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लापरवाही : जाम के कारण बंद नहीं हो सका फाटक, 12 मिनट देरी से रवाना हो सकी ट्रेन
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ट्रेन आने के दौरान फाटक में फसा स्कूटी का हैंडल
- फोटो : Sirsa
सिरसा। सिरसा रेलवे स्टेशन से बुधवार को ट्रेन 12 मिनट देरी से रवाना हुई। इसका कारण फाटक पर जाम रहा। ऐसे में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बुधवार को फाटक बंद होने के बावजूद वहां से वाहन निकालते रहे। इसके चलते सिरसा से चलकर वाया हिसार से लुधियाना जाने वाली पैसेंजर ट्रेन अपने गंतव्य पर पहुंचने के लिए 12 मिनट देरी से चली।
सिरसा से चलकर लुधियाना जाने वाली पैंसेजर ट्रेन का समय 11:40 बजे का है। रेलवे फाटक पर वाहनों की लंबी कतार को देखते हुए गेटमैन ने ट्रेन के चलने से करीब 15 मिनट पहले फाटक खोल दिया, ताकि वाहन निकल सके। गेटमैन ने जैसे ही फाटक खोला वाहनों की संख्या ज्यादा होने के कारण फाटक के बीच में जाम लग गया। ट्रेन के चलने का समय हो चुका था व गेटमैन बार-बार लोगों को रुकने का आग्रह करता रहा। ट्रेन को लेट होता देख गेटमैन ने एक तरफ का फाटक बंद कर दिया, जिस कारण फाटक के बीच में लाइनों के ऊपर जाम लग गया। करीब आधा घंटे तक वाहनों का जाम रेलवे फाटक पर लगा रहा। ट्रेन समय निकलने के बावजूद स्टेशन पर खड़ी रही। इसके बाद कुछ जागरूक लोगों ने जाम में फंसे वाहनों को हटवाया और फाटक बंद करवाया। इसके बाद ट्रेन 12 मिनट देरी से रवाना हो सकी।
ओवरब्रिज बने हो मिले जाम से मुक्ति
रेलवे फाटक बंद होने के बाद भी दोपहिया वाहन चालक जल्दबाजी दिखाते हुए बंद पड़े रेलवे फाटक के नीचे से वाहन निकालते हैं। जिस कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है और लोगों की लापरवाही अपने साथ दूसरों के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है। हालांकि रेलवे ने बंद फाटक के नीचे से वाहन निकालने वालों पर जुर्माने का प्रावधान है। नियम ताक पर रखकर लोग जान जोखिम में डालते हैं, जिस कारण कभी भी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। शहर में चतरगढ़ पट्टी व पुरानी कचहरी रोड पर रेलवे फाटक हैं। इसके अलावा बस स्टैंड के नजदीक हिसार रोड पर ओवरब्रिज बना हुआ है। शहर में दोनों रेलवे फाटक कई बार बंद होने के कारण वाहनों की लंबी लाइनें लग जाती है। जाम से मुक्ति के लिए यहां ओवरब्रिज बनाना चाहिए।
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पूरे दिन में करीब तीन घंटे बंद रहते हैं फाटक
सिरसा रेलवे स्टेशन से पैंसेजर व मालगाड़ी सहित रोजाना 30 ट्रेनों की आवाजाही रहती है। इसके चलते पूरा दिन में करीब 3 घंटे तक रेलवे फाटक बंद रहता है। सिरसा रेलवे स्टेशन से रोजाना 14 ट्रेनें रोजाना निकलती हैं और 8 से 10 मालगाड़ी व छह ट्रेन ऐसी हैं जो सप्ताह में एक बार चलती हैं। फाटक बंद होने पर आधे घंटे तक लोगों को इंतजार करना पड़ता है।
