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‘मानवीय अभिव्यक्तियों का रसमय प्रदर्शन है नृत्य’

Wed, 28 Apr 2021 10:31 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 28 Apr 2021 10:31 PM IST
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'Dance is the performance of human expressions'
सिरसा। हर साल 29 अप्रैल को अंतराष्ट्रीय नृत्य दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य नृत्य के माध्यम से अपनी भावनाओं को प्रकट करना और लोगों का ध्यान नृत्य की ओर आकर्षित करना है। नृत्य मानवीय अभिव्यक्तियों का एक रसमय प्रदर्शन है। भारत में नृत्य की परंपरा सदियों पुरानी है। समय के साथ-साथ नृत्य ने भी आधुनिक रूप लेना शुरू कर दिया है। लेकिन कोरोना काल में नृत्य की विद्या को बचाना व कायम रखना नृत्य गुरुओं के लिए चुनौती से कम नहीं है। कोरोना काल में न ही नृत्य कक्षाएं लग पा रही हैं और न ही किसी कार्यक्रम में नृत्य हो रहा है।
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कुछ दिन पहले ही काम शुरू हुआ था। थोड़ी आस जगी थी, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर आ जाने से अब हालात बुरे हो चुके हैं। विद्या के साथ-साथ कलाकारों के लिए घर का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि मजदूरी करने का भी विकल्प हमारे पास नहीं है। पिछले कुछ दिनों में जो काम किया था उसकी पेमेंट करने में भी लोग आनाकानी कर रहे हैं। सरकार को कलाकारों के लिए कुछ करना चाहिए ताकि हमारे घर का गुजार चल सके। - भारत रेडू, हरियाणवी फॉक नृत्य निर्देशक, सीडीएलयू
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नृत्य एक ऐसी कला है जो मानव प्रकृति को दर्शाती है। नृत्य से हम अपनी भावनाओं को प्रकट कर सकते हैं। इसी लिए चाहे अच्छा वक्त हो या बुरा या आपातकालीन बच्चों के थिरकते कदम नहीं रुकते। मैं बच्चों को नृत्य सिखाती हूं। बच्चे हर पल नृत्य करने की विद्या खुद ब खुद जान लेते हैं। परंतु कोरोना काल में नृत्य गुरुओं के लिए कहीं न कहीं समस्या पैदा हो चुकी है चाहे वो नृत्य विद्या बचाने को लेकर हो या चाहे अपना घर चलाना हो। कोरोना माहमारी से सभी नृत्य कक्षाएं बंद हो चुकी हैं। - रीत मेहता, नृत्य गुरु
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कोरोना संक्रमण के कारण नृत्य विद्या को बचाना बहुत मुश्किल हो चुका है। मैं एक निजी अकादमी में बच्चों को आधुनिक नृत्य सिखाती हूं। कोरोना के कारण पिछले एक साल के बाद बच्चों से रूबरू होने का मौका मिला था, लेकिन एक बार फिर से वैसे ही हालात बन गए हैं। नृत्य चाहे पारंपरिक हो या आधुनिक इसकी विद्या को बचाना बेहद कठिन हो चुका है। वहीं कोरोना के कारण आर्थिक मार तो नृत्य गुरुओं पर पड़ी ही है। - ट्विंकल सोनी, युवा नृत्य गुरु
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