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स्कूलों में छुट्टियां पर आंगनबाड़ी केंद्र में पसीने से तरबतर हो कखग सीख रहे नौनिहाल
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एकता कॉलोनी स्थित केंद्र में बिना बिजली के बैठे बच्चे। संवाद
- फोटो : Sirsa
अनुपमा जाखड़
सिरसा। नौतपा चल रहा है। भीषण गर्मी के कारण शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों की छुट्टियां कर दी हैं, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहाल पसीने से तरबतर होकर कखग सीखने के लिए आ रहे हैं। कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली नहीं होने से पंखे बंद हैं।
शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूली विद्यार्थियों की 1 से लेकर 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां कर दी हैं। स्कूलों में तो छुट्टियां हो गईं, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों व प्ले स्कूलों में अबोध बच्चे आ रहे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें अभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने के कोई आदेेश नहीं मिले हैं। इस कारण से वे प्रतिदिन बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर बुला रही हैं। संवाददाता ने शुक्रवार को जब आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर देखा तो बच्चे पसीना बहाते हुए गतिविधियों में भाग ले रहे थे, क्योंकि कई केंद्रों में बिजली न होने से पंखे बंद पड़े थे। (संवाद)
सुबह 10:30 बजे, मॉडल संस्कृति स्थित केंद्र
अनाज मंडी के माडॅल संस्कृति प्राइमरी स्कूल के एक कमरे में आंगनबाड़ी केंद्र चलता है। सुबह तकरीबन 10:30 बजे जाकर देखा तो वहां कार्यकर्ता विद्यार्थियों को गतिविधियां करवा रही थीं। उसी एक कमरे में कबाड़ व रसोई का समान पड़ा था। वहीं कार्यकर्ता बच्चे को पढ़ा रही थीं।
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10:15 बजे, कबीर धर्मशाला केंद्र
एकता कॉलोनी में स्थित कबीर धर्मशाला में आंगनबाड़ी केंद्र चलाया जा रहा है। वहां पर कार्यकर्ता और हेल्पर बच्चों को गर्मी में ही कविता पढ़ा रही थीं। इस आंगनबाड़ी केंद्र में पंखा ही नहीं चल रहा था। कार्यकर्ता से पूछा तो उन्होंने बताया कि पिछले एक साल केंद्र का किराया न देने के कारण बिजली का कनेक्शन कट गया है। इस कारण गर्मी में बिना बिजली के ही बच्चों को बैठाना पड़ता है।
11: 30 बजे, संजय कॉलोनी केंद्र
संजय कॉलोनी स्थित एक आंगनबाड़ी में जाकर देखा तो वहां एक दुकान में केंद्र को चलाया जा रहा था। जिसमें पांच बच्चे बैठे थे। वहीं पर बच्चों के साथ में ही गैस और सिलिंडर रखे थे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि जगह न होने के कारण यहीं पर बच्चों के लिए खाना बनाना पड़ता है। खतरा तो है लेकिन हमारे पास कोई और दूसरा विकल्प नहीं है।
11: 40 बजे, अनाज मंडी केंद्र
अनाज मंडी स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे घर जा चुके थे। कुछ बैठे थे। वहां पर भी बिल्कुल पहले जैसी ही स्थिति थी। एक छोटे से कमरे में केंद्र चल रहा है। वहां पर अपने बच्चे को लेने आई एक महिला ने बताया कि केंद्र में पिछले कुछ महीने से राशन ही नहीं आया, जिसके कारण बच्चों को राशन नहीं मिल पा रहा है।
केंद्र में बिजली कनेक्शन ही नहीं है, जिसके कारण बच्चे दोपहर तक गर्मी में बैठे रहते हैं। एक पंखा तक नहीं चलता है। वहीं सभी स्कूलों की तो छुट्टियां कर दी हैं, लेकिन अभी तक आंगनबाड़ी केंद्रों की छुट्टी नहीं की है। --दिव्या रानी, अभिभावक।
एक छोटी सी दुकान में आंगनबाड़ी केंद्र चलाया जा रहा है, जहां बच्चे बैठते है उसी के पास गैस चूल्हा रखा हुआ। खाना भी यहीं बनता है, जिससे बच्चों के लिए खतरा बना रहता है। सरकार को चाहिए कि केंद्रों के लिए अच्छी जगह दें। -बथेरी देवी, अभिभावक।
केंद्रों पर पिछले एक साल से खाना नहीं बनाया जा रहा था। सूखा राशन ही दिया जाता था लेकिन अब जब खाना बनना शुरू हुआ है, तो केंद्रों पर सूखा राशन भी नहीं है। इससे कभी खाना बनता है तो कभी नहीं । -पूजा रानी, अभिभावक।
मुख्यालय से गर्मियों की छुट्टी के कोई आदेश नहीं आए हैं। इसलिए आंगनबाड़ी केंद्रों को खोला जा रहा है। उम्मीद है कि अगले हफ्ते तक आदेश आने के बाद केंद्रों की भी छुट्टी कर दी जाएगी। -डॉ. दर्शना सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग।
