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बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान में बच्चों का दक्ष होना बहुत जरूरी : डाॅ. मुकेश कुमार
Sun, 08 Dec 2024 10:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 08 Dec 2024 10:22 PM IST
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय फतेहपुरिया में बच्चे का टेस्ट लेते डॉ. मुकेश। स्रोत : स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार ने राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय व राजकीय प्राथमिक विद्यालय फतेहपुरिया नियामत खां का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान में दक्ष बनाने की गतिविधियों की जानकारी हासिल की।
डॉ. मुकेश ने कहा कि शिक्षा विभाग ने एफएलएन के तहत प्री स्कूलिंग को बेहतर बनाने के लिए कवायद शुरू की गई है। पहली से तीसरी कक्षा को एफएलएन के तहत जोड़ा गया है और बहुत जल्द चौथी से पांचवीं कक्षाओं को भी एफएलएन के तहत जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम में बच्चों में प्रवाह और सटीकता के साथ 45-60 शब्द प्रति मिनट पढ़ पाने की क्षमता विकसित की जा रही है।
उन्हाेंने राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय फतेहपुरिया नियामत खां में पहली और दूसरी कक्षा का निरीक्षण किया। पहली कक्षा में 14 छात्राएं उपस्थित रहीं। पहली कक्षा में राधिका, वंदना, हसीना, रिशिका और प्रीति से वर्ण की पहचान के बारे में पूछा गया तो सभी ने सही जवाब दिया। अध्यापक संदीप कुमार ने बताया कि पहली कक्षा के विद्यार्थी शब्द पठन भी अच्छी तरह से कर लेते हैं। अध्यापक संदीप ने शिक्षक संदर्शिका से पाठ योजना का चरणबद्घ तरीके से पालन किया। दूसरी कक्षा में 13 छात्राएं मौजूद रहीं। हिंदी में 17वें सप्ताह का कार्य चल रहा था। डाॅ. मुकेश कुमार ने जीविका, याशिका, प्रिया, प्रतिभा और दीपिका से वाक्य पठन करवाकर देखा गया और सभी ने वाक्य का सही तरीके से पठन किया।
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विद्यार्थियों से करवाया शब्दों का पठन
राजकीय प्राथमिक विद्यालय फतेहपुरिया नियामत खां में डाॅ. मुकेश कुमार ने पहली कक्षा में शिवा, गौरव, नानक सिंह, प्रिंस और यश से चित्रों को दिखाकर उनके बारे में पूछा। कक्षा तीसरी में मनीत, भविष्य, आशीष, गुलाब और चरणजीत से शब्दों का पठन करवाकर देखा गया। यहां बच्चों की मिली जुली प्रतिक्रिया रही। शिक्षक ने बताया कि ये बच्चे पहले तो कुछ भी नहीं पढ़ पाते थे, लेकिन अब धीरे-धीरे ये शब्दों को पहचान भी रहे हैं और पढ़ भी रहे हैं।
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सिरसा। जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार ने राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय व राजकीय प्राथमिक विद्यालय फतेहपुरिया नियामत खां का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान में दक्ष बनाने की गतिविधियों की जानकारी हासिल की।
डॉ. मुकेश ने कहा कि शिक्षा विभाग ने एफएलएन के तहत प्री स्कूलिंग को बेहतर बनाने के लिए कवायद शुरू की गई है। पहली से तीसरी कक्षा को एफएलएन के तहत जोड़ा गया है और बहुत जल्द चौथी से पांचवीं कक्षाओं को भी एफएलएन के तहत जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम में बच्चों में प्रवाह और सटीकता के साथ 45-60 शब्द प्रति मिनट पढ़ पाने की क्षमता विकसित की जा रही है।
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उन्हाेंने राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय फतेहपुरिया नियामत खां में पहली और दूसरी कक्षा का निरीक्षण किया। पहली कक्षा में 14 छात्राएं उपस्थित रहीं। पहली कक्षा में राधिका, वंदना, हसीना, रिशिका और प्रीति से वर्ण की पहचान के बारे में पूछा गया तो सभी ने सही जवाब दिया। अध्यापक संदीप कुमार ने बताया कि पहली कक्षा के विद्यार्थी शब्द पठन भी अच्छी तरह से कर लेते हैं। अध्यापक संदीप ने शिक्षक संदर्शिका से पाठ योजना का चरणबद्घ तरीके से पालन किया। दूसरी कक्षा में 13 छात्राएं मौजूद रहीं। हिंदी में 17वें सप्ताह का कार्य चल रहा था। डाॅ. मुकेश कुमार ने जीविका, याशिका, प्रिया, प्रतिभा और दीपिका से वाक्य पठन करवाकर देखा गया और सभी ने वाक्य का सही तरीके से पठन किया।
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विद्यार्थियों से करवाया शब्दों का पठन
राजकीय प्राथमिक विद्यालय फतेहपुरिया नियामत खां में डाॅ. मुकेश कुमार ने पहली कक्षा में शिवा, गौरव, नानक सिंह, प्रिंस और यश से चित्रों को दिखाकर उनके बारे में पूछा। कक्षा तीसरी में मनीत, भविष्य, आशीष, गुलाब और चरणजीत से शब्दों का पठन करवाकर देखा गया। यहां बच्चों की मिली जुली प्रतिक्रिया रही। शिक्षक ने बताया कि ये बच्चे पहले तो कुछ भी नहीं पढ़ पाते थे, लेकिन अब धीरे-धीरे ये शब्दों को पहचान भी रहे हैं और पढ़ भी रहे हैं।