{"_id":"6aa541287afe09781100be06","slug":"cm-nayab-saini-orders-suspension-of-the-ceo-of-the-vita-milk-plant-2026-09-12","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सिरसा: कष्ट निवारण समिति की बैठक में सीएम सैनी का एक्शन, वीटा मिल्क प्लांट के सीईओ को सस्पेंड करने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिरसा: कष्ट निवारण समिति की बैठक में सीएम सैनी का एक्शन, वीटा मिल्क प्लांट के सीईओ को सस्पेंड करने के निर्देश
Sat, 12 Sep 2026 05:40 PM IST
मयूर शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Published by: मयूर शर्मा
Updated Sat, 12 Sep 2026 05:40 PM IST
सार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीटा मिल्क प्लांट के सीईओ भागीरथ को तुरंत सस्पेंड करने और बाद में विभागीय कार्रवाई के तहत चार्जशीट करने के निर्देश दिए। गांव करीवाला निवासी भूपेंद्र सिंह ने करीवाला बीएमसी के दूध को मिल्क प्लांट द्वारा रिजेक्ट किए जाने को लेकर शिकायत दी थी।
विज्ञापन
सीएम नायब सैनी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को बरनाला रोड स्थित पंचायत भवन में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए आमजन की समस्याएं सुनीं। बैठक में कुल 16 शिकायतें सुनवाई के लिए रखी गईं। मुख्यमंत्री ने इनमें से 13 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा कर दिया, जबकि शेष तीन मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री कई मामलों में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सख्त नजर आए, उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों के समाधान में अनावश्यक देरी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वीटा मिल्क प्लांट के सीईओ को सस्पेंड करने के निर्देश
बैठक के दौरान शिकायत नंबर आठ पर सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीटा मिल्क प्लांट के सीईओ भागीरथ को तुरंत सस्पेंड करने और बाद में विभागीय कार्रवाई के तहत चार्जशीट करने के निर्देश दिए। गांव करीवाला निवासी भूपेंद्र सिंह ने करीवाला बीएमसी के दूध को मिल्क प्लांट द्वारा रिजेक्ट किए जाने को लेकर शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कुछ बीएमसी केंद्रों के साथ कथित तौर पर भेदभाव किया जा रहा है और मिलीभगत के आधार पर कार्रवाई हो रही है। उसका आरोप था कि जिन केंद्रों के संचालकों की मिल्क प्लांट अधिकारियों से कथित सेटिंग है, उनका दूध गुणवत्ता में कमी होने के बावजूद वापस नहीं किया जाता। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल सीईओ को निलंबित करने का निर्देश दिए।
फ्लैट का कब्जा नहीं मिला तो ब्याज सहित मूल राशि लौटाने का दिया आदेश
बैठक में सबसे पहले गांव चतरगढ़पट्टी निवासी विजय कुमार की शिकायत पर सुनवाई हुई। शिकायतकर्ता ने बताया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से उसे सेक्टर-21 में फ्लैट नंबर 387 आवंटित किया गया था। उसने फ्लैट की दो किस्तें भी जमा करवा दी थीं। आरोप है कि बाद में अधिकारियों ने उसे हिसार कार्यालय बुलाकर बिना पूरी जानकारी दिए कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बावजूद न तो उसे फ्लैट का भौतिक कब्जा मिला और न ही चाबी सौंपी गई। साथ ही उसकी जमा करवाई गई मूल राशि भी वापस नहीं की जा रही थी। मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता से पूछा कि वह फ्लैट लेना चाहता है या ब्याज सहित अपनी मूल राशि वापस चाहता है। विजय कुमार ने ब्याज सहित मूल राशि लेने की इच्छा जताई। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित प्राधिकरण अधिकारी को एक माह के भीतर शिकायतकर्ता की जमा राशि ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
सीएम ने दी चेतावनी- अब लापरवाही सामने आए तो कार्रवाई की जाएगी
शिकायत नंबर दो से संबंधित शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार बैठक में उपस्थित नहीं हुआ। यह मामला शहरी एवं स्थानीय निकाय विभाग से संबंधित था। विभाग की महिला अधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि शिकायतकर्ता अब मामले के समाधान से संतुष्ट है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतकर्ता वर्ष 2025 से डीसी कार्यालय के चक्कर काट रहा था और यदि विभाग को उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर समाधान करना था तो यह कार्रवाई पहले क्यों नहीं की गई। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिकायत में फरवरी 1992 से मार्च 2004 तक की सेवा अवधि की ग्रेच्युटी राशि जारी न होने का मुद्दा उठाया गया था।
जाे दोषी पाया जाए, कर दो कार्रवाई: सीएम
