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Sirsa News: पंचायती जमीन पर कब्जा करने के बाद काटी फसल, पंचायत ने जताया विरोध
Fri, 07 Apr 2023 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 07 Apr 2023 11:34 PM IST
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बडागुढ़ा बीडीपीओ कार्यालय में पहुंची पंचायत व ग्रामीण।
बडागुढ़ा (सिरसा)। गांव रघुवाना में 18 एकड़ पंचायती भूमि पर अवैध कब्जा कर फसल बोने व तीन एकड़ जगह से धक्केशाही करते हुए फसल निकालने का मामला तूल पकड़ गया। इस मामले को लेकर शुक्रवार को ग्राम पंचायत कार्रवाई की मांग को लेकर बडागुढ़ा बीडीपीओ कार्यालय व थाना में पहुंचीं और रोष जाहिर किया।
बीडीपीओ कार्यालय के अधिकारी इस पूरे मामले में स्वयं बचते हुए नजर आए मामला एक-दूसरे पर थोपते रहे। वहीं, सरपंच गुरमीत कौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे कब्जाधारियों को पंचायती भूमि पर बोई गई फसल को किसी सूरत में काटने नहीं देंगे। अगर इस दौरान कोई अनहोनी होती है इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
बता दें कि इस मामले में अधिकारियों ने 30 मार्च व 3 अप्रैल को 2 बार ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात कर भूमि को कब्जामुक्त करवाने के लिए कहा था। हालांकि दोनों बार ही कोई अधिकारी नहीं पहुंचे। जिसके चलते पंचायत ने प्रशासनिक अधिकारियों पर मामले में राजनीतिक कारणों के चलते रुचि न दिखाने का आरोप लगाया। वीरवार को मामला उस समय और तूल पकड़ गया जब कब्जाधारियों ने 18 एकड़ में से 3 एकड़ भूमि पर से जौ की फसल काटकर निकाल ली। सूचना के बाद ग्राम सरपंच गुरमीत कौर व अन्य ने मौके पर पहुंचकर एतराज जताया, जिसके बाद बडागुढ़ा पुलिस ने वहां पहुंचकर पंचायत से दस्तावेज मांगे। इस मामले को लेकर शुक्रवार को ग्राम पंचायत व गांव से काफी लोग बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे और एसईपीओ से कार्रवाई की मांग की। एसईपीओ ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उन्होंने तो जिला प्रशासन को अवगत करवा दिया था। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती करना तो प्रशासन का काम है। जिस पर ग्राम पंचायत व ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारी 2 बार कब्जा कार्रवाई का समय दे चुके हैं, लेकिन वे आए ही नहीं। अब दोबारा से उन्होंने 25 अप्रैल का समय दिया है, लेकिन इस अवधि में कब्जाधारी बाकी बची 15 एकड़ जगह से गेहूं काटकर लेंगे। बीडीपीओ कार्यालय में रोष प्रदर्शन करते उपरांत सभी लोग कार्रवाई की मांग को लेकर बडागुढ़ा थाना में पहुंच गए। पंचायत ने थाना प्रभारी से कहा कि पुलिस की शह पाकर ही कब्जाधारियों ने 3 एकड़ फसल काटी है। ग्रामीणों ने कहा कि ये पूरा मामला राजनीति की भेंट चढ़ गया है।
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बोले एसईपीओ
गांव में पंचायती भूमि की 2 बार बोली हो चुकी है। लेकिन कोई बोली न दिए जाने के चलते हमने 18 एकड़ भूमि को खाली छोड़ दिया था। इसी का मौका पाकर कुछ लोगों ने उस पर कब्जा कर लिया। हमने इस बारे प्रशासन को लिखा हुआ है। उपायुक्त के आदेश पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती होगी। 2 बार अधिकारी नहीं आए। इसके लिए हमने उपायुक्त को रिपोर्ट भेज दी है।
- हरमीत सिंह, एसईपीओ (बडागुढ़ा)।
