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Sirsa News: संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत चार जनवरी को टोहाना में
Mon, 30 Dec 2024 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 30 Dec 2024 12:11 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। राष्ट्रीय किसान मंच के अध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा व प्रदेशाध्यक्ष लखा सिंह अलीकां ने संयुक्त बयान में कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से 4 जनवरी को टोहाना में और 9 जनवरी को मोगा (पंजाब) में किसान महापंचायत होगी। इसमें एसकेएम का राष्ट्रीय नेतृत्व महापंचायतों में शिरकत करेगा।
उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किए वादे सरकार ने अभी तक पूरे नहीं किए हैं। ऐसे में किसानों ने फिर से आंदोलन का रूख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जगजीत सिंह डल्लेवाल के साथ कोई भी अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी जिम्मेदार सरकार होगी। किसान नेताओं ने कहा कि कोई भी किसान संगठन एक-दूसरे से अलग नहीं है। सभी संगठनों की विचारधारा अलग-अलग हो सकती है। जब किसान व मजदूर के हकों की बात आती है तो वे सभी संगठन एक होकर अपने हकों की लड़ाई लड़ेंगे।
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यह हैं मुख्य मांग
एमएसपी और कर्ज माफी समेत बुनियादी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे सभी संगठनों से तुरंत बातचीत कर इस मसले का हल निकाला जाए। पंजाब सीमा पर आमरण-अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की जान बचाई जाए। ग्रेटर नोएडा की लुकसर जेल में बंद सभी किसानों को रिहा किया जाए। नई राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। आंदोलन व चुनाव के दौरान जितने भी किसानों पर केस दर्ज किए गए हैं, सभी रद्द किए जाएं।
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सिरसा। राष्ट्रीय किसान मंच के अध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा व प्रदेशाध्यक्ष लखा सिंह अलीकां ने संयुक्त बयान में कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से 4 जनवरी को टोहाना में और 9 जनवरी को मोगा (पंजाब) में किसान महापंचायत होगी। इसमें एसकेएम का राष्ट्रीय नेतृत्व महापंचायतों में शिरकत करेगा।
उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किए वादे सरकार ने अभी तक पूरे नहीं किए हैं। ऐसे में किसानों ने फिर से आंदोलन का रूख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जगजीत सिंह डल्लेवाल के साथ कोई भी अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी जिम्मेदार सरकार होगी। किसान नेताओं ने कहा कि कोई भी किसान संगठन एक-दूसरे से अलग नहीं है। सभी संगठनों की विचारधारा अलग-अलग हो सकती है। जब किसान व मजदूर के हकों की बात आती है तो वे सभी संगठन एक होकर अपने हकों की लड़ाई लड़ेंगे।
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यह हैं मुख्य मांग
एमएसपी और कर्ज माफी समेत बुनियादी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे सभी संगठनों से तुरंत बातचीत कर इस मसले का हल निकाला जाए। पंजाब सीमा पर आमरण-अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की जान बचाई जाए। ग्रेटर नोएडा की लुकसर जेल में बंद सभी किसानों को रिहा किया जाए। नई राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। आंदोलन व चुनाव के दौरान जितने भी किसानों पर केस दर्ज किए गए हैं, सभी रद्द किए जाएं।
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