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Sirsa News: ई-डार एप पर अपलोड करनी होगा दुर्घटना की फोटो, वीडियो
Sat, 17 May 2025 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 17 May 2025 11:46 PM IST
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कालांवाली (सिरसा)। सड़क हादसे की जानकारी को तुरंत और प्रभावी रूप से साझा करने के लिए ई-डिटेल एक्सीडेंट रिपोर्ट (ई-डार) नामक एकीकृत डिजिटल प्रणाली विकसित की गई है। इस एप के माध्यम से पुलिसकर्मियों को दुर्घटना के बारे में वांछित सूचना समेत घटना की फोटो और वीडियो भी अपलोड करना होगा।
थाना क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को इस एप के संचालन का प्रशिक्षण देने के लिए शनिवार को शिविर आयोजित किया गया। इसमें पुलिस को ई-डार एप के संचालन के बारे में बताया गया।
इस दौरान एनआईसी से डिस्ट्रिक्ट रोलआउट मैनेजर संजय और गगनदीप ने इस एप और वेब पोर्टल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस एप और वेब पोर्टल का उद्देश्य दुर्घटनाओं की जानकारी को त्वरित और पारदर्शी बनाकर सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाना है। इससे सड़क दुर्घटना के मुआवजा दावों की प्रक्रिया तेज करने में भी मदद मिलेगी।
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प्रशिक्षकों ने बताया कि सड़क हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस को घटनास्थल पर पहुंचकर इस एप के माध्यम से रिपोर्ट दर्ज करनी होगी। स्वास्थ्य विभाग, परिवहन और पीडब्ल्यूडी या एनएचएआई आदि विभाग भी इसमें अपनी रिपोर्ट दाखिल करेंगे।
उन्होंने बताया कि यह एप देशभर से सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को एकत्रित करके एक डाटाबेस तैयार करती है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाकर हादसों की रोकथाम के उपायों को बेहतर बनाने में सहायता करना है।
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थाना क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को इस एप के संचालन का प्रशिक्षण देने के लिए शनिवार को शिविर आयोजित किया गया। इसमें पुलिस को ई-डार एप के संचालन के बारे में बताया गया।
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इस दौरान एनआईसी से डिस्ट्रिक्ट रोलआउट मैनेजर संजय और गगनदीप ने इस एप और वेब पोर्टल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस एप और वेब पोर्टल का उद्देश्य दुर्घटनाओं की जानकारी को त्वरित और पारदर्शी बनाकर सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाना है। इससे सड़क दुर्घटना के मुआवजा दावों की प्रक्रिया तेज करने में भी मदद मिलेगी।
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प्रशिक्षकों ने बताया कि सड़क हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस को घटनास्थल पर पहुंचकर इस एप के माध्यम से रिपोर्ट दर्ज करनी होगी। स्वास्थ्य विभाग, परिवहन और पीडब्ल्यूडी या एनएचएआई आदि विभाग भी इसमें अपनी रिपोर्ट दाखिल करेंगे।
उन्होंने बताया कि यह एप देशभर से सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को एकत्रित करके एक डाटाबेस तैयार करती है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाकर हादसों की रोकथाम के उपायों को बेहतर बनाने में सहायता करना है।