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Sirsa News: दुर्घटनाग्रस्त कार में मिले कैप्सूल की जांच जारी, अधिकारी बोले- एनडीपीएस एक्ट के दायरे से हैं बाहर
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बडागुढ़ा। गांव बीरूवालागुढ़ा के पास सुब्बाखेड़ा रोड पर एक दुर्घटनाग्रस्त कार में 10 डिब्बों में मिले 3 हजार कैप्सूल के मामले में ड्रग कंट्रोलर अधिकारी मंगलवार देर सायं थाने में पहुंचे। देर रात्रि तक अधिकारी दवाइयों को लेकर जांच-पड़ताल में लगे रहे। जिला ड्रग कंट्रोलर अधिकारी केशव वशिष्ठ के मुताबिक उक्त कैप्सूल एनडीपीएस एक्ट के दायरे से बाहर हैं, लेकिन फिर भी जांच की जा रही है।
इस मामले में बडागुढ़ा पुलिस ने घटनास्थल के साथ लगती एक ढाणी निवासी जसकरण सिंह के बयान पर कार चालक गांव भोपाल (पंजाब) निवासी गुरप्रीत सिंह के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाकर जान खतरे में डालने के आरोप में केस दर्ज किया है। थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि ड्रग कंट्रोलर अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बीरूवालागुढ़ा के सरपंच सुखविंदर सिंह ने इस मामले में विभाग के ढुल-मुल रवैये पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब आरोपी की कार से नशीले कैप्सूल मिले हैं तो आरोपी व मेडिकल संचालक के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी। एनडीपीएस एक्ट न सही, लेकिन नशे में प्रयुक्त होने वाली इतनी सारी दवाइयां जिनके कोई बिल भी नहीं है तो कोई तो कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ड्रग अधिकारी को मौके पर ही सूचना दे दी गई थी, लेकिन अधिकारी करीब 6 घंटे तक भी नहीं पहुंचे। एक तरफ तो विभाग नशे के मामले में आमजन को सहयोग करने की बात कहता है तो वहीं दूसरी तरफ समय पर कार्रवाई नहीं होती।
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इस मामले में बडागुढ़ा पुलिस ने घटनास्थल के साथ लगती एक ढाणी निवासी जसकरण सिंह के बयान पर कार चालक गांव भोपाल (पंजाब) निवासी गुरप्रीत सिंह के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाकर जान खतरे में डालने के आरोप में केस दर्ज किया है। थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि ड्रग कंट्रोलर अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बीरूवालागुढ़ा के सरपंच सुखविंदर सिंह ने इस मामले में विभाग के ढुल-मुल रवैये पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब आरोपी की कार से नशीले कैप्सूल मिले हैं तो आरोपी व मेडिकल संचालक के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी। एनडीपीएस एक्ट न सही, लेकिन नशे में प्रयुक्त होने वाली इतनी सारी दवाइयां जिनके कोई बिल भी नहीं है तो कोई तो कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ड्रग अधिकारी को मौके पर ही सूचना दे दी गई थी, लेकिन अधिकारी करीब 6 घंटे तक भी नहीं पहुंचे। एक तरफ तो विभाग नशे के मामले में आमजन को सहयोग करने की बात कहता है तो वहीं दूसरी तरफ समय पर कार्रवाई नहीं होती।
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