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Sirsa News: किसानों के वाहनों के कारण मंडी के गेट हुए बंद, आज नरमे की खरीद करेगी सीसीआई
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सिरसा। मंडी में कपास - नरमा बेचने के लिए आए किसान। संवाद
सिरसा। अनाज मंडी में धान की आवक वीरवार को तेजी से आनी शुरू हुई। श्री श्याम बगीची धाम के साथ लगते गेट पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। सड़कों पर धान की ट्राॅलियां खाली करवाने के कारण वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ। वहीं, दूसरी ओर उम्मीद जगी है कि शुक्रवार से भारतीय कपास निगम (सीसीआई) नरमे की सरकारी खरीद शुरू कर देगी। किसाना लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे थे।
किसानों को मिल संचालकों को सीधे तौर पर अपना नरमा बेचना पड़ रहा था। आगामी दो से तीन दिनों को आढ़तियों की लचर कार्यप्रणाली के कारण आसपास के एरिया में अव्यवस्था फैल जाएगी। मंडी में व्यवस्था नहीं बनने पर आसपास के एरिया के गोदामों में आढ़ती अनुमति लेकर व बिना अनुमति के धान की खरीद में खेल शुरू कर देंगे।
सीमा से बाहर का हवाला देकर अधिकारी भी इस पूरे मामले में चुप्पी साध जाएंगे। इतना ही नहीं, सीएम फ्लाइंग की टीमें पूरी तरह से सक्रिय होंगी और जुर्माना लगाकर खानापूर्ति की जाएगी। जैसे पिछले साल देखने को मिला था। ऐसे में जो नुकसान उठाना पड़ेगा, वह किसान को उठाना पड़ेगा।
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ये हैं मंडी के आसपास के हालात
- सरकारी स्कूल के सामने कचरे का ढेर लगा हुआ है। वहीं, उसके साथ धान की ट्राॅलियां खाली हो रही हैं।
- मंडी में व्यवस्था बनाते हुए कोई अधिकारी व कर्मचारी नजर नहीं आता है। आढ़ती अपनी मर्जी चला रहे हैं।
- सड़कों पर धान आना शुरू हो गया है, लेकिन बरसाती प्रोजेक्ट के दौरान तोड़ी गई सड़क दुरुस्त नहीं हुई है।
- किसान के ट्रैक्टर-ट्राॅली को पार्क करवाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई है। ऐसे में मंडी में जाम लगता है।
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किसानों में रोष, औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर
समर्थन मूल्य पर नरमा-कपास की खरीद अभी तक सीसीआई की ओर से शुरू नहीं की गई है। इसके चलते किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों में निजी मिल परचेजरों को बेचनी पड़ रही है। वीरवार को सिरसा की अनाज मंडी में आसपास के गांवों से आए किसानों के साथ ऐसा ही हुआ। 11 बजे के आसपास कॉटन मिल मालिकों ने बोली शुरू की। 5800 से 6800 रुपये तक नरमे का प्रति क्विंटल दाम लगाया गया। किसानों ने इस पर नाराजगी जताई और फसल बेचने से इन्कार कर दिया। किसानों ने कहा कि पहले बारिश ने फसल खराब कर दी और अब मिल मालिक अपनी मर्जी चला रहे हैं। सरकार की खरीद एजेंसी नियमों का हवाला देते हुए एक रेशा तक नहीं खरीद रही है। किसान सुभाष, राजेंद्र , मनजीत आदि ने बताया कि औने पौने दामों में कॉटन मिल मालिक नरमा खरीदना चाहते हैं। यहां पर कुछ दाम लगाएंगे और फैक्टरी में कुछ दाम कर देंगे। 7200 रुपये के नरमे को 5800 से 6500 के बीच खरीदना मिल मालिक चाहते हैं। वहीं, सरकार के एमएसपी के दावे महज दावे हैं, कोई खरीद आज तक नहीं हुई है।
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अब तक इस प्रकार रही है कॉटन की खरीद
मार्केट कमेटी से मिले आंकड़ों के अनुसार अब तक जिलेभर में करीब एक लाख 80 हजार क्विंटल नरमा की खरीद हो चुकी है। इनमें से सिरसा मंडी में 67 हजार 60 क्विंटल से अधिक नरमा खरीदा गया है। पिछले वर्ष सिरसा मंडी में 5 लाख 84 हजार 707 क्विंटल नरमा-कपास की खरीद दर्ज की गई थी। वीरवार को सिरसा मंडी में 1392 क्विंटल नरमा की खरीद की गई।
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जिले की मंडियों में 1,85,590 मीट्रिक टन धान की खरीद
जिले की विभिन्न मंडियों में खरीद एजेंसियों की ओर से एमएसपी पर 1,85,590 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। कुल आवक में से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से 84,245 एमटी, हैफेड की ओर से 83,989 एमटी और हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कारपोरेशन की ओर से 17,356 एमटी खरीद की गई है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार ने बताया कि बडागुढ़ा मंडी में 3,512 एमटी, डबवाली मंडी में 25,942 एमटी, कालांवाली मंडी में 55,078 एमटी, फग्गू मंडी में 5,674 एमटी, रानियां मंडी में 9,238 एमटी, रोड़ी में 8,076 एमटी, सिरसा मंडी में 20,531 एमटी, सुरतिया मंडी में 4,416 एमटी, ओढां में 5,734 एमटी धान की खरीद दर्ज की गई है। साथ ही जिले की अन्य मंडियों में भी धान की आवक जारी है।