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सिरसा। नौतपा चल रहा है। भीषण गर्मी के कारण शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों की छुट्टियां कर दी हैं, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहाल पसीने से तरबतर होकर कखग सीखने के लिए आ रहे हैं। कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली नहीं होने से पंखे बंद हैं।
शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूली विद्यार्थियों की 1 से लेकर 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां कर दी हैं। स्कूलों में तो छुट्टियां हो गईं, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों व प्ले स्कूलों में अबोध बच्चे आ रहे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें अभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने के कोई आदेेश नहीं मिले हैं। इस कारण से वे प्रतिदिन बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर बुला रही हैं। संवाददाता ने शुक्रवार को जब आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर देखा तो बच्चे पसीना बहाते हुए गतिविधियों में भाग ले रहे थे, क्योंकि कई केंद्रों में बिजली न होने से पंखे बंद पड़े थे। (संवाद)
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सुबह 10:30 बजे, मॉडल संस्कृति स्थित केंद्र
अनाज मंडी के माडॅल संस्कृति प्राइमरी स्कूल के एक कमरे में आंगनबाड़ी केंद्र चलता है। सुबह तकरीबन 10:30 बजे जाकर देखा तो वहां कार्यकर्ता विद्यार्थियों को गतिविधियां करवा रही थीं। उसी एक कमरे में कबाड़ व रसोई का समान पड़ा था। वहीं कार्यकर्ता बच्चे को पढ़ा रही थीं।
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10:15 बजे, कबीर धर्मशाला केंद्र
एकता कॉलोनी में स्थित कबीर धर्मशाला में आंगनबाड़ी केंद्र चलाया जा रहा है। वहां पर कार्यकर्ता और हेल्पर बच्चों को गर्मी में ही कविता पढ़ा रही थीं। इस आंगनबाड़ी केंद्र में पंखा ही नहीं चल रहा था। कार्यकर्ता से पूछा तो उन्होंने बताया कि पिछले एक साल केंद्र का किराया न देने के कारण बिजली का कनेक्शन कट गया है। इस कारण गर्मी में बिना बिजली के ही बच्चों को बैठाना पड़ता है।
11: 30 बजे, संजय कॉलोनी केंद्र
संजय कॉलोनी स्थित एक आंगनबाड़ी में जाकर देखा तो वहां एक दुकान में केंद्र को चलाया जा रहा था। जिसमें पांच बच्चे बैठे थे। वहीं पर बच्चों के साथ में ही गैस और सिलिंडर रखे थे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि जगह न होने के कारण यहीं पर बच्चों के लिए खाना बनाना पड़ता है। खतरा तो है लेकिन हमारे पास कोई और दूसरा विकल्प नहीं है।
11: 40 बजे, अनाज मंडी केंद्र
अनाज मंडी स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे घर जा चुके थे। कुछ बैठे थे। वहां पर भी बिल्कुल पहले जैसी ही स्थिति थी। एक छोटे से कमरे में केंद्र चल रहा है। वहां पर अपने बच्चे को लेने आई एक महिला ने बताया कि केंद्र में पिछले कुछ महीने से राशन ही नहीं आया, जिसके कारण बच्चों को राशन नहीं मिल पा रहा है।
केंद्र में बिजली कनेक्शन ही नहीं है, जिसके कारण बच्चे दोपहर तक गर्मी में बैठे रहते हैं। एक पंखा तक नहीं चलता है। वहीं सभी स्कूलों की तो छुट्टियां कर दी हैं, लेकिन अभी तक आंगनबाड़ी केंद्रों की छुट्टी नहीं की है। --दिव्या रानी, अभिभावक।
एक छोटी सी दुकान में आंगनबाड़ी केंद्र चलाया जा रहा है, जहां बच्चे बैठते है उसी के पास गैस चूल्हा रखा हुआ। खाना भी यहीं बनता है, जिससे बच्चों के लिए खतरा बना रहता है। सरकार को चाहिए कि केंद्रों के लिए अच्छी जगह दें। -बथेरी देवी, अभिभावक।
केंद्रों पर पिछले एक साल से खाना नहीं बनाया जा रहा था। सूखा राशन ही दिया जाता था लेकिन अब जब खाना बनना शुरू हुआ है, तो केंद्रों पर सूखा राशन भी नहीं है। इससे कभी खाना बनता है तो कभी नहीं । -पूजा रानी, अभिभावक।
मुख्यालय से गर्मियों की छुट्टी के कोई आदेश नहीं आए हैं। इसलिए आंगनबाड़ी केंद्रों को खोला जा रहा है। उम्मीद है कि अगले हफ्ते तक आदेश आने के बाद केंद्रों की भी छुट्टी कर दी जाएगी। -डॉ. दर्शना सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग।

मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में गतिविधियां करते नौनिहाल। संवाद- फोटो : Sirsa

संजय कॉलोनी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में चूल्हे के साथ ही बैठे बच्चे । संवाद- फोटो : Sirsa