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Sirsa News: हरियाणा शिक्षा बोर्ड की दसवीं का परीक्षा परिणाम जारी, जतिन ने जिला में किया टॉप, प्रदेश में सिरसा 10वें स्थान पर

Tue, 16 May 2023 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Tue, 16 May 2023 11:53 PM IST
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Haryana Education Board's 10th examination results released, Jatin topped the district, Sirsa at 10th position in the state
जिला टॉपर जतिन कुमार के साथ परिवार के सदस्य। संवाद
सिरसा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने मंगलवार को दसवीं का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। इनमें इस बार छात्राओं ने बाजी मारी है। छात्राओं का पास प्रतिशत 70 फीसदी रहा, जबकि 60.95 फीसदी छात्र पास हुए। जिला का ओवरऑल परिणाम 65.63 फीसदी रहा। पिछले साल के मुकाबले इस बार जिले के परीक्षा परिणाम 19.5 फीसदी की गिरावट आई है।
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वहीं अगर बात प्रदेश में पास प्रतिशत के आधार पर रैकिंग की करें तो उसमें सुधार हुआ है। इस बार सिरसा प्रदेशभर की सूची में पास प्रतिशत अनुसार 10वें स्थान पर है, जबकि पिछले बार 18वें स्थान पर था।
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मंगलवार सुबह से ही विद्यार्थी अपने परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे थे। दोपहर बाद परिणाम जारी हुआ तो एकबार वेबसाइट ठप हो गई। इस बार दसवीं की परीक्षा में जिले से 14105 विद्यार्थी बैठे। इनमें से 9257 विद्यार्थी पास हो गए, जबकि 1811 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई है। 3037 विद्यार्थी फेल हो गए हैं। अगर बात सिर्फ छात्रों की करें तो इस बार 10वीं की परीक्षा में 6811 छात्र बैठे। इनमें से 4151 ही पास हो पाए जबकि 899 की कंपार्टमेंट आ गई। 1761 छात्र फेल हो गए। छात्रों का पास प्रतिशत 60.95 फीसदी रहा। इसके विपरीत बात करें तो छात्राओं का पास प्रतिशत 70 फीसदी रहा। जिले में 7294 छात्राओं ने परीक्षा दी। इनमें से 5106 छात्राएं पास हो गईं जबकि 912 की कंपार्टमेंट आ गई। 1276 छात्राएं फेल हो गईं।
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इस बार निजी स्कूलों के मुकाबले राजकीय विद्यालयों का परिणाम कमजोर साबित हुआ। जिले में राजकीय स्कूलों का परिणाम 59.67 फीसदी दर्ज हुआ, जबकि निजी स्कूलों का परिणाम 80.52 फीसदी रहा। इस बार राजकीय विद्यालयों के 10071 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इनमें से 6009 पास हो गए, जबकि 1384 की कंपार्टमेंट आई है। 2678 विद्यार्थी फेल हो गए। इसी प्रकार निजी स्कूलों के 4034 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे। इनमें से 3248 पास हो गए जबकि 427 की कंपार्टमेंट आई है। 359 विद्यार्थी फेल हो गए हैं। ऐसे में स्पष्ट है कि अब राजकीय स्कूलों का परिणाम सुधारने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मंथन करना होगा।


शहरी निकले फिसड्डी, ग्रामीण विद्यार्थियों ने दिखाया जलवा
परीक्षा परिणाम में शहरी विद्यार्थियों के मुकाबले ग्रामीण विद्यार्थियों ने जलवा दिखाया है। शहरी विद्यार्थियों का पास प्रतिशत 62.90 फीसदी है, जबकि ग्रामीण विद्यार्थियों का पास प्रतिशत 66.43 फीसदी। जिले में इस बार 10900 शहरी विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इनमें से 7241 पास हो गए, जबकि 1349 की कंपार्टमेंट आई। इतना ही नहीं 2310 शहरी विद्यार्थी फेल हो गए। ग्रामीण विद्यार्थियों की बात करें तो इस बार 3205 विद्यार्थी ग्रामीण इलाकों से परीक्षा में बैठे। इनमें से 2016 पास हो गए, जबकि 462 की कंपार्टमेंट आ गई। 727 विद्यार्थी फेल हो गए।


जतिन ने किया जिले में टॉप, स्नेहा, प्रज्ञा व सनकीरत ने दूसरा व जश्नदीप और तमन्ना ने पाया तीसरा स्थान
सिरसा। कुछ कर गुजरने का मन में हो तो उसे कड़ी मेहनत कर पूरा किया जा सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है, जिले के दसवीं कक्षा के टॉपर विद्यार्थियों ने। हरियाणा बोर्ड की दसवीं परीक्षा में जतिन ने जिला में टॉप किया है, तो स्नेहा, प्रज्ञा व सनकीरत ने दूसरा स्थान और जश्नदीप व तमन्ना ने तीसरे स्थान हासिल की परिवार, स्कूल व जिले का नाम रोशन किया है।

