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मौखिक संदेश से रद्द हो गए पटाखे बेचने के लाइसेंस
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सिरसा। हाल ही में दीपावली पर्व के मद्देनजर चयनित पटाखे स्टालों के विक्रेताओं के लिए पटाखा न बेचने के मौखिक आदेश पर अस्थायी पटाखा विक्रेता में मंगलवार को रोष देखने को मिला। दिवाली पर पटाखा विक्रेताओं के लिए स्टाल लगाने के लिए ड्रॉ निकाले गए थे। लेकिन दिवाली स्टाल लगाने वाले दिन जिला प्रशासन द्वारा विक्रेताओं को मौखिक रूप में सभी विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द कर दिए और स्टाल लगाने की अनुमति नहीं दी। वहीं दुकानदारों की लघु सचिवालय में बार-बार चक्कर काटने के बाद भी उपायुक्त अनीश यादव से बातचीत नहीं हो पाई।
पटाखा विक्रेता महेश कुमार, रजनीश व मींटू ने कहा कि हर साल पटाखा विक्रेता प्रशासन से इजाजत लेकर तय हिदायतों के अनुसार पटाखें बेचते हैं। लेकिन इस बार ड्रॉ निकालने के बाद सभी को चयनित करने के बाद भी प्रशासन द्वारा मौखिक में ये कहा गया है कि इस बार पटाखा स्टालें नहीं लगेगी। सबके लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। पटाखा विक्रेताओं ने बताया कि उनके पास किसी प्रकार कोई मैसेज नहीं आया और न ही किसी प्रकार लेटर दिया गया। बस मौखिक में उन्हें स्टॉल न लगाने का लिए कहा गया है। वहीं जिला प्रशासन द्वारा यह कहा गया है कि पिछले साल दिवाली के समय में शहर एयर क्वालिटी इंडेक्स बहुत बढ़ गया था। इसलिए इस दिवाली पटाखे जलाने की अनुमति नहीं दी गई है। वहीं विक्रेताओं का कहना है कि अगर पिछले साल की रिपोर्ट के हिसाब से ही चलना था तो ड्रॉ किस लिए निकाले गए थे। सभी को पहले बता दिया होता। सभी विक्रेताओं ने होलसेलर को एडवांस में पेमेंट कर पटाखों के ऑर्डर दिए है। जिसके कारण व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान होगा। जिले में कुल 31 स्टॉल लगनी है जिसमें विक्रेताओं ने करीब 2 करोड़ के करीब पटाखे लगाने थे। सभी विक्रेताओं जिला प्रशासन से मांग है कि उनके नुकसान की भरपाई की जाए।
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पटाखा विक्रेता महेश कुमार, रजनीश व मींटू ने कहा कि हर साल पटाखा विक्रेता प्रशासन से इजाजत लेकर तय हिदायतों के अनुसार पटाखें बेचते हैं। लेकिन इस बार ड्रॉ निकालने के बाद सभी को चयनित करने के बाद भी प्रशासन द्वारा मौखिक में ये कहा गया है कि इस बार पटाखा स्टालें नहीं लगेगी। सबके लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। पटाखा विक्रेताओं ने बताया कि उनके पास किसी प्रकार कोई मैसेज नहीं आया और न ही किसी प्रकार लेटर दिया गया। बस मौखिक में उन्हें स्टॉल न लगाने का लिए कहा गया है। वहीं जिला प्रशासन द्वारा यह कहा गया है कि पिछले साल दिवाली के समय में शहर एयर क्वालिटी इंडेक्स बहुत बढ़ गया था। इसलिए इस दिवाली पटाखे जलाने की अनुमति नहीं दी गई है। वहीं विक्रेताओं का कहना है कि अगर पिछले साल की रिपोर्ट के हिसाब से ही चलना था तो ड्रॉ किस लिए निकाले गए थे। सभी को पहले बता दिया होता। सभी विक्रेताओं ने होलसेलर को एडवांस में पेमेंट कर पटाखों के ऑर्डर दिए है। जिसके कारण व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान होगा। जिले में कुल 31 स्टॉल लगनी है जिसमें विक्रेताओं ने करीब 2 करोड़ के करीब पटाखे लगाने थे। सभी विक्रेताओं जिला प्रशासन से मांग है कि उनके नुकसान की भरपाई की जाए।
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