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Sirsa News: सड़कों की जांच करवाने वाले भाजपा पार्षद को ठेकेदार ने दी धमकी
Sun, 27 Sep 2026 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 27 Sep 2026 11:57 PM IST
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रात को फोन कर डराने का किया प्रयास, आज एसपी से मुलाकात करेंगे पार्षद
60 प्रतिशत से ज्यादा काम एक ही ठेकेदार को दिया गया
01 करोड़ की मांग जांच बंद कराने के लिए मांगने का आरोप
27 करोड़ के आसपास कॉलोनियों में लगाए गए थे टेंडर
फोटो--
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर की नई वैध हुईं कॉलोनियों यानी यूसीएस की जांच इन दिनों चल रही है। भाजपा पार्षदों की ओर से मुख्यमंत्री से रूप से मुलाकात कर इस जांच को शुरू करवाया गया है। उपायुक्त के आदेशों पर अब तक तीन कॉलोनियों की जांच हो चुकी है।
इन तीनों कॉलोनियों में निर्माण करने वाली एजेंसी व ठेकेदार एक ही है। जांच में लगातार गलियां नहीं बनने की बात सामने आई है। पैसा ठेकेदार को जारी हो चुका है। इसी मामले में शनिवार को यूसीएस 4 में रातोरात सड़क बनाने का मामला उठ खड़ा हुआ और विवादों में आ गई।
मामला चर्चा में आने के बाद शनिवार रात को भाजपा पार्षद दीपक बांसल और ठेकेदार विजय झूथरा के बीच फोन पर विवाद हुआ। पार्षद दीपक बांसल का आरोप है कि ठेकेदार ने उन्हें सड़कों की जांच करवाने पर नाराजगी जताई, गालियां दीं।
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इतना ही नहीं, जान से मारने की धमकी तक दे डाली। इस मामले में अब भाजपा पार्षद एकजुट होकर एसपी दीपक सहारण से सोमवार को मुलाकात करेंगे और अपनी शिकायत सौंपेंगे।
दोनों पक्षों के इस प्रकार हैं आरोप-प्रत्यारोप
पार्षद दीपक बांसल ने यह कहा- यूसीएस की जांच में सड़क नहीं बनने की बात सामने आई है। इनका भुगतान जारी हो चुका है। यह फर्म शहर के एक ठेकेदार विजय झूथरा की है। ठेकेदार ने शनिवार को उनको फोन किया था और डराने व धमकाने का प्रयास किया। ठेकेदार ने कहा कि गलियों की जांच करवाना उन्होंने बंद नहीं किया तो वह उन्हें देख लेंगे। इतना ही नहीं, जान से मार देंगे। आधे घंटे तक उन्होंने फोन पर उन्हें धमकियां दीं। इस मामले में दूसरे साथियों को अवगत करवाया गया है। सोमवार को एसपी को शिकायत देंगे। पैसे के लेनदेन का कोई मामला नहीं है। न ही समझौते जैसी कोई बात हुई है।
विजय झूथरा ने यह कहा - भाजपा पार्षद दीपक बांसल हो या अन्य पार्षद। वे सड़कों की जांच करवाने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने सड़कों का निर्माण किया है और उसी का पैसा लिया है। मैंने कल रात को पार्षद दीपक बांसल से डेढ़ लाख रुपये वापस देने की मांग की थी। वह इतने पैसे की टाइल अपने घर पर लगवाने के लिए मुझसे लेकर गए थे। इसका पैसा अब तक नहीं दिया है। इतना ही नहीं, उनकी तीन फैक्टरियों में भी मेरी टाइल गई है। पैसा नहीं दिया गया है। अब पैसा वापस मांग रहे हैं तो आरोप लगा रहे हैं।
1 करोड़ मांगने के लगाए आरोप
ठेकेदार विजय झूथरा ने कहा कि भाजपा पार्षद दीपक बांसल व अन्य पार्षद ने उनके साथ समझौता करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि आपने 15 से 20 करोड़ रुपये सड़कों में हेराफेरी कर कमाए हैं। आप चाहते हैं कि हम यूसीएस की जांच बंद करवा दें तो 50 लाख रुपये लगेंगे। मैंने उन्हें 50 लाख देने से कुछ दिन पहले इन्कार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने पुनः बातचीत की और 1 करोड़ रुपये की मांग की। उन्होंने कहा कि एक बड़े भाजपा नेता को 40 से 50 लाख देना पड़ेगा और बाकी पैसा वे आपस में तीन-चार लोग बांट लेंगे। पूरी तरह से यूसीएस की जांच बंद करवा देंगे। ठेकेदार ने कहा उनके पास किसी को देने के लिए इतना पैसा नहीं है। माइनस में टेंडर लेकर वह अपना काम कर रहे हैं। उन्हें कोई समझौता नहीं करना है। जांच में जो आएगा वे भुगत लेंगे।