जिले में इस बार टॉप तीन में छह विद्यार्थी हैं। इन सभी की संघर्ष की कहानी भी रोचक है। इनमें से कोई स्पेस की स्टडी कर इसरो में जाना चाहता है, तो कोई डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहता है। नव ज्योति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ऐलनाबाद के जतिन ने 500 में 495 अंक प्राप्त किए। ग्रामीण प्रगति सीनियर सेकेंडरी स्कूल माधोसिंघाना की स्नेहा व प्रज्ञा और बीएस हाई स्कूल रानियां की सनकीरत ने 494 अंक प्राप्त किए। इसी के साथ दशमेश सीनियर सेकेंडरी स्कूल चोरमार खेड़ा की जश्नदीप कौर व ग्रामीण प्रगति सीनियर सेकेंडरी स्कूल भूर्टवाला की तमन्ना ने 493 अंक लेकर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

कभी टॉपर बनने के लिए नहीं की पढ़ाई, बस बेहतर करना था

जिला टॉपर जतिन कुमार ने सोशल मीडिया की सहायता से टॉपर बनने का सफर तय किया है। जतिन ने बताया कि उसने दसवीं कक्षा की पढ़ाई यू-ट्यूब व अन्य प्लेट फॉर्म की सहायता से की। वह वीडियो देखकर पढ़ाई करता था। कभी किसी प्रकार की ट्यूशन नहीं ली। जतिन बताता है कि उसने कभी नंबरों के लिए पढ़ाई नहीं की और न ही कभी सोचा था कि टॉप करेगा। बस जो भी करता उसमें अपना बेस्ट देने का प्रयास करता। जतिन ने बताया कि अब वह स्पेस की पढ़ाई कर इसरो में जाना चाहता है।



परीक्षा देती ही चली गई आईआईटी, साइंटिस्ट बनना है सपना

प्रज्ञा के पिता राजेश कुमार ने बताया कि उनकी बेटी इस समय आईआईटी की तैयारी करने के लिए गई है। जब उसकी अंतिम परीक्षा हुई, उसी रात वह सिरसा से चली गई। हमने उसे कहा था कि थोड़ा आराम कर ले। उसने कहा कि पहले सपने को पूरा करेगी, फिर आराम करेगी। वह साइंटिस्ट बनना चाहती है। मैं राजकीय विद्यालय में अंग्रेजी विषय का लेक्चरर हूं।



कोरोना में डॉक्टरों की कमी देखी तो, आंखों में संजोया डॉक्टर बनने का सपना

स्नेहा ने बताया कि उसे आगे बढ़ने के लिए माता-पिता ने प्रेरित किया। स्कूल प्राचार्य ने उसका हौसला बढ़ाया। उसने बताया कि वह प्रतिदिन सुबह उठकर पढ़ाई करती थी। कोरोना महामारी के दौरान जो हालात देखे, जिसके बाद उसने डॉक्टर बनने का ठाना है। वह डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती है।

टारगेट निर्धारित कर की पढ़ाई, अब इंजीनियर की तैयारी

सनकीरत ने लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई की और टॉपर्स की श्रेणी में खड़ी हुई। सनकीरत ने बताया कि वह स्कूल के बाद प्रतिदिन 5 से 6 घंटे की पढ़ाई करती थी। इस दौरान सोशल मीडिया से दूरी भी रखी। अब वह बीटेक कर इंजीनियर बनना चाहती है। इसके लिए वह अभी से जुट गई है।


जश्नदीप ने फोन छोड़ दिन-रात की पढ़ाई, अब ऑस्ट्रेलिया जाकर करेगी पढ़ेगी लॉ

जश्नदीप कौर ने प्रतिदिन 7 से 8 घंटे तक पढ़ाई कर जिले में टॉप तीन स्थान में अपनी जगह बनाई है। इस दौरान उसने कभी सोशल मीडिया पर कोई अकाउंट नहीं बनाया। जश्नदीप ने बताया कि सपना पूरा करने के लिए माता-पिता ने हमेशा प्रेरित किया। अब जश्नदीप कौर आइलेट्स कर ऑस्ट्रेलिया जाकर कानून की पढ़ाई करना चाहती है।





सर्जन बना लोगों की जिंदगी बचाना चाहती है तमन्ना

लोगों के लिए भगवान के बाद वही दूसरा भगवान होता है, जो उनकी जान बचाता है। इसी सपने को आंखों में लेकर तमन्ना ने अपनी पढ़ाई की। तमन्ना सर्जन बनकर लोगों की सेवा करना चाहती है। तमन्ना बताती है कि वह दिन में स्कूल के बाद 4 से 5 घंटे तक पढ़ाई करती है। अब उसने ग्यारहवीं कक्षा में मेडिकल लिया है। इसके बाद नीट करेगी।

जिला टॉपर जतिन कुमार के साथ परिवार के सदस्य। संवाद

जिला टॉपर जतिन कुमार के साथ परिवार के सदस्य। संवाद

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