पुलिस विभाग से संबंधित शिकायत नंबर तीन पर गांव चतरगढ़पट्टी निवासी पवन कुमार ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग जबरन मंदिर परिसर में घुस आए और उसके परिवार के साथ मारपीट की। शिकायतकर्ता का आरोप था कि पुलिस ने उलटा उसके परिवार के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया। बैठक में एएसपी ने बताया कि पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मुख्यमंत्री ने मामले में निष्पक्ष जांच करने और जांच में जो भी पक्ष दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उचित कार्रवाई का दिया निर्देश
शिकायत नंबर चार में गांव कंवरपुरा निवासी रामगोपाल ने बताया कि उसकी 35 एकड़ कपास की फसल का बीमा प्रीमियम काटे जाने के बावजूद उसे बीमा क्लेम नहीं मिला, जबकि अन्य किसानों को क्लेम मिल चुका है। शिकायतकर्ता ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने की होगी जांच
गांव भावदीन निवासी हरदीप सिंह ने शिकायत नंबर पांच में आरोप लगाया कि बिजली निगम ने उसके खेत में लगे ट्यूबवेल ट्रांसफार्मर को कथित तौर पर बिना विभागीय मंजूरी के दूसरे खेत में शिफ्ट कर दिया। उसने ट्रांसफार्मर को वापस निर्धारित स्थान पर लगाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री ने डीसी को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए।
दिव्यांग प्रमाणपत्र निकाला फर्जी, अब होगी कार्रवाई
शिकायत नंबर छह में गांव पिपली निवासी अमरपाल कौर डबवाली पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नजर आई। इसके बाद शिकायत नंबर सात में पंजाब के मानसा निवासी परमजीत कौर ने गांव माधोसिंघाना निवासी एक महिला पर कथित तौर पर फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के आधार पर वर्ष 2019-20 से दिव्यांग मानदेय भत्ता लेने का आरोप लगाया था। विभागीय अधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि सीएमओ की रिपोर्ट में प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने जिला समाज कल्याण विभाग को संबंधित महिला के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
एसपी को दिए जांच के निर्देश
शिकायत नंबर नौ में कालुआना निवासी राजेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की, लेकिन आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। डीएसपी डबवाली ने मुख्यमंत्री को मामले की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने डबवाली पुलिस अधीक्षक को जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
एसपी दोनों पक्षों को बुलाकर करेंगे जांच- सीएम
गांव केसुपुरा निवासी अनीता रानी ने शिकायत नंबर दस में मकान विवाद के दौरान उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया। उसका कहना था कि घटना में घायल होने के बाद उसे उपचार के लिए अस्पतालों में जाना पड़ा। बैठक में दूसरा पक्ष भी मौजूद था और उसने शिकायतकर्ता पक्ष पर हमला करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने सिरसा पुलिस अधीक्षक को दोनों पक्षों को बुलाकर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए।
तीनों भाई मिलकर भरेंगे 22 हजार 954 रुपये का बिजली बिल- सीएम
शिकायत नंबर 11 में गांव साहूवाला प्रथम निवासी संदीप ने बताया कि बिजली निगम ने उसे 22 हजार 954 रुपये का बिल भेजा है। उसका आरोप था कि उसके भाई महेंद्र का करीब 10 वर्ष पुराना लंबित बिजली बिल उसके कनेक्शन में जोड़ दिया गया, जबकि दोनों भाइयों के अलग-अलग मकान हैं। मुख्यमंत्री ने मामले का निपटारा करते हुए बिजली निगम अधिकारियों को बिल राशि तीनों भाइयों में बराबर बांटने के निर्देश दिए।
विभाग को दिया जांच का आदेश
गांव मटदादू निवासी गुरमेल सिंह ने शिकायत नंबर 12 में आरोप लगाया कि 31 मार्च 2020 को गांव के सुखपाल सिंह की मृत्यु हो जाने के बावजूद उसके परिजनों को वृद्धावस्था पेंशन मिलती रही। मुख्यमंत्री ने जिला समाज कल्याण विभाग को मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
'तेल मामले की होगी जांच'
शिकायत नंबर 13 में गोविंद नगर निवासी अजय कुमार ने एचएसवीपी से संबंधित मामले में कथित फर्जी तेल बिल तैयार कर हर महीने करीब दो लाख रुपये के बिल बनाए जाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने एचएसवीपी अधिकारियों को मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
एक माह के भीतर पूरी करो जांच- सीएम
शिकायत नंबर 14 में सिरसा निवासी तेजिंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2008 मॉडल की उसकी कार के ऑनलाइन रिकॉर्ड में तकनीकी गड़बड़ी के कारण वाहन का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है। कई प्रयासों के बावजूद रिकॉर्ड ठीक नहीं हुआ, जिससे वह न तो वाहन का उपयोग कर पा रहा है और न ही उसे बेच पा रहा है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण को एक माह के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए।
