके बाद यहां पहले से मौजूद विक्रम ने अपने साथियों के साथ विजय व उसके नाबालिग पुत्र के साथ मारपीट शुरू कर दी। पिता-पुत्र ने मुश्किल से अपनी जान बचाकर यहां से भागकर जान बचाई। अगले दिन विजय का पुत्र स्कूल गया तो प्रिंसिपल ने उसे आने से रोक दिया। इस कारण वह दो विषयों की प्रैक्टिकल भी नहीं दे पाया।
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शिकायत आने पर काटा है नाम : प्रिंसिपल
स्कूल प्रिंसिपल बलजीत का कहना है कि उक्त छात्र की उनके पास लिखित में शिकायत आई थी। उक्त छात्र ने स्कूल में ही पढ़ने वाली एक छात्रा को पत्र लिखा था। छात्रा के परिजनों ने लिखित में शिकायत दी और इसके बाद उक्त छात्र का नाम स्कूल से काट दिया गया। अगर उक्त छात्र फिर से आवेदन देता है तो विचार करेंगे। छात्र को छात्रा के परिजनों ने स्कूल में आने से रोका होगा, हमने नहीं।
परीक्षा देने के लिए दी जाए सुरक्षा : संजू बाला
उधर दूसरी ओर वाल्मीकि महासभा की राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट संजू बाला ने अनुसूचित जाति आयोग में विद्यालय के प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत भेजी है। राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट संजू बाला का कहना है कि पीड़ित छात्र नाबालिग है। विद्यालय के प्रिंसिपल इस मामले को गलत दिशा में मोड़कर स्वयं को बेकसूर बताना चाहते हैं, लेकिन असल में दबंगों के कहने पर एक अनुसूचित जाति के छात्र को स्कूल में आने से रोका गया है। आयोग से आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की गुहार लगाई गई है। यह एक छात्र के भविष्य का सवाल है। छात्र को पुलिस प्रशासन सुरक्षा दें ताकि वह अपनी 10वीं कक्षा की परीक्षा दे पाए।
शिकायत आई है, चौपटा एसएचओ को भेज दिया है मामला : डीएसपी
अभिभावक शिकायत लेकर आए थे। उन्होंने स्कूल से नाम काटने, पिटाई करने और अन्य गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले को चौपटा एसएचओ के पास भेज दिया है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
-आर्यन चौधरी, डीएसपी, सिरसा।