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किसान एक्सप्रेस का इलेक्ट्रिक इंजन से संचालन शुरू
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सिरसा रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन।
- फोटो : Sirsa
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। रेलवे ने गोरखधाम के बाद अब किसान एक्सप्रेस का भी इलेक्ट्रिक इंजन से संचालन शुरू कर दिया है। हालांकि इन ट्रेनों की गति को नहीं बढ़ाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पटरियों को मजबूत करने के बाद ही रेल की स्पीड को बढ़ाया जाएगा। जिसका लाभ यात्रियों को मिलेगा। अभी बिजली की पावर में कमी के चलते सभी ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं किया गया है।
इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन चलाने के लिए रेलवे ने करीब 80 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया था। पांच वर्षों से पटरियों पर बिजली लाइन बिछाने का काम किया जा रहा था। इसके बाद अब इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया गया है। सिरसा रेलवे स्टेशन पर करीब 20 ट्रेनों की आवाजाही होती है। ऐसे में बिजली की पावर में कमी होने के चलते अभी सभी ट्रेनों को इलेक्ट्रिक इंजन पर शुरं नहीं किया गया है। दो से तीन ट्रेनों का ही अभी इलेक्ट्रिक इंजन पर संचालन किया जा रहा है। पावर संबंधित समस्या दूर होने के बाद रेलवे की ओर से डीजल की इंजन के बजाय बिजली से ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
ट्रैक पुराना होने के कारण सामान्य रखी जाएगी स्पीड
हिसार से बठिंडा तक रेल का ट्रैक काफी पुराना होना के कारण अभी रेलवे की ओर से स्पीड को नहीं बढ़ाया जाएगा। इसके कारण अभी यात्रियों को इसका लाभ लेने के लिए थोड़ा इंतजार भी करना होगा।
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गोरखधाम और किसान एक्सप्रेस का इलेक्ट्रिक इंजन पर संचालन शुरू कर दिया गया है। रेल का ट्रैक पुराना होने और पावर में कमी होने के चलते अभी स्पीड को सामान्य रखा जा रहा है। ट्रैक की मरम्मत व मजबूत करने के बाद ही स्पीड को बढ़ाया जा सकेगा। - नरेंद्र कुमार, स्टेशन मास्टर, सिरसा रेलवे स्टेशन।
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सिरसा। रेलवे ने गोरखधाम के बाद अब किसान एक्सप्रेस का भी इलेक्ट्रिक इंजन से संचालन शुरू कर दिया है। हालांकि इन ट्रेनों की गति को नहीं बढ़ाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पटरियों को मजबूत करने के बाद ही रेल की स्पीड को बढ़ाया जाएगा। जिसका लाभ यात्रियों को मिलेगा। अभी बिजली की पावर में कमी के चलते सभी ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं किया गया है।
इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन चलाने के लिए रेलवे ने करीब 80 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया था। पांच वर्षों से पटरियों पर बिजली लाइन बिछाने का काम किया जा रहा था। इसके बाद अब इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया गया है। सिरसा रेलवे स्टेशन पर करीब 20 ट्रेनों की आवाजाही होती है। ऐसे में बिजली की पावर में कमी होने के चलते अभी सभी ट्रेनों को इलेक्ट्रिक इंजन पर शुरं नहीं किया गया है। दो से तीन ट्रेनों का ही अभी इलेक्ट्रिक इंजन पर संचालन किया जा रहा है। पावर संबंधित समस्या दूर होने के बाद रेलवे की ओर से डीजल की इंजन के बजाय बिजली से ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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ट्रैक पुराना होने के कारण सामान्य रखी जाएगी स्पीड
हिसार से बठिंडा तक रेल का ट्रैक काफी पुराना होना के कारण अभी रेलवे की ओर से स्पीड को नहीं बढ़ाया जाएगा। इसके कारण अभी यात्रियों को इसका लाभ लेने के लिए थोड़ा इंतजार भी करना होगा।
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गोरखधाम और किसान एक्सप्रेस का इलेक्ट्रिक इंजन पर संचालन शुरू कर दिया गया है। रेल का ट्रैक पुराना होने और पावर में कमी होने के चलते अभी स्पीड को सामान्य रखा जा रहा है। ट्रैक की मरम्मत व मजबूत करने के बाद ही स्पीड को बढ़ाया जा सकेगा। - नरेंद्र कुमार, स्टेशन मास्टर, सिरसा रेलवे स्टेशन।