ट्रेन आने से 10 मिनट पहले फाटक को बंद किया जाता है, ताकि कोई दुर्घटना ना हो। इस बारे में लोगों जागरूकता की कमी है। रेलवे फाटक बंद होने के बाद उसके नीचे से वाहन निकालना गैरकानूनी है। रोजाना करीब 30 गाड़ियां यहां से गुजरती है, जिस कारण पूरे दिन में करीब 3 घंटे तक रेलवे फाटक बंद रहता है। - नरेंद्र कुमार, स्टेशन अधीक्षक, सिरसा
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सिरसा से चलकर लुधियाना जाने वाली पैंसेजर ट्रेन का समय 11:40 बजे का है। रेलवे फाटक पर वाहनों की लंबी कतार को देखते हुए गेटमैन ने ट्रेन के चलने से करीब 15 मिनट पहले फाटक खोल दिया, ताकि वाहन निकल सके। गेटमैन ने जैसे ही फाटक खोला वाहनों की संख्या ज्यादा होने के कारण फाटक के बीच में जाम लग गया। ट्रेन के चलने का समय हो चुका था व गेटमैन बार-बार लोगों को रुकने का आग्रह करता रहा। ट्रेन को लेट होता देख गेटमैन ने एक तरफ का फाटक बंद कर दिया, जिस कारण फाटक के बीच में लाइनों के ऊपर जाम लग गया। करीब आधा घंटे तक वाहनों का जाम रेलवे फाटक पर लगा रहा। ट्रेन समय निकलने के बावजूद स्टेशन पर खड़ी रही। इसके बाद कुछ जागरूक लोगों ने जाम में फंसे वाहनों को हटवाया और फाटक बंद करवाया। इसके बाद ट्रेन 12 मिनट देरी से रवाना हो सकी।
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ओवरब्रिज बने हो मिले जाम से मुक्ति
रेलवे फाटक बंद होने के बाद भी दोपहिया वाहन चालक जल्दबाजी दिखाते हुए बंद पड़े रेलवे फाटक के नीचे से वाहन निकालते हैं। जिस कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है और लोगों की लापरवाही अपने साथ दूसरों के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है। हालांकि रेलवे ने बंद फाटक के नीचे से वाहन निकालने वालों पर जुर्माने का प्रावधान है। नियम ताक पर रखकर लोग जान जोखिम में डालते हैं, जिस कारण कभी भी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। शहर में चतरगढ़ पट्टी व पुरानी कचहरी रोड पर रेलवे फाटक हैं। इसके अलावा बस स्टैंड के नजदीक हिसार रोड पर ओवरब्रिज बना हुआ है। शहर में दोनों रेलवे फाटक कई बार बंद होने के कारण वाहनों की लंबी लाइनें लग जाती है। जाम से मुक्ति के लिए यहां ओवरब्रिज बनाना चाहिए।
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पूरे दिन में करीब तीन घंटे बंद रहते हैं फाटक
सिरसा रेलवे स्टेशन से पैंसेजर व मालगाड़ी सहित रोजाना 30 ट्रेनों की आवाजाही रहती है। इसके चलते पूरा दिन में करीब 3 घंटे तक रेलवे फाटक बंद रहता है। सिरसा रेलवे स्टेशन से रोजाना 14 ट्रेनें रोजाना निकलती हैं और 8 से 10 मालगाड़ी व छह ट्रेन ऐसी हैं जो सप्ताह में एक बार चलती हैं। फाटक बंद होने पर आधे घंटे तक लोगों को इंतजार करना पड़ता है।
ट्रेन आने से 10 मिनट पहले फाटक को बंद किया जाता है, ताकि कोई दुर्घटना ना हो। इस बारे में लोगों जागरूकता की कमी है। रेलवे फाटक बंद होने के बाद उसके नीचे से वाहन निकालना गैरकानूनी है। रोजाना करीब 30 गाड़ियां यहां से गुजरती है, जिस कारण पूरे दिन में करीब 3 घंटे तक रेलवे फाटक बंद रहता है। - नरेंद्र कुमार, स्टेशन अधीक्षक, सिरसा

जिन्हें जल्दी थी, वही बुरे फंसे बेचारे... कल्पना कीजिए कोई रेलवे फाटक के बीचों-बीच वाहनों के साथ फं- फोटो : Sirsa