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Sirsa News: ग्रीन बेल्ट के कब्जों पर आमने-सामने होंगे एचएसवीपी और नगर परिषद

Sun, 20 Sep 2026 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sun, 20 Sep 2026 11:20 PM IST
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hsvp nagar parishad in front of
मंडी में ग्रीन बेल्ट पर किया गया एक संस्था का कब्जा
एचएसवीपी ने रखरखाव के लिए दी थी जमीन, निगम ने निविदा लगाकर करवा दिए निर्माण कार्य
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शेड से लेकर सुंदरीकरण के नाम पर पक्के फुटपाथ तक बनाए गए, संस्थाओं के कब्जे भी सामने आए
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर की ग्रीन बेल्ट में निर्माण और कब्जों को लेकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) और नगर परिषद आमने-सामने आ सकते हैं। एचएसवीपी ने जिन ग्रीन बेल्टों की देखरेख नगर परिषद को सौंपी थी वहां परिषद की ओर से निविदाएं लगाकर निर्माण एवं सुंदरीकरण कार्य करवाए जाने का मामला सामने आया है।
इनमें शेड बनाने से लेकर पक्के फुटपाथ तक का निर्माण शामिल है। इसी कारण इन ग्रीन बेल्ट पर लगातार कब्जा हो रहा है। नगर परिषद एचएसवीपी की मलकियत बताकर पल्ला झाड़ रही थी। अब ऐसा नहीं होगा।
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सूत्रों के अनुसार, कुछ ग्रीन बेल्ट में विभिन्न संस्थाओं की ओर से भी लंबे समय से कब्जे किए हुए थे। अब एचएसवीपी ने इन ग्रीन बेल्टों में करवाए गए निर्माण कार्यों और मौजूदा स्थिति की जांच करवाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्राधिकरण की ओर से संबंधित मामलों में नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है।
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ग्रीन बेल्ट का उद्देश्य शहर में हरित क्षेत्र को संरक्षित रखना और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना है। ऐसे में ग्रीन बेल्ट में पक्के निर्माण या अन्य स्थायी ढांचे खड़े किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
एचएसवीपी अब यह जांच करेगा कि नगर परिषद की ओर से किन ग्रीन बेल्ट में कौन-कौन से कार्य करवाए गए और उनके लिए किस स्तर पर अनुमति ली गई थी।
कब्जों की भी होगी पड़ताल
जांच के दौरान ग्रीन बेल्ट में संस्थाओं अथवा अन्य लोगों की ओर से किए गए कब्जों की भी जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही यह देखा जाएगा कि सुंदरीकरण और जनसुविधा के नाम पर किए गए कार्य निर्धारित नियमों के अनुरूप हैं या नहीं। एचएसवीपी की कार्रवाई के बाद दोनों विभागों के बीच ग्रीन बेल्ट के अधिकार, रखरखाव और निर्माण कार्यों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
इस प्रकार हैं ग्रीन बेल्ट के हालात
एचएसवीपी ने वर्ष 2016 को कुछ सेक्टर के साथ-साथ ग्रीन बेल्ट भी नगर परिषद को हैंडओवर की थी। हैंडओवर करने के बाद तीन से चार पॉइंटों पर ग्रीन बेल्ट में संस्थाओं की ओर से कब्जा कर लिया गया। इतना ही नहीं, संस्थाओं ने जिन ग्रीन बेल्ट पर कब्जा किया हुआ था। उन पर 10 लाख से लेकर 45 लाख रुपये तक के विकास कार्य किए गए है। सुंदरीकरण व शेड के नाम पर बड़ा पैसा लगाया गया है। इतना ही नहीं, पूर्व सांसद से लेकर कई राजनेताओं ने अपनी अपनी ग्रांट देकर पैसा लगाया। आज यही विकास कार्य एचएसवीपी के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। हाईकोर्ट में एचएसवीपी को जवाब देना पड़ता है जबकि नगर परिषद की ओर से पिछले कुछ सालों में लगातार टेंडर लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, आज भी इन संस्थाओं को निरंतर सुविधाएं देने का काम नगर परिषद कर रहा है। इसी का परिणाम है कि दोनों विभागों के बीच आपसी खींचतान देखने को मिल रही हैं।

कोट्स
हमारी ओर से नगर परिषद के ग्रीन बेल्ट में किए गए विकास कार्यों को लेकर नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस के माध्यम से विकास कार्यों की पूरी डिटेल खंगाली जाएगी।
-रमेश कुमार, एसडीओ, एचएसवीपी
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