बीते दिन यूसीएस 7 का उठा मामला
शनिवार को यूसीएस सात में रातोरात गलियां बनाने का मामला विवादों में आ गया। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला नगर आयुक्त ने काम पर रोक लगा दी और अधिकारियों को जांच करने के आदेश दिए। ये वही गलियां थीं जिनको वर्ष 2025 के मार्च माह तक बना दिया जाना था मगर, सितंबर 2026 तक सड़क नहीं बनी। पैसा पूरा जारी कर दिया गया था। अब इसकी जांच भी शुरू हो गई है।
यह है सारा मामला
नगर परिषद के दायरे में वर्ष 2023 और 24 में 26 कॉलोनियां वैध हुई थीं। इन कॉलोनियों का कोड यूसीएस रखा गया था। इन कॉलोनियों में विकास को लेकर प्रदेश सरकार ने बड़े स्तर पर पैसा जारी किया था। विधानसभा चुनावों के चलते बड़े स्तर पर राजनीतिक दबाव के चलते एक क्षेत्र का पैसा दूसरे क्षेत्र में लगाया गया है। चुनावों के नाम पर अधिकारियों ने फायदा उठाने का प्रयास किया। बड़े स्तर पर गलियों के टेंडर यूसीएस के नाम पर लगाए गए। इन कॉलोनियों में अपनी मर्जी से गलियां बनाईं और नहीं बनाईं। लेकिन ठेकेदारों को पूरा भुगतान वर्ष 2025 और 2026 में जारी कर दिया गया। जब भाजपा पार्षदों ने इस यूसीएस के तहत बनीं गलियों की जांच की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। 30 से 40 प्रतिशत गलियां बनी ही नहीं। जब इसकी शिकायत मुख्यमंत्री को की गई तो उपायुक्त के माध्यम से जांच शुरू हुई। यूसीएस 55, 55 एक की जांच में भी क्षेत्र कम पाया गया है। कुछ गलियां दूसरे क्षेत्र में बनाई गई हैं। वहीं, यूसीएस 7 में 50 प्रतिशत काम ही नहीं किया गया यानी कि गलियां बनाई ही नहीं गईं। ऐसे में अब तक की तीन कॉलोनियों की जांच में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार सामने आया है।
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60 प्रतिशत से ज्यादा काम एक ही ठेकेदार को दिया गया
01 करोड़ की मांग जांच बंद कराने के लिए मांगने का आरोप
27 करोड़ के आसपास कॉलोनियों में लगाए गए थे टेंडर
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर की नई वैध हुईं कॉलोनियों यानी यूसीएस की जांच इन दिनों चल रही है। भाजपा पार्षदों की ओर से मुख्यमंत्री से रूप से मुलाकात कर इस जांच को शुरू करवाया गया है। उपायुक्त के आदेशों पर अब तक तीन कॉलोनियों की जांच हो चुकी है।
इन तीनों कॉलोनियों में निर्माण करने वाली एजेंसी व ठेकेदार एक ही है। जांच में लगातार गलियां नहीं बनने की बात सामने आई है। पैसा ठेकेदार को जारी हो चुका है। इसी मामले में शनिवार को यूसीएस 4 में रातोरात सड़क बनाने का मामला उठ खड़ा हुआ और विवादों में आ गई।
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मामला चर्चा में आने के बाद शनिवार रात को भाजपा पार्षद दीपक बांसल और ठेकेदार विजय झूथरा के बीच फोन पर विवाद हुआ। पार्षद दीपक बांसल का आरोप है कि ठेकेदार ने उन्हें सड़कों की जांच करवाने पर नाराजगी जताई, गालियां दीं।
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इतना ही नहीं, जान से मारने की धमकी तक दे डाली। इस मामले में अब भाजपा पार्षद एकजुट होकर एसपी दीपक सहारण से सोमवार को मुलाकात करेंगे और अपनी शिकायत सौंपेंगे।
दोनों पक्षों के इस प्रकार हैं आरोप-प्रत्यारोप
