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Sirsa News: करंट लगने से व्यक्ति की मौत, दान कीं आंखें
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मृतक की बेटियां शवयात्रा में कंधा देते हुई।
डबवाली। उपमंडल के गांव मटदादू में बिजली का करंट लगने से गुरचरण सिंह इन्सां की मौत हो गई। डेरा की नेत्रदान मुहिम के तहत गुरचरण सिंह मरणोपरांत अपनी आंखें दान कर गए हैं और उनकी ओर से दान की आंखों से दो लोगों की जिंदगी रोशन होगी। बेटा-बेटी एक सम्मान मुहिम का प्रतीक बनते हुए गुरचरण सिंह की बेटियों ने उनकी अर्थी को कंधा दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, गुरचरण सिंह अपने घर में लगी पानी की मोटर की तारों को जोड़ रहे थे कि अचानक उन्हें बिजली का तेज करंट लगा, जिसके बाद गुरचरण सिंह जमीन पर गिर गए। शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें तुरंत डबवाली के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां जांच उपरांत चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस संबंध में ब्लॉक प्रेमी सेवक केवल कृष्ण इन्सा ने बताया कि डेरा के अनुयायी मरने के बाद भी मानवता की सेवा करने से नहीं चूकते। मृतक गुरचरण सिंह इंसा डेरा सच्चा सौदा सिरसा के अनुयायी थे और डेरा की नेत्रदान मुहिम के तहत उनकी आंखें दान की गई। उन्होंने कहा कि गुरचरण सिंह के नेत्रदान से दो लोगों की जिंदगी में रोशनी आएगी। पिता की मृत्यु के बाद उनकी बेटियों ने अर्थी को कंधा दिया। यह डेरा प्रमुख संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सा की बेटा-बेटी एक सम्मान मुहिम का प्रतीक है।
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मिली जानकारी के अनुसार, गुरचरण सिंह अपने घर में लगी पानी की मोटर की तारों को जोड़ रहे थे कि अचानक उन्हें बिजली का तेज करंट लगा, जिसके बाद गुरचरण सिंह जमीन पर गिर गए। शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें तुरंत डबवाली के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां जांच उपरांत चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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इस संबंध में ब्लॉक प्रेमी सेवक केवल कृष्ण इन्सा ने बताया कि डेरा के अनुयायी मरने के बाद भी मानवता की सेवा करने से नहीं चूकते। मृतक गुरचरण सिंह इंसा डेरा सच्चा सौदा सिरसा के अनुयायी थे और डेरा की नेत्रदान मुहिम के तहत उनकी आंखें दान की गई। उन्होंने कहा कि गुरचरण सिंह के नेत्रदान से दो लोगों की जिंदगी में रोशनी आएगी। पिता की मृत्यु के बाद उनकी बेटियों ने अर्थी को कंधा दिया। यह डेरा प्रमुख संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सा की बेटा-बेटी एक सम्मान मुहिम का प्रतीक है।
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