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Sirsa News: रोडवेज चालकों-परिचालकों का एचआरएमएस डाटा होगा अपडेट, ऑनलाइन ट्रांसफर से पहले दस्तावेज डिजिटल रूप से जमा कराने होंगे
Mon, 28 Sep 2026 10:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 28 Sep 2026 10:28 PM IST
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सिरसा। रोडवेज विभाग ने ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। चालक और परिचालक कैडर की ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू होने से पहले कर्मचारियों का एचआरएमएस डाटा और दस्तावेज अपडेट किए जाएंगे। रोडवेज ने डिपो और सब डिपो को आदेश जारी कर सभी चालक-परिचालकों को पोर्टल पर अपना डाटा जांचने के निर्देश दिए हैं।
आदेश के अनुसार एचआरएमएस डाटा में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर कर्मचारियों को इसकी जानकारी डिपो कार्यालय को लिखित रूप में देनी होगी। कर्मचारियों को ई-मेल आईडी पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। लिपिकों को 30 सितंबर तक 31 अगस्त तक की सेवा का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्य पूरा कर रिपोर्ट नोडल अधिकारी के समक्ष प्रतिदिन प्रस्तुत करनी होगी। यातायात प्रबंधक, चीफ इंस्पेक्टर, कार्य निरीक्षक, कैशियर और यार्ड मास्टर को भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ऑनलाइन ट्रांसफर से पहले रिकॉर्ड दुरुस्त करने पर जोर दिया गया है।
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पुराने मेडिकल प्रमाणपत्र भी मान्य
ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी-2026 के तहत गंभीर बीमारी से संबंधित प्रमाण-पत्रों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। एम्स, पीजीआई चंडीगढ़, पीजीआई रोहतक और प्रदेश सहित दिल्ली-चंडीगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के बोर्ड 31 अगस्त से पहले जारी किए गए क्रॉनिक डिजीज प्रमाण-पत्र ही स्वीकार किए जाएंगे। इसकी जानकारी रोडवेज की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित रोडवेज वर्कर्स यूनियन के प्रधान पृथ्वी सिंह चाहर ने कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर के तहत डाटा अपडेट के संबंध में पत्र जारी हुआ है। रोडवेज कर्मियों और यूनियन सदस्यों से रूपरेखा पर विमर्श किया जाएगा। बातचीत के बाद आदेशों के मायने, फायदे और रणनीति पर विचार किया जाएगा।
रोडवेज महासंघ यूनियन से जुड़े सुरेंद्र स्वामी ने बताया कि पत्र में कच्चे कर्मचारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। इससे उनके सामने असमंजस बना हुआ है कि उन्हें पॉलिसी में शामिल किया गया है या नहीं।
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आदेश के अनुसार एचआरएमएस डाटा में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर कर्मचारियों को इसकी जानकारी डिपो कार्यालय को लिखित रूप में देनी होगी। कर्मचारियों को ई-मेल आईडी पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। लिपिकों को 30 सितंबर तक 31 अगस्त तक की सेवा का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
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कार्य पूरा कर रिपोर्ट नोडल अधिकारी के समक्ष प्रतिदिन प्रस्तुत करनी होगी। यातायात प्रबंधक, चीफ इंस्पेक्टर, कार्य निरीक्षक, कैशियर और यार्ड मास्टर को भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ऑनलाइन ट्रांसफर से पहले रिकॉर्ड दुरुस्त करने पर जोर दिया गया है।
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पुराने मेडिकल प्रमाणपत्र भी मान्य
ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी-2026 के तहत गंभीर बीमारी से संबंधित प्रमाण-पत्रों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। एम्स, पीजीआई चंडीगढ़, पीजीआई रोहतक और प्रदेश सहित दिल्ली-चंडीगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के बोर्ड 31 अगस्त से पहले जारी किए गए क्रॉनिक डिजीज प्रमाण-पत्र ही स्वीकार किए जाएंगे। इसकी जानकारी रोडवेज की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित रोडवेज वर्कर्स यूनियन के प्रधान पृथ्वी सिंह चाहर ने कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर के तहत डाटा अपडेट के संबंध में पत्र जारी हुआ है। रोडवेज कर्मियों और यूनियन सदस्यों से रूपरेखा पर विमर्श किया जाएगा। बातचीत के बाद आदेशों के मायने, फायदे और रणनीति पर विचार किया जाएगा।
रोडवेज महासंघ यूनियन से जुड़े सुरेंद्र स्वामी ने बताया कि पत्र में कच्चे कर्मचारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। इससे उनके सामने असमंजस बना हुआ है कि उन्हें पॉलिसी में शामिल किया गया है या नहीं।