पार्षद दीपक बांसल ने यह कहा- यूसीएस की जांच में सड़क नहीं बनने की बात सामने आई है। इनका भुगतान जारी हो चुका है। यह फर्म शहर के एक ठेकेदार विजय झूथरा की है। ठेकेदार ने शनिवार को उनको फोन किया था और डराने व धमकाने का प्रयास किया। ठेकेदार ने कहा कि गलियों की जांच करवाना उन्होंने बंद नहीं किया तो वह उन्हें देख लेंगे। इतना ही नहीं, जान से मार देंगे। आधे घंटे तक उन्होंने फोन पर उन्हें धमकियां दीं। इस मामले में दूसरे साथियों को अवगत करवाया गया है। सोमवार को एसपी को शिकायत देंगे। पैसे के लेनदेन का कोई मामला नहीं है। न ही समझौते जैसी कोई बात हुई है।
विजय झूथरा ने यह कहा - भाजपा पार्षद दीपक बांसल हो या अन्य पार्षद। वे सड़कों की जांच करवाने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने सड़कों का निर्माण किया है और उसी का पैसा लिया है। मैंने कल रात को पार्षद दीपक बांसल से डेढ़ लाख रुपये वापस देने की मांग की थी। वह इतने पैसे की टाइल अपने घर पर लगवाने के लिए मुझसे लेकर गए थे। इसका पैसा अब तक नहीं दिया है। इतना ही नहीं, उनकी तीन फैक्टरियों में भी मेरी टाइल गई है। पैसा नहीं दिया गया है। अब पैसा वापस मांग रहे हैं तो आरोप लगा रहे हैं।
1 करोड़ मांगने के लगाए आरोप
ठेकेदार विजय झूथरा ने कहा कि भाजपा पार्षद दीपक बांसल व अन्य पार्षद ने उनके साथ समझौता करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि आपने 15 से 20 करोड़ रुपये सड़कों में हेराफेरी कर कमाए हैं। आप चाहते हैं कि हम यूसीएस की जांच बंद करवा दें तो 50 लाख रुपये लगेंगे। मैंने उन्हें 50 लाख देने से कुछ दिन पहले इन्कार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने पुनः बातचीत की और 1 करोड़ रुपये की मांग की। उन्होंने कहा कि एक बड़े भाजपा नेता को 40 से 50 लाख देना पड़ेगा और बाकी पैसा वे आपस में तीन-चार लोग बांट लेंगे। पूरी तरह से यूसीएस की जांच बंद करवा देंगे। ठेकेदार ने कहा उनके पास किसी को देने के लिए इतना पैसा नहीं है। माइनस में टेंडर लेकर वह अपना काम कर रहे हैं। उन्हें कोई समझौता नहीं करना है। जांच में जो आएगा वे भुगत लेंगे।
बीते दिन यूसीएस 7 का उठा मामला
शनिवार को यूसीएस सात में रातोरात गलियां बनाने का मामला विवादों में आ गया। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला नगर आयुक्त ने काम पर रोक लगा दी और अधिकारियों को जांच करने के आदेश दिए। ये वही गलियां थीं जिनको वर्ष 2025 के मार्च माह तक बना दिया जाना था मगर, सितंबर 2026 तक सड़क नहीं बनी। पैसा पूरा जारी कर दिया गया था। अब इसकी जांच भी शुरू हो गई है।
यह है सारा मामला
नगर परिषद के दायरे में वर्ष 2023 और 24 में 26 कॉलोनियां वैध हुई थीं। इन कॉलोनियों का कोड यूसीएस रखा गया था। इन कॉलोनियों में विकास को लेकर प्रदेश सरकार ने बड़े स्तर पर पैसा जारी किया था। विधानसभा चुनावों के चलते बड़े स्तर पर राजनीतिक दबाव के चलते एक क्षेत्र का पैसा दूसरे क्षेत्र में लगाया गया है। चुनावों के नाम पर अधिकारियों ने फायदा उठाने का प्रयास किया। बड़े स्तर पर गलियों के टेंडर यूसीएस के नाम पर लगाए गए। इन कॉलोनियों में अपनी मर्जी से गलियां बनाईं और नहीं बनाईं। लेकिन ठेकेदारों को पूरा भुगतान वर्ष 2025 और 2026 में जारी कर दिया गया। जब भाजपा पार्षदों ने इस यूसीएस के तहत बनीं गलियों की जांच की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। 30 से 40 प्रतिशत गलियां बनी ही नहीं। जब इसकी शिकायत मुख्यमंत्री को की गई तो उपायुक्त के माध्यम से जांच शुरू हुई। यूसीएस 55, 55 एक की जांच में भी क्षेत्र कम पाया गया है। कुछ गलियां दूसरे क्षेत्र में बनाई गई हैं। वहीं, यूसीएस 7 में 50 प्रतिशत काम ही नहीं किया गया यानी कि गलियां बनाई ही नहीं गईं। ऐसे में अब तक की तीन कॉलोनियों की जांच में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार सामने आया है।