-- -- -- -- -- -- शुक्रवार से सीसीआई की ओर से नरमा-कपास की खरीद की जाएगी। इसके लिए तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं।
- राजीव शर्मा, खरीद प्रभारी, सीसीआई।
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किसानों को मिल संचालकों को सीधे तौर पर अपना नरमा बेचना पड़ रहा था। आगामी दो से तीन दिनों को आढ़तियों की लचर कार्यप्रणाली के कारण आसपास के एरिया में अव्यवस्था फैल जाएगी। मंडी में व्यवस्था नहीं बनने पर आसपास के एरिया के गोदामों में आढ़ती अनुमति लेकर व बिना अनुमति के धान की खरीद में खेल शुरू कर देंगे।
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सीमा से बाहर का हवाला देकर अधिकारी भी इस पूरे मामले में चुप्पी साध जाएंगे। इतना ही नहीं, सीएम फ्लाइंग की टीमें पूरी तरह से सक्रिय होंगी और जुर्माना लगाकर खानापूर्ति की जाएगी। जैसे पिछले साल देखने को मिला था। ऐसे में जो नुकसान उठाना पड़ेगा, वह किसान को उठाना पड़ेगा।
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ये हैं मंडी के आसपास के हालात
- सरकारी स्कूल के सामने कचरे का ढेर लगा हुआ है। वहीं, उसके साथ धान की ट्राॅलियां खाली हो रही हैं।
- मंडी में व्यवस्था बनाते हुए कोई अधिकारी व कर्मचारी नजर नहीं आता है। आढ़ती अपनी मर्जी चला रहे हैं।
- सड़कों पर धान आना शुरू हो गया है, लेकिन बरसाती प्रोजेक्ट के दौरान तोड़ी गई सड़क दुरुस्त नहीं हुई है।
- किसान के ट्रैक्टर-ट्राॅली को पार्क करवाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई है। ऐसे में मंडी में जाम लगता है।
किसानों में रोष, औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर
समर्थन मूल्य पर नरमा-कपास की खरीद अभी तक सीसीआई की ओर से शुरू नहीं की गई है। इसके चलते किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों में निजी मिल परचेजरों को बेचनी पड़ रही है। वीरवार को सिरसा की अनाज मंडी में आसपास के गांवों से आए किसानों के साथ ऐसा ही हुआ। 11 बजे के आसपास कॉटन मिल मालिकों ने बोली शुरू की। 5800 से 6800 रुपये तक नरमे का प्रति क्विंटल दाम लगाया गया। किसानों ने इस पर नाराजगी जताई और फसल बेचने से इन्कार कर दिया। किसानों ने कहा कि पहले बारिश ने फसल खराब कर दी और अब मिल मालिक अपनी मर्जी चला रहे हैं। सरकार की खरीद एजेंसी नियमों का हवाला देते हुए एक रेशा तक नहीं खरीद रही है। किसान सुभाष, राजेंद्र , मनजीत आदि ने बताया कि औने पौने दामों में कॉटन मिल मालिक नरमा खरीदना चाहते हैं। यहां पर कुछ दाम लगाएंगे और फैक्टरी में कुछ दाम कर देंगे। 7200 रुपये के नरमे को 5800 से 6500 के बीच खरीदना मिल मालिक चाहते हैं। वहीं, सरकार के एमएसपी के दावे महज दावे हैं, कोई खरीद आज तक नहीं हुई है।
अब तक इस प्रकार रही है कॉटन की खरीद
मार्केट कमेटी से मिले आंकड़ों के अनुसार अब तक जिलेभर में करीब एक लाख 80 हजार क्विंटल नरमा की खरीद हो चुकी है। इनमें से सिरसा मंडी में 67 हजार 60 क्विंटल से अधिक नरमा खरीदा गया है। पिछले वर्ष सिरसा मंडी में 5 लाख 84 हजार 707 क्विंटल नरमा-कपास की खरीद दर्ज की गई थी। वीरवार को सिरसा मंडी में 1392 क्विंटल नरमा की खरीद की गई।
जिले की मंडियों में 1,85,590 मीट्रिक टन धान की खरीद
जिले की विभिन्न मंडियों में खरीद एजेंसियों की ओर से एमएसपी पर 1,85,590 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। कुल आवक में से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से 84,245 एमटी, हैफेड की ओर से 83,989 एमटी और हरियाणा स्टेट वेयरहाउसिंग कारपोरेशन की ओर से 17,356 एमटी खरीद की गई है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार ने बताया कि बडागुढ़ा मंडी में 3,512 एमटी, डबवाली मंडी में 25,942 एमटी, कालांवाली मंडी में 55,078 एमटी, फग्गू मंडी में 5,674 एमटी, रानियां मंडी में 9,238 एमटी, रोड़ी में 8,076 एमटी, सिरसा मंडी में 20,531 एमटी, सुरतिया मंडी में 4,416 एमटी, ओढां में 5,734 एमटी धान की खरीद दर्ज की गई है। साथ ही जिले की अन्य मंडियों में भी धान की आवक जारी है।
- राजीव शर्मा, खरीद प्रभारी, सीसीआई।

सिरसा। मंडी में कपास - नरमा बेचने के लिए आए किसान। संवाद

सिरसा। मंडी में कपास - नरमा बेचने के लिए आए किसान। संवाद