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Sirsa News: चिकित्सकों ने की दो घंटे पेन डाउन हड़ताल
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हड़ताल के दौरान नागरिक अस्पताल में बैठे चिकित्सा अधिकारी।
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सिरसा। लिंगानुपात कम होने के आधार पर जोतांवाली पीएचसी की मेडिकल ऑफिसर के निलंबन के विरोध में हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन सिरसा इकाई ने वीरवार को सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों व नागरिक अस्पताल में दो घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक की। इस दौरान ओपीडी पूरी तरह ठप रही और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हड़ताल की अध्यक्षता कर रहे डॉ. आरके दहिया व डॉ. विपुल गुप्ता ने चिकित्सकों को संबोधित करते हुए कहा कि लिंगानुपात एक जटिल सामाजिक-जनसांख्यिकीय मुद्दा है जो सामाजिक सोच, बेटों को प्राथमिकता, प्रवासी आबादी, जन्म-मृत्यु के क्षेत्रीय पैटर्न और कई प्रशासनिक-सामाजिक कारकों पर निर्भर करता है।
इस बहु-कारकीय समस्या का सारा दोष एक डॉक्टर पर थोपना अन्यायपूर्ण और अवैज्ञानिक है। पेन डाउन स्ट्राइक के दौरान एसोसिएशन ने इसे तुगलकी फरमान करार देते हुए कड़ा विरोध जताया और चेतावनी दी कि ऐसे मनमाने आदेश स्वीकार नहीं किए जाएंगे। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि वे पीएनडीटी एक्ट के सख्त पालन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और समाज सेवा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैंं, लेकिन बिना जांच-पड़ताल और तथ्यों के किसी एक अधिकारी को दंडित करना उचित नहीं है। एसोसिएशन ने मांग की है कि सरकार निलंबन आदेश तत्काल वापस ले और लिंगानुपात सुधार के लिए वैज्ञानिक व तर्कसंगत नीति अपनाए।
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हड़ताल में जिलेभर के चिकित्सा अधिकारी शामिल रहे
हड़ताल में नागरिक अस्पताल सिरसा से डॉ. पवन, डॉ. राजेश चौधरी, डॉ. प्रतीक गोयल, डॉ. राहुल गर्ग, डॉ. बबीता (गाइनेकोलॉजिस्ट), डॉ. अनीषा, डॉ. गरिमा सहित माधोसिंघाना से डॉ. नवनीत सरा, रानियां से डॉ. ओम प्रकाश कम्बोज, ऐलनाबाद से डॉ. जगतपाल, डॉ. इंदरजीत, डॉ. वीरेंद्र, चोपटा से डॉ. सिद्धांत आहूजा, चौटाला से डॉ. गौरव अरोड़ा, डबवाली से डॉ. सुखवंत सिंह, डॉ. सुदीप, डॉ. सुमित जैन, बड़ागुढ़ा से डॉ. बसमिंदर सहित जिले के सभी चिकित्सा अधिकारी शामिल रहे।
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हड़ताल की अध्यक्षता कर रहे डॉ. आरके दहिया व डॉ. विपुल गुप्ता ने चिकित्सकों को संबोधित करते हुए कहा कि लिंगानुपात एक जटिल सामाजिक-जनसांख्यिकीय मुद्दा है जो सामाजिक सोच, बेटों को प्राथमिकता, प्रवासी आबादी, जन्म-मृत्यु के क्षेत्रीय पैटर्न और कई प्रशासनिक-सामाजिक कारकों पर निर्भर करता है।
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इस बहु-कारकीय समस्या का सारा दोष एक डॉक्टर पर थोपना अन्यायपूर्ण और अवैज्ञानिक है। पेन डाउन स्ट्राइक के दौरान एसोसिएशन ने इसे तुगलकी फरमान करार देते हुए कड़ा विरोध जताया और चेतावनी दी कि ऐसे मनमाने आदेश स्वीकार नहीं किए जाएंगे। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि वे पीएनडीटी एक्ट के सख्त पालन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और समाज सेवा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैंं, लेकिन बिना जांच-पड़ताल और तथ्यों के किसी एक अधिकारी को दंडित करना उचित नहीं है। एसोसिएशन ने मांग की है कि सरकार निलंबन आदेश तत्काल वापस ले और लिंगानुपात सुधार के लिए वैज्ञानिक व तर्कसंगत नीति अपनाए।
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हड़ताल में जिलेभर के चिकित्सा अधिकारी शामिल रहे
हड़ताल में नागरिक अस्पताल सिरसा से डॉ. पवन, डॉ. राजेश चौधरी, डॉ. प्रतीक गोयल, डॉ. राहुल गर्ग, डॉ. बबीता (गाइनेकोलॉजिस्ट), डॉ. अनीषा, डॉ. गरिमा सहित माधोसिंघाना से डॉ. नवनीत सरा, रानियां से डॉ. ओम प्रकाश कम्बोज, ऐलनाबाद से डॉ. जगतपाल, डॉ. इंदरजीत, डॉ. वीरेंद्र, चोपटा से डॉ. सिद्धांत आहूजा, चौटाला से डॉ. गौरव अरोड़ा, डबवाली से डॉ. सुखवंत सिंह, डॉ. सुदीप, डॉ. सुमित जैन, बड़ागुढ़ा से डॉ. बसमिंदर सहित जिले के सभी चिकित्सा अधिकारी शामिल रहे।