एडीसी के नेतृत्व में गठित होगी जांच कमेटी
सेक्टर-19 निवासी चढ़त सिंह की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने एडीसी के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता का कहना था कि सेक्टर-19 और 20 के लिए अधिग्रहित जमीन पर बने उसके रिहायशी मकान तक आने-जाने का उचित रास्ता नहीं है। प्रशासनिक जांच में भी मकान तक रास्ते की समस्या सामने आने का दावा किया गया। मुख्यमंत्री ने जांच कमेटी गठित कर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।
एसडीएम जांच कर देंगे रिपोर्ट- सीएम
वहीं, शिकायत नंबर 16 वन विभाग से संबंधित थी। मुख्यमंत्री ने डबवाली एसडीएम को मामले की जांच कर शाम तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति मामले के लिए जिम्मेदार पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
वीटा मिल्क प्लांट के सीईओ को सस्पेंड करने के निर्देश
बैठक के दौरान शिकायत नंबर आठ पर सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीटा मिल्क प्लांट के सीईओ भागीरथ को तुरंत सस्पेंड करने और बाद में विभागीय कार्रवाई के तहत चार्जशीट करने के निर्देश दिए। गांव करीवाला निवासी भूपेंद्र सिंह ने करीवाला बीएमसी के दूध को मिल्क प्लांट द्वारा रिजेक्ट किए जाने को लेकर शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कुछ बीएमसी केंद्रों के साथ कथित तौर पर भेदभाव किया जा रहा है और मिलीभगत के आधार पर कार्रवाई हो रही है। उसका आरोप था कि जिन केंद्रों के संचालकों की मिल्क प्लांट अधिकारियों से कथित सेटिंग है, उनका दूध गुणवत्ता में कमी होने के बावजूद वापस नहीं किया जाता। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल सीईओ को निलंबित करने का निर्देश दिए।
विज्ञापन
फ्लैट का कब्जा नहीं मिला तो ब्याज सहित मूल राशि लौटाने का दिया आदेश
बैठक में सबसे पहले गांव चतरगढ़पट्टी निवासी विजय कुमार की शिकायत पर सुनवाई हुई। शिकायतकर्ता ने बताया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से उसे सेक्टर-21 में फ्लैट नंबर 387 आवंटित किया गया था। उसने फ्लैट की दो किस्तें भी जमा करवा दी थीं। आरोप है कि बाद में अधिकारियों ने उसे हिसार कार्यालय बुलाकर बिना पूरी जानकारी दिए कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बावजूद न तो उसे फ्लैट का भौतिक कब्जा मिला और न ही चाबी सौंपी गई। साथ ही उसकी जमा करवाई गई मूल राशि भी वापस नहीं की जा रही थी। मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता से पूछा कि वह फ्लैट लेना चाहता है या ब्याज सहित अपनी मूल राशि वापस चाहता है। विजय कुमार ने ब्याज सहित मूल राशि लेने की इच्छा जताई। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित प्राधिकरण अधिकारी को एक माह के भीतर शिकायतकर्ता की जमा राशि ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
सीएम ने दी चेतावनी- अब लापरवाही सामने आए तो कार्रवाई की जाएगी
शिकायत नंबर दो से संबंधित शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार बैठक में उपस्थित नहीं हुआ। यह मामला शहरी एवं स्थानीय निकाय विभाग से संबंधित था। विभाग की महिला अधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि शिकायतकर्ता अब मामले के समाधान से संतुष्ट है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतकर्ता वर्ष 2025 से डीसी कार्यालय के चक्कर काट रहा था और यदि विभाग को उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर समाधान करना था तो यह कार्रवाई पहले क्यों नहीं की गई। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिकायत में फरवरी 1992 से मार्च 2004 तक की सेवा अवधि की ग्रेच्युटी राशि जारी न होने का मुद्दा उठाया गया था।
जाे दोषी पाया जाए, कर दो कार्रवाई: सीएम
पुलिस विभाग से संबंधित शिकायत नंबर तीन पर गांव चतरगढ़पट्टी निवासी पवन कुमार ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग जबरन मंदिर परिसर में घुस आए और उसके परिवार के साथ मारपीट की। शिकायतकर्ता का आरोप था कि पुलिस ने उलटा उसके परिवार के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया। बैठक में एएसपी ने बताया कि पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मुख्यमंत्री ने मामले में निष्पक्ष जांच करने और जांच में जो भी पक्ष दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उचित कार्रवाई का दिया निर्देश
शिकायत नंबर चार में गांव कंवरपुरा निवासी रामगोपाल ने बताया कि उसकी 35 एकड़ कपास की फसल का बीमा प्रीमियम काटे जाने के बावजूद उसे बीमा क्लेम नहीं मिला, जबकि अन्य किसानों को क्लेम मिल चुका है। शिकायतकर्ता ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने की होगी जांच