पुलिस का कार्य लड़ाई- झगड़ा रोकना है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट तो उपायुक्त ही तैनात करेंगे। हमारा कार्य पुलिस सहायता देना है। अगर कब्जा कार्रवाई होती है तो हम पुलिस बल मुहैया करवा देंगे।
- काशीराम बैनीवाल, थाना प्रभारी (बडागुढ़ा)।
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बीडीपीओ कार्यालय के अधिकारी इस पूरे मामले में स्वयं बचते हुए नजर आए मामला एक-दूसरे पर थोपते रहे। वहीं, सरपंच गुरमीत कौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे कब्जाधारियों को पंचायती भूमि पर बोई गई फसल को किसी सूरत में काटने नहीं देंगे। अगर इस दौरान कोई अनहोनी होती है इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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बता दें कि इस मामले में अधिकारियों ने 30 मार्च व 3 अप्रैल को 2 बार ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात कर भूमि को कब्जामुक्त करवाने के लिए कहा था। हालांकि दोनों बार ही कोई अधिकारी नहीं पहुंचे। जिसके चलते पंचायत ने प्रशासनिक अधिकारियों पर मामले में राजनीतिक कारणों के चलते रुचि न दिखाने का आरोप लगाया। वीरवार को मामला उस समय और तूल पकड़ गया जब कब्जाधारियों ने 18 एकड़ में से 3 एकड़ भूमि पर से जौ की फसल काटकर निकाल ली। सूचना के बाद ग्राम सरपंच गुरमीत कौर व अन्य ने मौके पर पहुंचकर एतराज जताया, जिसके बाद बडागुढ़ा पुलिस ने वहां पहुंचकर पंचायत से दस्तावेज मांगे। इस मामले को लेकर शुक्रवार को ग्राम पंचायत व गांव से काफी लोग बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे और एसईपीओ से कार्रवाई की मांग की। एसईपीओ ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उन्होंने तो जिला प्रशासन को अवगत करवा दिया था। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती करना तो प्रशासन का काम है। जिस पर ग्राम पंचायत व ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारी 2 बार कब्जा कार्रवाई का समय दे चुके हैं, लेकिन वे आए ही नहीं। अब दोबारा से उन्होंने 25 अप्रैल का समय दिया है, लेकिन इस अवधि में कब्जाधारी बाकी बची 15 एकड़ जगह से गेहूं काटकर लेंगे। बीडीपीओ कार्यालय में रोष प्रदर्शन करते उपरांत सभी लोग कार्रवाई की मांग को लेकर बडागुढ़ा थाना में पहुंच गए। पंचायत ने थाना प्रभारी से कहा कि पुलिस की शह पाकर ही कब्जाधारियों ने 3 एकड़ फसल काटी है। ग्रामीणों ने कहा कि ये पूरा मामला राजनीति की भेंट चढ़ गया है।
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बोले एसईपीओ
गांव में पंचायती भूमि की 2 बार बोली हो चुकी है। लेकिन कोई बोली न दिए जाने के चलते हमने 18 एकड़ भूमि को खाली छोड़ दिया था। इसी का मौका पाकर कुछ लोगों ने उस पर कब्जा कर लिया। हमने इस बारे प्रशासन को लिखा हुआ है। उपायुक्त के आदेश पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती होगी। 2 बार अधिकारी नहीं आए। इसके लिए हमने उपायुक्त को रिपोर्ट भेज दी है।
- हरमीत सिंह, एसईपीओ (बडागुढ़ा)।
पुलिस का कार्य लड़ाई- झगड़ा रोकना है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट तो उपायुक्त ही तैनात करेंगे। हमारा कार्य पुलिस सहायता देना है। अगर कब्जा कार्रवाई होती है तो हम पुलिस बल मुहैया करवा देंगे।
- काशीराम बैनीवाल, थाना प्रभारी (बडागुढ़ा)।