सिरसा: सोनीपत पुलिस पर लगाए अपहरण कर नौ करोड़ मूल्य के बिटक्वाइन ट्रांसफर करने के आरोप
धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया। सिरसा पुलिस ने सोनीपत के पुलिसकर्मियों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कर राजस्थान पुलिस को भेजी है। 9 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में सिरसा पुलिस ने आरोपी पकड़ा था। आरोप है कि सोनीपत पुलिस ने राजस्थान से किया शशिकांत का अपहरण, धमकी देकर ट्रांसफर करवाए बिटक्वाइन।
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हरियाणा की सिरसा शहर थाना पुलिस ने करीब नौ साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में राजस्थान निवासी भगोड़े शशिकांत को काबू किया। शुरुआती पूछताछ के दौरान आरोपी ने सोनीपत पुलिस कर्मचारियों पर गंभीर आरोपी लगाए हैं। आरोपी ने सोनीपत पुलिस कर्मियों पर आरोप लगाया कि उसका राजस्थान से अपहरण कर ले गए और करीब 9 करोड़ रुपये कीमत के 30 बिटक्वाइन ट्रांसफर करवा लिए। इस आधार पर शहर पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर राजस्थान की जयपुर पुलिस को ट्रांसफर कर दी है। वहीं दूसरी ओर आरोपी को धोखाधड़ी मामले में जेल भेज दिया है।
शहर थाना पुलिस को सूचना मिली कि वर्ष 2013 में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में भगोड़ा घोषित हो चुका शशिकांत इस समय शहर में घूम रहा है। इस सूचना पर पुलिस ने तुरंत दबिश दी और आरोपी को एलआईसी ऑफिस के पास चाय के ढाबे से पकड़ लिया।
पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी। लेकिन जब पुलिस ने पूछा कि वह सिरसा कैसे आया और यहां क्या कर रहा था तो आरोपी शशिकांत ने चौंकाने वाले खुलासे किए और सोनीपत पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
यूं बताई आप बीती, शहर पुलिस ने दर्ज की जीरो एफआईआर
धोखाधड़ी मामले में पुलिस की गिरफ्त में आए राजस्थान के सीकर जिले की नीम का थाना छावनी की ज्ञान विहार कॉलोनी निवासी शशिकांत शर्मा ने बताया कि सिरसा में उसे सोनीपत पुलिस के कर्मचारी छोड़कर गए हैं। शशिकांत ने बताया कि वह कई वर्षों से डिजिटल क्रिप्टो करेंसी का काम करता है। इसी कारण वह सोनीपत पुलिस के एएसआई शिव कुमार और मोनू का जानता भी है। वह 22 जनवरी को जयपुर की ओबीसी कॉलोनी में था। इसी दौरान काले रंग की स्कॉर्पियो व एक अन्य गाड़ी में आए शिव कुमार व मोनू ने उसका व दोस्त गौरव का अपहरण कर लिया और सोनीपत ले गए।
आरोप है कि रास्ते में उसके साथ मारपीट भी की गई। आरोपियों ने उन्हें एक फार्म हाउस में बंधक बनाकर रखा और बिटक्वाइन ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। इस पर उसने अपनी पत्नी को बोलकर किसी अन्य के खाते में 30 बिटक्वाइन ट्रांसफर करवा दिए। इसके बाद वे दोनों को सिरसा छोड़ गए। शशिकांत की शिकायत आधार पर शहर पुलिस ने शिवकुमार और मोनू के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की और राजस्थान की जयपुर पुलिस को ट्रांसफर कर दी। अब आगे की कार्रवाई राजस्थान पुलिस करेगी। पूछताछ के बाद गौरव को पुलिस ने छोड़ दिया।
वर्ष 2013 में शशिकांत के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। जिसमें वह भगोड़ा था। सूचना के आधार पर पुलिस ने शशिकांत को गिरफ्तार किया था और पूछताछ में उसने सोनीपत के पुलिस कर्मचारियों पर अपहरण कर मारपीट करते हुए बिटक्वाइन ट्रांसफर करवाने के आरोप लगाए हैं। इस आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज कर राजस्थान पुलिस को भेज दी है। आरोपी को जेल भेज दिया है आगे की कार्रवाई राजस्थान पुलिस करेगी। - विक्रम सिंह, शहर थाना प्रभारी, सिरसा।