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Sirsa News: दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने मुख्यमंत्री को दिया कथा का निमंत्रण
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शहर में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आयोजित होने वाली कथा के लिए सीएम नायब सिंह सैनी को
सिरसा। शहर में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वावधान में 5 सितंबर से 11 सितंबर को बहुत बड़े स्तर पर भागवत कथा ज्ञान यज्ञ होने जा रहा है। इसके निमंत्रण के लिए दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की तरफ से स्वामी उमेशानंद, स्वामी प्रेम प्रकाशनंद सोमवार को सीएम आवास पहुंचे। उन्होंने सीएम नायब सिंह सैनी को संस्थान की ओर से कथा निमंत्रण पत्र दिया गया और स्मृति चिन्ह भेंट किया।
मुख्यमंत्री इससे पूर्व भी संस्थान के बहुत से कार्यक्रमों में आ चुके हैं और इस बार भी उन्होंने आश्वासन दिया कि वे कथा में जरूर आएंगे। इस दौरान स्वामी उमेशानंद ने बताया कि हमारे ग्रंथों में कहा गया है, मानव इस सृष्टि का सबसे श्रेष्ठतम प्राणी है, इसीलिए इसे यह अपेक्षा भी की जाती है कि वह श्रेष्ठतम कार्य व्यवहार करें। अपने जीवन को सब प्रकार से स्वस्थ बनाए, इसे संपूर्णता प्रदान करें।
कठ उपनिषद् के अनुसार मनुष्य का जीवन मात्र इसके शरीर से संचालित नहीं है। यह शरीर तो एक रथ के समान है। इसमें आत्मा रूपी रथी विद्यमान है, जिसका सारथी बुद्धि एवं मन लगाम है। स्वस्थ जीवन केवल स्वस्थ शरीर पर कैसे निर्भर हो सकता है। संपूर्ण स्वास्थ्य तो तन और मन और आत्मा तीनों के समग्र विकास पर आधारित है।
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ऐसे ही आज मानव जीवन अपूर्ण विकास के कारण ही अनेकों व्याधियों का ग्रास बन बैठा है। आज हमारे समाज के अंदर बहुत सी कुरीतियां दिखाई देती है। जिस पर भी मुख्यमंत्री के साथ विचार-विमर्श किया गया। युवाओं के अंदर बढ़ते नशे की रोकथाम के लिए युवा वर्ग को जागृत करने के लिए भी आने वाले समय में सिरसा शहर के अंदर ऐसे बहुत से कार्यक्रम किए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री इससे पूर्व भी संस्थान के बहुत से कार्यक्रमों में आ चुके हैं और इस बार भी उन्होंने आश्वासन दिया कि वे कथा में जरूर आएंगे। इस दौरान स्वामी उमेशानंद ने बताया कि हमारे ग्रंथों में कहा गया है, मानव इस सृष्टि का सबसे श्रेष्ठतम प्राणी है, इसीलिए इसे यह अपेक्षा भी की जाती है कि वह श्रेष्ठतम कार्य व्यवहार करें। अपने जीवन को सब प्रकार से स्वस्थ बनाए, इसे संपूर्णता प्रदान करें।
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कठ उपनिषद् के अनुसार मनुष्य का जीवन मात्र इसके शरीर से संचालित नहीं है। यह शरीर तो एक रथ के समान है। इसमें आत्मा रूपी रथी विद्यमान है, जिसका सारथी बुद्धि एवं मन लगाम है। स्वस्थ जीवन केवल स्वस्थ शरीर पर कैसे निर्भर हो सकता है। संपूर्ण स्वास्थ्य तो तन और मन और आत्मा तीनों के समग्र विकास पर आधारित है।
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ऐसे ही आज मानव जीवन अपूर्ण विकास के कारण ही अनेकों व्याधियों का ग्रास बन बैठा है। आज हमारे समाज के अंदर बहुत सी कुरीतियां दिखाई देती है। जिस पर भी मुख्यमंत्री के साथ विचार-विमर्श किया गया। युवाओं के अंदर बढ़ते नशे की रोकथाम के लिए युवा वर्ग को जागृत करने के लिए भी आने वाले समय में सिरसा शहर के अंदर ऐसे बहुत से कार्यक्रम किए जाएंगे।