गांव भावदीन निवासी हरदीप सिंह ने शिकायत नंबर पांच में आरोप लगाया कि बिजली निगम ने उसके खेत में लगे ट्यूबवेल ट्रांसफार्मर को कथित तौर पर बिना विभागीय मंजूरी के दूसरे खेत में शिफ्ट कर दिया। उसने ट्रांसफार्मर को वापस निर्धारित स्थान पर लगाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री ने डीसी को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए।
दिव्यांग प्रमाणपत्र निकाला फर्जी, अब होगी कार्रवाई
शिकायत नंबर छह में गांव पिपली निवासी अमरपाल कौर डबवाली पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नजर आई। इसके बाद शिकायत नंबर सात में पंजाब के मानसा निवासी परमजीत कौर ने गांव माधोसिंघाना निवासी एक महिला पर कथित तौर पर फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के आधार पर वर्ष 2019-20 से दिव्यांग मानदेय भत्ता लेने का आरोप लगाया था। विभागीय अधिकारी ने मुख्यमंत्री को बताया कि सीएमओ की रिपोर्ट में प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने जिला समाज कल्याण विभाग को संबंधित महिला के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
एसपी को दिए जांच के निर्देश
शिकायत नंबर नौ में कालुआना निवासी राजेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की, लेकिन आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। डीएसपी डबवाली ने मुख्यमंत्री को मामले की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने डबवाली पुलिस अधीक्षक को जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
एसपी दोनों पक्षों को बुलाकर करेंगे जांच- सीएम
गांव केसुपुरा निवासी अनीता रानी ने शिकायत नंबर दस में मकान विवाद के दौरान उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया। उसका कहना था कि घटना में घायल होने के बाद उसे उपचार के लिए अस्पतालों में जाना पड़ा। बैठक में दूसरा पक्ष भी मौजूद था और उसने शिकायतकर्ता पक्ष पर हमला करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने सिरसा पुलिस अधीक्षक को दोनों पक्षों को बुलाकर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए।
तीनों भाई मिलकर भरेंगे 22 हजार 954 रुपये का बिजली बिल- सीएम
शिकायत नंबर 11 में गांव साहूवाला प्रथम निवासी संदीप ने बताया कि बिजली निगम ने उसे 22 हजार 954 रुपये का बिल भेजा है। उसका आरोप था कि उसके भाई महेंद्र का करीब 10 वर्ष पुराना लंबित बिजली बिल उसके कनेक्शन में जोड़ दिया गया, जबकि दोनों भाइयों के अलग-अलग मकान हैं। मुख्यमंत्री ने मामले का निपटारा करते हुए बिजली निगम अधिकारियों को बिल राशि तीनों भाइयों में बराबर बांटने के निर्देश दिए।
विभाग को दिया जांच का आदेश
गांव मटदादू निवासी गुरमेल सिंह ने शिकायत नंबर 12 में आरोप लगाया कि 31 मार्च 2020 को गांव के सुखपाल सिंह की मृत्यु हो जाने के बावजूद उसके परिजनों को वृद्धावस्था पेंशन मिलती रही। मुख्यमंत्री ने जिला समाज कल्याण विभाग को मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
'तेल मामले की होगी जांच'
शिकायत नंबर 13 में गोविंद नगर निवासी अजय कुमार ने एचएसवीपी से संबंधित मामले में कथित फर्जी तेल बिल तैयार कर हर महीने करीब दो लाख रुपये के बिल बनाए जाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने एचएसवीपी अधिकारियों को मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
एक माह के भीतर पूरी करो जांच- सीएम
शिकायत नंबर 14 में सिरसा निवासी तेजिंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2008 मॉडल की उसकी कार के ऑनलाइन रिकॉर्ड में तकनीकी गड़बड़ी के कारण वाहन का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है। कई प्रयासों के बावजूद रिकॉर्ड ठीक नहीं हुआ, जिससे वह न तो वाहन का उपयोग कर पा रहा है और न ही उसे बेच पा रहा है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण को एक माह के भीतर जांच पूरी करने के निर्देश दिए।
एडीसी के नेतृत्व में गठित होगी जांच कमेटी
सेक्टर-19 निवासी चढ़त सिंह की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने एडीसी के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता का कहना था कि सेक्टर-19 और 20 के लिए अधिग्रहित जमीन पर बने उसके रिहायशी मकान तक आने-जाने का उचित रास्ता नहीं है। प्रशासनिक जांच में भी मकान तक रास्ते की समस्या सामने आने का दावा किया गया। मुख्यमंत्री ने जांच कमेटी गठित कर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।
एसडीएम जांच कर देंगे रिपोर्ट- सीएम
वहीं, शिकायत नंबर 16 वन विभाग से संबंधित थी। मुख्यमंत्री ने डबवाली एसडीएम को मामले की जांच कर शाम तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति मामले के लिए जिम्मेदार पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।